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	<title>Eco-Friendly Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Eco-Friendly Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>ऊना के युवा उद्यमी ने मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से बनाई जैविक अगरबत्ती, न चारकोल, न सिंथेटिक रसायन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/28/una-startup-develops-organic-incense-from-offered-flowers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Apr 2019 09:31:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन-जल्द ही लोग बाज़ार से धार्मिक स्थलों पर चढ़ाए गए फूलों से तैयार शुद्ध जैविक अगरबत्ती खरीद पाएगें। ऊना के युवा उद्यमी रविंदर प्राशर ने अपने ‘युवान’ अभियान के तहत डॉ वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के वैज्ञानिकों के तकनीकी मार्गदर्शन में मंदिरों में चढ़ने वाले पवित्र फूलों से जैविक अगरबत्ती विकसित की [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन-</strong>जल्द ही लोग बाज़ार से धार्मिक स्थलों पर चढ़ाए गए फूलों से तैयार शुद्ध जैविक अगरबत्ती खरीद पाएगें। ऊना के युवा उद्यमी रविंदर प्राशर ने अपने ‘युवान’ अभियान के तहत डॉ वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के वैज्ञानिकों के तकनीकी मार्गदर्शन में मंदिरों में चढ़ने वाले पवित्र फूलों से जैविक अगरबत्ती विकसित की है।</p>
<p>मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के तहत समर्थित इस आइडिया का उद्देश्य पूजा स्थलों पर भक्तों द्वारा चढ़ाए गए फूलों के निपटान की समस्या का एक समाधान प्रदान करना है। इसके अलावा,धार्मिक स्थलों और समारोह में इस्तेमाल होने वाले इन फूलों को भी अगरबत्ती में बदलकर एक नया रूप मिल जाता है और यह व्यर्थ नहीं होते।</p>
<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12658" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks.jpg" alt="Dr HC Sharma, UHF VC launching the organic incense sticks" width="987" height="606" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks.jpg 987w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks-300x184.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks-768x472.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks-356x220.jpg 356w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks-696x427.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks-684x420.jpg 684w" sizes="(max-width: 987px) 100vw, 987px" /></a></p>
<p>बिट्स पिलानी से अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी कर चुके रविंदर ने एमबीए के अंतिम सेमेस्टर के दौरान- युवान वेंडरस के नाम से कंपनी को पंजीकृत किया था। इसके बाद उन्होंने अपने इस आइडिया को लेकर मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप योजना में आवेदन किया और अनुमोदन पर नौणी विवि के फ्लॉरिकल्चर और लैंडस्केप आर्कीटेकचर विभाग उन्हें इनक्यूबेटर के रूप में आवंटित किया गया। विश्वविद्यालय में उन्होनें अपने मैंटर डॉ भारती कश्यप, डॉ वाईसी गुप्ता और डॉ मनोज वैद्य के वैज्ञानिक इनपुट और सलाह से इस अगरबती का विकास किया गया। उत्पाद का परीक्षण विश्वविद्यालय के फ्लोरल क्राफ्ट लैब में किया गया।</p>
<p>इस प्रक्रिया में फूलों से प्राकृतिक भागों और आवश्यक तेलों का उपयोग किया जाता है ताकि जैविक अगरबती तैयार की जा सके। इसमें कोई चारकोल या किसी अन्य सिंथेटिक रसायन नहीं डाले जाते। इसके अलावा अगरबती बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह से कार्बन नेऊट्रल है क्योंकि इस प्रक्रिया से कोई अपशिष्ट उत्पन्न नहीं होता है और यहां तक ​​कि फूलों के अप्रयुक्त भागों का उपयोग कंपोस्ट खाद बनाने के लिए किया जा रहा है। कंपनी ने गुलाब, चन्दन और लैवेंडर सहित पांच तरह की अगरबती का विकास किया है जो ग्राहकों को बाज़ार में जून से उपलब्ध होंगी।</p>
<p>विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एचसी शर्मा ने हाल ही में रोज़ फेस्टिवल के दौरान इस अगरबत्ती का प्रमोचन किया। रविंदर ने इस उत्पाद को बनाने में उनके मार्गदर्शन और समर्थन करने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप योजना, विश्वविद्यालय और इसके वैज्ञानिकों और अपने परिवार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके ‘युवान’ अभियान का उद्देश्य मंदिरों में चढ़ाए गए पवित्र फूलों को खुले क्षेत्रों और नालों में फेंकने का एक विकल्प प्रदान करना है।  विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एचसी शर्मा ने रविंदर और विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि युवा उद्यमियों को नवीनतम विचारों के साथ आगे आते देखना बहुत ही सराहनीय है।</p>
<p>इन नए विचारों से न केवल नए रोजगार मिलते हैं बल्कि समाज की कई समस्याओं का भी समाधान होता है। डॉ शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय नियमित रूप से किसानों को सूचना के प्रसार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से नए उद्यम स्थापित करने में मदद करता है और भविष्य में भी इस तरह की पहल का समर्थन करता रहेगा। उनके अनुसार कृषि पेशे को और अधिक सम्मान देने के लिए लोगों, विशेष रूप से युवाओं को, इस क्षेत्र में उद्यमिता अपनानी होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री की स्टार्टअप योजना में संभावित उद्यमियों को व्यावहारिक ज्ञान,अभिविन्यास प्रशिक्षण और उद्यमी मार्गदर्शन दिया जाता है। मेजबान संस्थान द्वारा परियोजना की सिफारिश और अधिकारित समिति द्वारा अनुमोदित किए जाने के बाद एक वर्ष के लिए मासिक समर्थन भत्ता भी दिया जाता है। वर्ष 2017 में नौणी विवि में इस योजना के तहत एक इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया था। इनक्यूबेशन सेंटर सलाहकार सेवाएं प्रदान करके स्टार्टअप और नवाचार का समर्थन करते हैं और इसकी प्रयोगशालाओं और सुविधाओं को भी मुफ्त में इस्तेमाल किया जा सकता है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/28/una-startup-develops-organic-incense-from-offered-flowers/">ऊना के युवा उद्यमी ने मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से बनाई जैविक अगरबत्ती, न चारकोल, न सिंथेटिक रसायन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>कुल्लू: यत्न संस्था ने बिजली महादेव मंदिर क्षेत्र में चलाया सफाई अभियान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 Aug 2013 17:08:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Bijli Mahadev]]></category>
		<category><![CDATA[Eco-Friendly]]></category>
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		<category><![CDATA[NGO]]></category>
		<category><![CDATA[plastic waste]]></category>
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<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/08/07/%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%82-%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%9c/">कुल्लू: यत्न संस्था ने बिजली महादेव मंदिर क्षेत्र में चलाया सफाई अभियान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="http://himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/08/yatn-ngo-kullu.jpg"><img decoding="async" src="http://himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/08/yatn-ngo-kullu.jpg" alt="yatn-ngo-kullu" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-10838" /></a></p>
<p>कुल्लू से सड़क द्वारा 10 किलोमीटर तथा 3-4 किलोमीटर पैदल यात्रा कर हम जिस स्थान पर पहुँचते है वह जगह देश वह विदेशों में शिव भगवन के मन्दिर बिजली महादेव के नाम से प्रसिद्ध है।बिजली महादेव का नाम हमारे होठों में आते हे हमारा मन श्रधा वह उत्साह से भर जाता है।हो क्यूँ ना। ये जगह है ही इतनी सुंदर और पवित्र की यहाँ बार-बार आने का मन करता है।यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य कुल्लू वासियों वह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है्‌.. .इसीलिए जो एक बार यहाँ आता है वह बार -बार यहाँ आना चाहता है।</p>
<p>लेकिन पिछले कुछ समय से यहाँ की प्रकृति के साथ जिस प्रकार खिलवाड़ हो रहा है वह बहुत चिंतनीय है।2438 मीटर की ऊँचाई में होने के कारण साफ़ सफाई की वयवस्था हेतु कोई उचित प्रबंधन नहीं है।सावन महीने अगस्त वह सितम्बर महीने में लाखों के हिसाब से देसी वह परदेसी लोग यहाँ आते है।</p>
<p><a href="http://himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/08/BijliMahadevClean-Up-Campaign.jpg"><img decoding="async" src="http://himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/08/BijliMahadevClean-Up-Campaign.jpg" alt="BijliMahadevClean-Up-Campaign" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-10836" /></a></p>
<p>यत्न द्वारा पिछले साल भी यहाँ एक सफाई अभियान चला के लोगों को जागरूक किया था जिसका काफी सकारात्मक परिणाम देखने को मिला था और स्तिथि काफी बदली थी।हमारी टीम इस बार फिर से इस समस्या पे काम कर रही है .पिछले वर्ष संस्था द्वारा एक रिपोर्ट भी बनाई गई थी जिसे पिछले उपायुक्त अमिताभ अवस्थी जी को सोंपा गया था।उसके बाद उनके बदली होने के बाद नए उपायुक्त शरभ नेगी ने इसपे कुछ करने का आश्वासन दिया था लेकिन उनका भी तबादला हो गया था।नए उपायुक्त  राकेश कँवर से भी संस्था का दल 2 बार मिल चूका है लेकिन प्रशासन के और से कोई सहायता संस्था को नहीं मिली।क्यूंकि यह परिसर वह मन्दिर के लिए रास्ता वन से हो कर गुज़रता है इसलिए हमारा एक दल ने वन विभाग के DFO कुल्लू B.L Negi के साथ बैठक की जिसके परिणाम स्वरूप वह स्वयम मन्दिर परिसर गए और वहां उन्होंने मन्दिर कमेटी  से सफाई व्यवस्था  दुरुस्त करने की  हिदायत दी।परिणाम स्वरुप इस बार भंडारों में प्लास्टिक की प्लेटों की जगह पत्तों की पतलियां इस्तेमाल करेंगे।उन्होंने दुकानदारों के साथ भी बैठक की तथा उन्हें चेतावनी दी यदि गन्दगी इस बार भी इसी तरह फ़ैली तो उनकी अस्थायी दुकानों को बंद करवा दिया जायेगा।पिछली बार से इस बार लोग जागरूक है।हर दुकानदार ने कूड़ेदान लगाया है और सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।</p>
<p><a href="http://himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/08/BijliMahadev-Kullu.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/08/BijliMahadev-Kullu.jpg" alt="BijliMahadev-Kullu" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-10837" /></a></p>
<p>वहां पे किस तरह से साफ सफाई को प्रशासन वह शासन द्वारा ठीक रखा जा सके और जो नहीं गलने सड़ने वाला कूड़ा है उसे किस प्रकार वहां से उठा के लाया जा सके।किस प्रकार लोगों को उनकी जिमेवारी का एहसास दिलाया जा सके।इसके लिए संस्था पिछले वर्ष से प्रयासरत है।इस बार लोगों को यत्न garbage bag बांटें जा रहे है जिसमे वह अपना कूड़ा उठा के ले जा सकें तथा आनन फानन से भी कूड़ा उठा के ले जा सके। पिछले वर्ष के तरह इस बार भी लोगों को जागरूक करने के साथ अस्थायी कुड़ेदानो को लगाया गया है।जिनको खाली  करने की  व्यवस्था सथानीय युवक मंडल वह संस्था के स्वयमसेवको द्वारा की  जायेगी।स्थानीय भाषाओँ में बेनर,पोस्टर तथा पैम्फलेट भी  बांटे जा रहे है।इस अभियान में युवाओं को भी जोड़ा जा रहा है।सोशल नेटवर्किंग फेसबुक द्वारा युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में काम करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।अभी तक 100 के करीब युवाओं ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है संस्था के साथ इस काम को करने के लिए। इस पुरे अभियान में लगने वाले सारे खरचे को बिना किसी सरकारी मदद के  लोगों से donation के रूप में इकठह करके किया जा रहा है।संस्था सरकार से आने वाले समय में धार्मिक स्थलों विशेषकर जो काफी ऊँचाई पे है के कूड़ा प्रबंधन के लिए विशेष योजना बनाने का अग्रेह करेगी।</p>
<p>यत्न के इस प्रयत्न को आपके समाचार माध्यम द्वारा हम ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाना चाहते है ताकी लोगों में हमारे धार्मिक स्थलो के रास्तों वह हमारी वन संपदाओं को बचाने के लिए जागरूकता आ सके।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/08/07/%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%82-%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%9c/">कुल्लू: यत्न संस्था ने बिजली महादेव मंदिर क्षेत्र में चलाया सफाई अभियान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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