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	<title>baddi Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>baddi Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>बद्दी: 5,000 रुपए रिशवत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा फॉरेस्ट गार्ड</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/18/baddi-forest-guard-caught-red-handed-with-accepting-bribe/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 05:56:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन :  वन विभाग में रिश्वतखोरी का एक और मामला सामने आया है जो विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में विजिलैंस विभाग की टीम ने एक फॉरेस्ट गार्ड को 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। बताया जा रहा है कि आरोपी नालागढ़ वन विभाग [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन </strong><strong>: </strong> वन विभाग में रिश्वतखोरी का एक और मामला सामने आया है जो विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में विजिलैंस विभाग की टीम ने एक फॉरेस्ट गार्ड को 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। बताया जा रहा है कि आरोपी नालागढ़ वन विभाग के तहत दभोटा बीट में तैनात था। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी विजिलेंस थाना बद्दी की टीम ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए वन विभाग के एक अन्य फॉरेस्ट गार्ड को पकड़ा था।</p>
<p><strong>पेड़ कटान के मामले को रफा-दफा करने के लिए मांगी रिशवत</strong></p>
<p>शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि फॉरेस्ट गार्ड ने पेड़ कटान से जुड़े एक मामले को रफा-दफा करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने तुरंत इसकी सूचना विजिलैंस थाना बद्दी को दी। डीएसपी विजिलैंस डॉ. प्रतिभा चौहान के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई गई। जैसे ही आरोपी फॉरेस्ट गार्ड ने शिकायतकर्ता से 5,000 रुपए रिशवत स्वीकार किए, विजिलैंस की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ा और रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।</p>
<p><strong>आज कोर्ट में पेश होगा आरोपी </strong></p>
<p>आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विजिलैंस विभाग आरोपी फॉरेस्ट गार्ड को आज स्थानीय अदालत में पेश करेगा। जांच अधिकारी अदालत से आरोपी के रिमांड की मांग करेंगे। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या आरोपी फॉरेस्ट गार्ड पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल था या नहीं।</p>
<p>बद्दी में वन विभाग में रिश्वतखोरी का यह दूसरा बड़ा मामला सामने आया है जो वन विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>
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		<title>सोलन: बद्दी में चार स्पा सेंटरों पर पुलिस की छापेमारी, 17 युवतियां रेस्क्यू, 6 आरोपियों पर मामला दर्ज</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/14/baddi-police-raid-four-spa-centres-in-baddi-17-women-rescued/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Feb 2026 05:12:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[baddi]]></category>
		<category><![CDATA[Human Trafficking]]></category>
		<category><![CDATA[Solan]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन : शुक्रवार को बद्दी पुलिस ने दावत चौक पर स्थित चार स्पा सेंटरों पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार लंबे समय से इन स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार का अवैध धंधा चलाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। कार्रवाई के दौरान कुल 17 युवतियों को रेस्क्यू किया गया है और [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन :</strong> शुक्रवार को बद्दी पुलिस ने दावत चौक पर स्थित चार स्पा सेंटरों पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार लंबे समय से इन स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार का अवैध धंधा चलाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। कार्रवाई के दौरान कुल 17 युवतियों को रेस्क्यू किया गया है और मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।</p>
<p><strong>गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई</strong></p>
<p>एसपी विनोद धीमान ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ स्पा सेंटरों में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के आधार पर अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया और सुनियोजित अभियान चलाया गया।</p>
<p><strong>चार स्पा सेंटरों में छापेमारी</strong></p>
<p>अभियान के तहत बद्दी के दावत चौक के पास बिग बी कॉम्प्लेक्स में संचालित</p>
<ol>
<li>ए वन स्पा सेंटर</li>
<li>द गेटवे स्पा एंड सैलून सेंटर</li>
<li>द रिलीफ स्पा सेंटर</li>
<li>जन्नत सैलून एंड स्पा सेंटर</li>
</ol>
<p>पर छापेमारी की गई। पुलिस ने चारों स्पा सेंटरों से 17 युवतियों को रेस्क्यू किया, जिन्हें विधिसम्मत प्रक्रिया के बाद उनके परिजनों के हवाले किया जा रहा है।</p>
<p><strong>6 </strong><strong>आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज</strong></p>
<p>पुलिस थाना बद्दी में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत 6 आरोपियों के खिलाफ चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। एसपी विनोद धीमान ने सपष्ट करते हुए कहा कि पुलिस जिला में किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/14/baddi-police-raid-four-spa-centres-in-baddi-17-women-rescued/">सोलन: बद्दी में चार स्पा सेंटरों पर पुलिस की छापेमारी, 17 युवतियां रेस्क्यू, 6 आरोपियों पर मामला दर्ज</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>हिमाचल प्रदेश की औद्योगिक परियोजनाओं के लिए 200 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाएगी केन्द्र सरकार</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2014/01/12/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%bf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Jan 2014 18:35:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Anand Sharma]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#8220;केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं के लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये की केन्द्रीय सहायता उपलब्ध करवाएगा&#8221; उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमण्डल ने आज नई दिल्ली स्थित उद्योग भवन में केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनन्द शर्मा से भेंट [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2014/01/12/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%bf/">हिमाचल प्रदेश की औद्योगिक परियोजनाओं के लिए 200 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाएगी केन्द्र सरकार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2014/01/Union-Govt-to-provide-200-crore-for-Industrial-projects-in-Himachal-Pradesh.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2014/01/Union-Govt-to-provide-200-crore-for-Industrial-projects-in-Himachal-Pradesh.jpg" alt="Union-Govt--to-provide-200-crore-for-Industrial-projects-in-Himachal-Pradesh" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-1153" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2014/01/Union-Govt-to-provide-200-crore-for-Industrial-projects-in-Himachal-Pradesh.jpg 620w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2014/01/Union-Govt-to-provide-200-crore-for-Industrial-projects-in-Himachal-Pradesh-300x217.jpg 300w" sizes="(max-width: 620px) 100vw, 620px" /></a><br />
&#8220;केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं के लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये की केन्द्रीय सहायता उपलब्ध करवाएगा&#8221;</p>
<p>उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमण्डल ने आज नई दिल्ली स्थित उद्योग भवन में केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनन्द शर्मा से भेंट कर प्रदेश में कार्यान्वित विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं एवं प्रस्तावित नई परियोजनाओं पर विचार विमर्श किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं के लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये की केन्द्रीय सहायता उपलब्ध करवाएगा। </p>
<p>उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि बैठक में संशोधित औद्योगिक अधोसरंचना उन्नयन योजना के अन्तर्गत 218 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कांगड़ा जिले के कंदरौरी तथा ऊना जिला के पंडोगा में दो नए श्रेष्ठ औद्योगिक नगरों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन दो नगरों के विकास के लिए केन्द्र द्वारा 100 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगीए जिसे इस वित्त वर्ष के दौरान जारी किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने बद्दी में निर्यात माल गोदामए निर्यात समूह बद्दी में सघन फार्मा जांच प्रयोगशाला स्थापित करनेए बद्दी में एक्सपोर्ट प्रमोशन पार्क में पावर ग्रिड के स्तरोन्यन तथा सिरमौर जिला के काला अम्ब में काॅमन एफ्लयूेंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए एएसआईडीई योजना के अन्तर्गत 72.17 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक अधोसरंचना परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की।  </p>
<p>अग्निहोत्री ने कहा कि केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने शिमला जिला के गुम्मा में 15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एचपीएमसी द्वारा 10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के एप्पल जूस कंसंट्रेट प्लांट स्थापित करने तथा परवाणू में 12 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एचपीएमसी के वर्तमान एप्पल जूस कंसंट्रेट प्लांट को स्तरोन्नत करने को भी स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहतए परवाणू में एचपीएमसी इकाई की क्रशिंग क्षमता को 10 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 20 हजार मीट्रिक टन वार्षिक किया जाएगा। इन इकाइयों को स्थापित करने से सरकार द्वारा हर वर्ष मण्डी मध्यस्थता योजना के अन्तर्गत राज्य में उत्पादित समूचे सेब का प्रापण भी सुनिश्चित होगा। बैठक में शिमलाए हमीरपुर तथा चम्बा जिलों में सीए स्टोरए पैकेजिंग हाउसिज एवं सब्जी प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए एचपीएमसी द्वारा प्रेषित अन्य परियोजनाओं पर भी विचार करने का निर्णय लिया गया। कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां तथा ऊना जिले में भी इस तरह की इकाइयां स्थापित करने को भी सैद्धांतिक तौर पर सहमति प्रदान की गई है। </p>
<p>उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जैविक उत्पाद प्रमाणीकरण एजेंसी को स्थापित करने के लिए ऐपेडा वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाएगा। ऐपेडा निर्यात उद्देश्य के लिए विभिन्न देशों में उत्पादों के पंजीकरण के लिए एचपीएमसी को 50 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क भी उपलब्ध करवाएगा। वाणिज्य मंत्रालय राज्य की अनुकूल पारिस्थितिकीय के दृष्टिगत प्रदेश में वाईनरी स्थापित करने की क्षमता के मद्देनजर हमीरपुर, कुल्लू,लाहौल स्पीति जिलों के संभावित क्षेत्रों में शराब उत्पादन इकाइयों के साथ-साथ वाईनरीज स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए प्रदेश सरकार को मद्द देगा। संख्याः 31/2014 .2. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नादौन में स्पाइस पार्क स्थापित करने के लिए 10 एकड़ भूमि स्पाइस बोर्ड को देने का निर्णय लिया गया है तथा हमीरपुर जिले में आगामी फरवरी माह के दौरान 17 करोड़ रुपये की लागत से स्पाइस पार्क की आधारशिला रखी जाएगी। </p>
<p>केन्द्र सरकार ने कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां में 10 करोड़ रुपये की लागत से फल एवं सब्जी प्रसंस्करण इकाई के वित्त पोषण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इस इकाई को स्थापित करने के लिए एचपीएमसी निर्धारित समयावधि में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्रालय ने केन्द्रीय निवेश उपदान प्राप्त करने के लिए पर्यटन सम्बन्धी परियोजनाओं के पूर्व पंजीकरण के सम्बन्ध में एक बार छूट प्रदान करने को भी सहमति प्रदान की है। प्रदेश सरकार इस सम्बन्ध में शीघ्र ही विस्तृत प्रस्ताव प्रेषित करेगी। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री ने केन्द्रीय निवेश उपदान के अन्तर्गत लम्बित देनदारियों को पूरा करने के लिए 25 करोड़ रुपये जारी करने तथा केन्द्रीय परिवहन उपदान के अन्तर्गत 36.83 करेाड़ रुपये जारी करने को भी सहमति प्रदान की है। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री ने चाय बागान यांत्रिकरण के लिए विशेष परियोजना तथा कांगड़ा जिले के विकास के लिए 561.76 लाख रुपये प्रदान करने को भी स्वीकृति प्रदान की है। </p>
<p>पालमपुर में कांगड़ा टी म्यूजियम को स्थापित करने के लिए 1.2 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। केन्द्र सरकार,अनुकूल काॅफी उत्पादन क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिए सर्वेक्षण पर प्रदेश सरकार को सहायता देगी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय निवेश उपदान के विस्तार के लिए प्रदेश सरकार का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के विचाराधीन है, जिसके लिए शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है।  अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न भागों में अंगूर की खेती एवं प्रसंस्करण के लिए नैदानिक अध्ययन करवाने का भी निर्णय लिया गया है ताकि निर्यात उद्देश्य के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की शराब का उत्पादन किया जा सके। इसके लिए प्रदेश को वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी। भारतीय विदेश व्यापार संस्थान का क्षेत्रीय केन्द्र को भी स्वीकृति प्रदान की गई हैए जो अप्रैलए 2014 से कार्य करना आरम्भ कर देगा। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2014/01/12/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%bf/">हिमाचल प्रदेश की औद्योगिक परियोजनाओं के लिए 200 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाएगी केन्द्र सरकार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>राज्य के राष्ट्रीय उच्च मार्गों की मुरम्मत और रखरखाव के लिए केंद्र सरकार से की धनराशि कि मांग</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2013/07/22/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%89%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%ae/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jul 2013 18:10:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#8220;केंद्र सरकार से प्रदेश के 1235. 875 किलोमीटर लम्बाई के 9 नए मार्गों को राष्ट्रीय उच्च मार्ग घोषित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इनमें से पांच मार्गों का मामला केंद्रीय भूतल परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्रालय से काफी लम्बे समय से उठाया जा रहा था ए जिसकी सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/07/22/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%89%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%ae/">राज्य के राष्ट्रीय उच्च मार्गों की मुरम्मत और रखरखाव के लिए केंद्र सरकार से की धनराशि कि मांग</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/07/NH22+Kalka+hwy2.jpg"><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/07/NH22+Kalka+hwy2.jpg" alt="NH22+Kalka+hwy2" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-964" /></a></p>
<h3>&#8220;केंद्र सरकार से प्रदेश के 1235. 875 किलोमीटर लम्बाई के 9 नए मार्गों को राष्ट्रीय उच्च मार्ग घोषित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इनमें से पांच मार्गों का मामला केंद्रीय भूतल परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्रालय से काफी लम्बे समय से उठाया जा रहा था ए जिसकी सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं, और अब अंतिम स्वीकृति शेष है, और इसके साथ ही राज्य के राष्ट्रीय उच्च मार्गों की मुरम्मत और रखरखाव के लिए केंद्र सरकार से की धनराशि कि मांग की गई है&#8221;</h3>
<p>वीरभद्र सिंह आज यहां केंद्रीय भूतल परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्री  आस्कल फर्नांडिज के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन पांच राष्ट्रीय उच्च मार्गों में 59.775 किलोमीटर लम्बा हमीरपुर-सुजानपुर-पालमपुर मार्ग, 111. 80 किलोमीटर लम्बा ब्रह्मपुखर- बिलासपु- घुमारवीं-सरकाघाट -लडभडोल -बैजनाथ मार्ग , 133 किलोमीटर लम्बा भरमौर-चम्बा- डलहौजी-पठानकोट मार्ग , 106. 400 किलोमीटर लम्बा तारादेवी-जुब्बड़हट्टी- कुनिहार-रामशहर- नालागढ़- घनौली  (हिमाचल प्रदेश की सीमा तक) और 83.90 किलोमीटर लम्बा चण्डीगढ़ -पीजीआई ; बद्दी -पंजाब पोखरन-नालागढ़-रामशहर-अर्की-शालाघाट मार्ग शामिल हैं। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने चार महत्वपूर्ण राज्य मार्गों को राष्ट्रीय उच्च मार्ग के रूप में स्तरोन्नत करने का आग्रह किया। इनमें 250 किलोमीटर लम्बा किरतपुर-नंगल-भाखड़ा- बंगाणा-नदौन-संधोल-रिवाल्सर-नेरचैक मार्ग, 115 किलोमीटर लम्बा नारकंडा- बाघी-खदराला-सुंगरी- रोहड़ू -हाटकोटी मार्ग, 180 किलोमीटर लम्बा धनोटू -जयदेवी-रोहांडा-चुराग- ततापानी .</p>
<p>वीरभद्र सिंह ने कहा कि शिमला से कांगड़ा तक जाने वाला 197 किलोमीटर लम्बा राष्ट्रीय उच्च मार्ग  88 महत्वपूर्ण मार्ग है और इसपर यातायात का भारी दबाव रहता है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग को फोर लेन मार्ग बनाया जाना चाहिए। यह मार्ग न केवल प्रदेश के पांच जिलों से होकर गुजरता है बल्कि हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में इसी वर्ष मई में उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री सी. पी. जोशी को पत्र लिखा था। उन्होंने गरामोड़ा से घाघस तक राष्ट्रीय उच्च मार्ग 21 की मुरम्मत और रखरखाव के लिए अधिक धनराशि उपलब्ध करवाने की मांग करते हुए कहा कि यह मार्ग देश के मुख्य पर्यटक स्थलों मण्डी, कुल्लू और मनाली तक जाता है। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश में हवाई और रेल नेटवर्क अपर्याप्त होने के कारण सड़कें ही संचार का मुख्य साधन हैं। प्रदेश में वर्तमान में सड़कों की कुल लम्बाई 32000 किलोमीटर है, जिसमें से राष्ट्रीय उच्च मार्गों की लम्बाई केवल 1553 किलोमीटर है। प्रदेश में राज्य उच्च मार्गों की लम्बाई लगभग 1500 किलोमीटर, मुख्य जिला मार्ग की लम्बाई 2139 किलोमीटर है। प्रदेश में अधिकांश मार्ग ग्रामीण मार्ग हैं, जिनकी कुल लम्बाई 27049 किलोमीटर है। उन्होंने राष्ट्रीय उच्च मार्गों के अन्तर्गत और अधिक सड़कों को शामिल व स्तरोन्नयन करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उच्च मार्गों के रखरखाव के लिए और अधिक धनराशि उपलब्ध करवाने की मांग की। </p>
<p>वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण प्रदेश में काफी नुकसान हुआ है तथा सड़कों को भारी क्षति पहुंची है। केवल सड़कों को ही 1000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 4394 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा अधिकांश नुकसान किन्नौर जिले में हुआ है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग की वैकल्पिक एलाईनमेंट को पुराने हिन्दुस्तान.तिब्बत मार्ग के साथ बहाल किया जाए, क्योंकि इस मार्ग का विशेष सामरिक महत्व है।<br />
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के समक्ष अनेक मार्ग वन स्वीकृति के लिए लंबित पड़े हैं। पहाड़ी प्रदेश होने के कारण प्रदेश के अधिकांश भाग वनांछादित हैं और लोगों को इस कारण समस्या पेश नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत पांच हैक्टेयर वन भूमि तक स्वीकृति प्रदान करने की शक्तियां राज्य को मिलनी चाहिए। इससे वन संरक्षण अधिनियम के तहत स्वीकृति प्रदान करने के कार्य में तेजी आएगी। इस अधिनियम के तहत स्वीकृति मिलने में सामान्य तौर पर एक से दो वर्ष लगते हैं। </p>
<p>केंद्रीय भूतल परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्री  आस्कर फर्नांडीज ने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि पांच राष्ट्रीय उच्च मार्गों की स्वीकृति शीघ्र प्रदान कर दी जाएगी और चार अन्य मार्गों को राष्ट्रीय उच्च मार्गों के तौर पर स्तरोन्नत करने पर प्राथमिकता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नगरोटा-रानीताल-मुबारकपुर और पांवटा साहिब-शिलाई-हाटकोटी मार्ग को राष्ट्रीय उच्च मार्ग बनाएगी। प्रदेश के दुरूह मौसम को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय उच्च मार्गों के रखरखाव और मुरम्मत के लिए समुचित धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमें किरतपुर-नेरचैक( राष्ट्रीय उच्च मार्ग 21) शामिल है, जबकि शिमला-कांगड़ा राष्ट्रीय उच्च मार्ग को स्तरोन्नत कर फोर लेन करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।</p>
<p>फर्नांडीज ने कहा कि 23 जुलाई , 2013 को हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए एक केंद्रीय दल आ रहा है। केंद्रीय दल की रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद हिमाचल प्रदेश को पुनर्बहाली के लिए सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। </p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय से संबंधित विभिन्न समस्याओं को समझने और सुलझाने के लिए अनेक राज्यों का दौरा किया है। देरी के कारण परियोजना लागत में वृद्धि होती है और इसलिए वे अपने मंत्रालय और राज्य सरकारों के मध्य आ रहे अवरोधों को दूर करना चाहते हैं। उन्हें प्रसन्नता है कि न केवल हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी बल्कि मुख्यमंत्री भी भूतल परिवहन मंत्रालय से संबंधित परियोनजाओं की सूक्ष्म जानकारी रखते हैं। उन्होंने राज्य सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। </p>
<p>फर्नांडीज ने कहा कि केंद्र सरकार पहाड़ी राज्यों को पेश आ रही समस्याओं और वन संरक्षण अधिनियम के तहत मिलने वाली स्वीकृतियों में देरी से अवगत है। प्रधानमंत्री सचिवालय ने केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को निर्देश दिए हैं कि इन राज्यों के सभी मामलों को चरणबद्ध तरीके से प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए ताकि पर्यावरण संरक्षण में योगदान करने के लिए इन राज्य के लोगों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि हाल ही में हुई भारी बारिशए बाढ़ और भू-स्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी क्षति हुई है और सड़कों को चैड़ा करने तथा सुरंगों का निर्माण करने जैसे दीर्घावधि समाधान तलाशे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि रखरखाव और मुरम्मत की तरफ भी ध्यान दिया जाना चाहिए। </p>
<p>परिवहन मंत्री जी. एस. बाली ने केंद्रीय मंत्री से दो राष्ट्रीय उच्च मार्गों की शीघ्र घोषणा का आग्रह किया। इनमें से एक 91 किलोमीटर लम्बा नगरोटा-रानीताल-मुबारकपुर मार्ग उनके अपने विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आता है, जबकि दूसरा 160 किलोमीटर लम्बा पांवटा-शिलाई-हाटकोटी मार्ग है। इस संबंध में सभी औपचारिकताएं राज्य सरकार द्वारा पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि दिसम्बर, 2008 में इन मार्गों को राष्ट्रीय उच्च मार्ग घोषित कर दिया गया था। किन्तु केंद्र सरकार द्वारा इस दिशा में अंतिम अधिसूचना की जानी शेष है।</p>
<p>प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग नरेन्द्र चैहान ने विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि भारी बारिश से प्रदेश विशेषकर किन्नौर जिले में काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रदेश के सभी प्रभावित मार्गों एवं पुलों को बहाल करने के लिए धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। </p>
<p>दीपक परियोजना के ब्रिगेडियर एस. के. कटारिया ने अवगत करवाया कि भारी नुकसान के बावजूद भी सभी मार्ग एक माह के भीतर बहाल कर दिए गए हैं जबकि मालिंग को शीघ्र ही जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पवारी के पास मुख्यालय स्थानांतरित किया गया था और पुनर्बहाली कार्यों में तेजी लाने के लिए भारी मशीनें चंडीगढ़ से हवाई मार्ग द्वारा लाई गई। उन्होंने कहा कि 21 नई परियोजनाओं में से 16 पर्यावरण स्वीकृति के कारण बंद कर दी गई। </p>
<p>रोहतांग सुरंग परियोजना के मुख्य अभियंता एसण्पीण् शर्मा ने कहा कि 8. 802 किलोमीटर लम्बी रोहतांग सुरंग का कार्य 28 जुलाई, 2010 को आरम्भ हुआ था और इस की आधारशीला यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रखी थी। इस सुरंग का कार्य दक्षिण दिशा यानी मनाली और उत्तरी दिशा यानी लाहुल की तरफ से आरम्भ किया गया। दक्षिण में सख्त चट्टान, पानी के रिसाव और मलबा गिरने के कारण सुरंग के निर्माण कार्य में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह सुरंग निर्धारित अवधि वर्ष 2015 तक पूरी नहीं बन पाएगी ,किन्तु सभी कठिनाइयों के बावजूद वर्ष 2016 तक इसे पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे। </p>
<p>भारतीय राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष आर. ण्पी. सिंह और मुख्य अभियंता केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ऐ. के. श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री को विश्वास दिलाया कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाई जाएगी और लंबित कार्यों को आरम्भ करने के लिए समुचित सहायता प्रदान की जाएगी। </p>
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