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	<title>HP Geology Department Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>हिमाचल प्रदेश उद्योग विभाग ने कड़े किए नियम, खनन किया तो 2 साल तक की कैद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Sep 2016 11:46:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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		<category><![CDATA[HP district Mining Officials]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल में गैर कानूनी तरीके से खनन किया तो दो साल तक की कैद हो सकती है। हिमाचल प्रदेश उद्योग विभाग की भू-विज्ञान विंग ने इसके लिए नियमों को कड़ा कर दिया है। विभाग ने इसके लिए विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है। इसके लिए रोजाना आधार पर उन्हें एक [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल में गैर कानूनी तरीके से खनन किया तो दो साल तक की कैद हो सकती है। हिमाचल प्रदेश उद्योग विभाग की भू-विज्ञान विंग ने इसके लिए नियमों को कड़ा कर दिया है। विभाग ने इसके लिए विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है। इसके लिए रोजाना आधार पर उन्हें एक रिपोर्ट भी देनी होगी।</p>
<p>सीमा क्षेत्रों में सायं आठ से सुबह छह बजे के बीच कच्चे माल को लाते वाहनों की आवाजाही तक प्रतिबंधित की गई है। मुख्यालय स्तर पर भी भू विज्ञानियों की तीन फ्लाइंग स्क्वायड की तैनाती की गई है। ये प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण करेंगी। ये स्कवायड विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी करेंगी। यह जानकारी उद्योग विभाग के निदेशक अमित कश्यप ने दी है।</p>
<p>राज्य उद्योग विभाग के निदेशक अमित कश्यप ने सभी एसडीएम, माइनिंग अधिकारी, डीएफओ से अनुरोध किया गया है कि वे ऐसे सभी रास्तों को चिन्हित करें, जहां से अवैध खनन हो रहा है। ये पत्थर, बजरी और रेत का अवैध खनन रोकेंगे। सभी उपायुक्तों के इसके लिए लोक निर्माण विभाग में कमेटी बनाने को भी कहा गया है।</p>
<p>सभी उपायुक्तों को मासिक बैठकें लेने को भी कहा गया है। डीजीपी के सामने भी आवश्यक पुलिस सहयोग के लिए ये मामला उठाया गया है। खासकर उन्हें रात के समय सहयोग करने को कहा गया है। नए नियमों को भी अधिसूचित किया गया है। इसमें दो साल तक की कैद और 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।</p>
<p>हालांकि, पिछले कुछ समय में ये पाया गया है कि ऐसी गतिविधियों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। विभाग ने निरीक्षण प्रणाली को पहले से अधिक दुरुस्त कर लिया है। हर अधिकारी फील्ड में इंस्पेक्शन करेंगे। वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी दैनिक आधार पर जानकारी देंगे।</p>
<p>नियमित निरीक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। माइनिंग गार्ड, सहायक माइनिंग निरीक्षक और माइनिंग निरीक्षक इस बारे में दैनिक आधार पर रिपोर्ट देंगे। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई एक बैठक में भी ये तमाम मसले उठाए गए हैं।</p>
<p><strong>जल्दी चिन्हित होंगी नई साइटें</strong><br />
प्रदेश में गैर कानूनी खनन का एक कारण ये भी है कि राज्य में अवैध खनन से मांगों को पूरा नहीं किया जा पा रहा है। विभाग ने राज्य में कई साइटों का चयन किया है। टेंडर और ऑक्शन से ये लीज पर दी जाएंगी। ये सरकार को रॉयल्टी भी देंगी।</p>
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