<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>हि.प्र.स्वास्थ्य विभाग Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/%E0%A4%B9%E0%A4%BF-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/हि-प्र-स्वास्थ्य-विभाग/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Thu, 14 Oct 2021 15:27:29 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>हि.प्र.स्वास्थ्य विभाग Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/हि-प्र-स्वास्थ्य-विभाग/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>विश्व दृष्टि दिवस: हिमाचल में वर्ष 2020-21 में सफेद मोतियाबिंद के करवाए गए 25213 मुफ्त ऑपरेशन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/14/world-sight-day-celebrated-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Oct 2021 15:27:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[विश्व दृष्टि दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[हि.प्र.स्वास्थ्य विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=13767</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; आज प्रदेश भर में विश्व दृष्टि दिवस मनाया गया। यह दिवस हर वर्ष अक्तूबर माह में दूसरे गुरूवार को मनाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस वर्ष का थीम ‘Love Yours Eyes’ ‘अपनी आंखो से प्यार करो&#8217; है। प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि विश्व में 1 अरब [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/14/world-sight-day-celebrated-in-himachal/">विश्व दृष्टि दिवस: हिमाचल में वर्ष 2020-21 में सफेद मोतियाबिंद के करवाए गए 25213 मुफ्त ऑपरेशन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; आज प्रदेश भर में विश्व दृष्टि दिवस मनाया गया। यह दिवस हर वर्ष अक्तूबर माह में दूसरे गुरूवार को मनाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस वर्ष का थीम ‘Love Yours Eyes’ ‘अपनी आंखो से प्यार करो&#8217; है। प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि विश्व में 1 अरब लोग कमज़ोर नज़र या दृष्टिहीनता से ग्रसित हैं। इसका मुख्य कारण अपवर्तक त्रुटि (Refractive error) एवं मोतियाबिंद है।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि इस समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश भर में 1976 से राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य लोगों का अंधेपन से बचाव, निदान व उपचार करना है। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत 50 वर्ष से अधिक आयु के होने वाले मोतियाबिंद का ऑपरेशन मुफ्त करवाया जाता है। इसके अतिरिक्त अपवर्तक त्रुटि (Refractive error) होने पर मुफ्त चश्में वितरित किए जाते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है व स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न NGO एवं निजी अस्पतालों की सहभागिता से भी मोतियाबिंद के ऑपरेशन करवाने का प्रावधान है। वर्ष 2020-21 में 25213 सफेद मोतियाबिंद के ऑपरेशन मुफ्त करवाए गए हैं। इस वर्ष जुलाई 2021 तक 7393 मोतियाबिंद के ऑपरेशन करवाए जा चुके है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश में आईजीएमसी शिमला (IGMC Shimla) व डॉ.राजेंदर प्रसाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज टांडा (Dr. RPGMC Tanda) में 2 नेत्र बैंक कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक मंडी (SLBSGMC Ner Chowk) में तीसरा नेत्र बैंक स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश में क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला जिला कांगडा व डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल नाहन (Dr. YSPGMC Nahan) में नेत्र संग्रह केन्द्र इस कार्यक्रम के अन्तर्गत चलाए जा रहे हैं। वर्ष 2016 से आज तक 131 नेत्र गोलक (eye balls) नेत्र दान के स्वरूप लिए जा चुके हैं।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम के अन्तर्गत मिशन दृष्टि अभियान शीघ्र ही चलाया जाएगा। इस अभियान मे कक्षा छः से बारहवीं के सभी सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की आंखों की जांच करवाकर उन्हें अपवर्तक त्रुटि (Refractive error) पाए जाने पर मुफ्त चश्में बांटने का प्रावधान किया गया है।</p>
<p>Photo by <a href="https://unsplash.com/@brandsandpeople?utm_source=unsplash&amp;utm_medium=referral&amp;utm_content=creditCopyText">Brands&amp;People</a> on <a href="https://unsplash.com/s/photos/eye-surgery?utm_source=unsplash&amp;utm_medium=referral&amp;utm_content=creditCopyText">Unsplash</a></p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/14/world-sight-day-celebrated-in-himachal/">विश्व दृष्टि दिवस: हिमाचल में वर्ष 2020-21 में सफेद मोतियाबिंद के करवाए गए 25213 मुफ्त ऑपरेशन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल में इस साल स्क्रब टाइफस से 6 लोगों की मौत, शिमला में सबसे अधिक 153 मामले: स्वास्थ्य विभाग</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/11/scrub-typhus-deaths-in-himachal-pradesh-in-2021/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Oct 2021 17:16:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[चिकनगुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[स्क्रब टाइफस]]></category>
		<category><![CDATA[हि.प्र.स्वास्थ्य विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=13709</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश में जनवरी-2021 से 12 अक्तूबर, 2021 तक स्क्रब टाइफस के लगभग 4382 टेस्ट किए गए हैं, जिनमें 648 लोग स्क्रब टाइफस पॉजिटिव पाए गए हैं। जिला बिलासपुर में 132, चंबा में 45, हमीरपुर में 56, कांगड़ा में 63, किन्नौर में 3, कुल्लू में 17, मंडी में 97, शिमला में 153, सिरमौर में [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/11/scrub-typhus-deaths-in-himachal-pradesh-in-2021/">हिमाचल में इस साल स्क्रब टाइफस से 6 लोगों की मौत, शिमला में सबसे अधिक 153 मामले: स्वास्थ्य विभाग</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश में जनवरी-2021 से 12 अक्तूबर, 2021 तक स्क्रब टाइफस के लगभग 4382 टेस्ट किए गए हैं, जिनमें 648 लोग स्क्रब टाइफस पॉजिटिव पाए गए हैं। जिला बिलासपुर में 132, चंबा में 45, हमीरपुर में 56, कांगड़ा में 63, किन्नौर में 3, कुल्लू में 17, मंडी में 97, शिमला में 153, सिरमौर में 25, सोलन में 37, ऊना में 19 तथा इसके अलाव आईजीएमसी शिमला व मेडिकल कॉलेज टांडा में भी एक-एक मामला स्क्रब टाइफस का पॉजिटिव पाया गया है, जबकि इसी अवधि के दौरान स्क्रब टाइफस से 6 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने दी है।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि स्क्रब टाइफस से बचाव के दृष्टिगत अपने घरों और आसपास के क्षेत्र में झाडियां और घासफूस न उगने दें। उन्होंने कहा कि झाड़ियों और घासफूस में पाए जाने वाले कीड़ों के माध्यम से यह रोग फैलता है। उन्होंने लोगों को स्क्रब टाइफस से सतर्क रहने की सलाह दी है।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया के मामले जहां शहरी क्षेत्रों में पाए जाते हैं, वही स्क्रब टाइफस के मामले अधिकतर गांवों में पाए जाते हैं। स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरिया इंफेक्शन है और इसके लक्षण चिकनगुनिया जैसे ही होते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस बीमारी में सिर दर्द, सर्दी लगना, बुखार, शरीर में दर्द तथा तीसरे से पांचवे दिन के बीच शरीर पर लाल दाने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। मरीज में रोग के सभी या कुछ लक्षण सामने आ सकते हैं। इस रोग की अवधि दो से तीन सप्ताह की होती है। उन्होंने कहा कि यह रोग कीड़ों के काटने से फैलता है। कीड़ों में पाए जाने वाले रिकेट्सिया नामक सूक्ष्म जीव के कारण स्क्रब टाइफस फैलता है।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि इससे संक्रमित होने के पश्चात मरीज बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस करता है और कुछ लोगों में जी-मिचलाने की भी शिकायत होती है। स्क्रब टाइफस बुखार सात से लेकर 12 दिनों तक रहता है। बुखार बिगड़ने की स्थिति में कमजोरी और अधिक बढ़ती है। मरीज को बेहोशी और हृदय संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बुखार के चौथे से छठे दिन के भीतर शरीर पर दाने निकल आते हैं। यह रोग कम आयु के लोगों के लिए खतरनाक नहीं होता है लेकिन 40 वर्ष से अधिक आयु के 50 प्रतिशत मरीजों और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के मरीजों के लिए स्क्रब टाइफस जानलेवा भी हो सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि किचन गार्डन में कीड़ों का प्रकोप है तो उचित दवा के इस्तेमाल से इन पर नियन्त्रण पाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस रोग के उपचार के लिए सभी सरकारी अस्पतालों में एन्टीबायोटिक, डिऑक्साइक्लीन और अजिथ्रोमाइसिन उपलब्ध है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/11/scrub-typhus-deaths-in-himachal-pradesh-in-2021/">हिमाचल में इस साल स्क्रब टाइफस से 6 लोगों की मौत, शिमला में सबसे अधिक 153 मामले: स्वास्थ्य विभाग</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
