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	<title>हि.प्र. उपचुनाव 2021 Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>हि.प्र. उपचुनाव 2021 Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>उपचुनाव: चेतन बरागटा ने नहीं लिया नामांकन वापिस, भाजपा ने 6 साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Oct 2021 17:25:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; शिमला जिले के कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री स्वर्गीय नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है। चेतन बरागटा ने कहा कि आज 13 अक्टूबर नॉमिनेशन वापिस लेने का आखिरी दिन था लेकिन उन्होंने नाम वापिस नहीं लिया। उन्हें सेब चुनाव चिह्न मिला है। बरागटा ने कहा कि [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; शिमला जिले के कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री स्वर्गीय नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है। चेतन बरागटा ने कहा कि आज 13 अक्टूबर नॉमिनेशन वापिस लेने का आखिरी दिन था लेकिन उन्होंने नाम वापिस नहीं लिया। उन्हें सेब चुनाव चिह्न मिला है।</p>
<p>बरागटा ने कहा कि उन पर बहुत दबाव बनाया गया था, लेकिन वह किसी के दबाव में नहीं आये। जुब्बल-कोटखाई की जनता ने उन्हें आदेश दिया है कि उन्हें चुनाव लड़ना है। उन्होंने यह भी कहा की भाजपा के लोगों के उन्हें बहुत फोन आते रहे लेकिन उन्होंने मंगलवार शाम से अपना फोन नहीं उठाया।</p>
<p>भारद्वाज की तरफ से की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए चेतन बरागटा ने कहा कि मान-सम्मान जनता देती है। जनता के आशीर्वाद से ही वह चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारद्वाज के बयान पर उन्हें कोई टिप्पणी नहीं करनी है। उन्हें सेब चुनाव चिह्न मिला है और यहीं चिह्न उनका बेड़ा पार लगाएगा। उन्होंने कहा कि उनके पिता नरेंद्र बरागटा सारी उम्र सेब की ही लड़ाई लड़ते रहे।</p>
<p>बरागटा ने कहा कि वह कहीं लापता नहीं थे। वह छः बजे महासू से निकले, उसके बाद दरकोटी पंचायत गए, फिर नीलम के गांव कोटी गए। जब वह दरकोटी पंचायत में थे तो वहां सिग्नल नहीं होता है तो इसलिए उनका फ़ोन नहीं लग रहा होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे में लोगों को लगा होगा कि वह कहीं लापता हो गए हैं या गायब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वह लोगों से संपर्क में थे।</p>
<h3>पार्टी ने किया निष्कासित</h3>
<p>वहीं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने जुब्बल कोटखाई विधान सभा में हो रहे उपचुनाव में पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने पर भाजपा आई०टी० विभाग के प्रदेश संयोजक चेतन बरागटा को तुरंत प्रभाव से 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इससे जुब्बल कोटखाई मे भाजपा प्रत्याशी नीलम सरैक की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। लोगों का मानना है कि अब लड़ाई बरागटा और काँग्रेस प्रत्याशी रोहित ठाकुर के बीच है।</p>
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		<title>उपचुनाव: हिमाचल किसान सभा ने भाजपा के खिलाफ बजाया विरोध का बिगुल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 Oct 2021 04:01:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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		<category><![CDATA[भाजपा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; किसानों के प्रति केन्द्र और राज्य सरकार की बेरुखी और किसान विरोधी नीतियां लागू करने से खफा हिमाचल किसान सभा ने उप चुनावों में सरकार की खिलाफत करने का मन बना लिया है। हिमाचल किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तँवर ने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा की डबल इंजन की [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; किसानों के प्रति केन्द्र और राज्य सरकार की बेरुखी और किसान विरोधी नीतियां लागू करने से खफा हिमाचल किसान सभा ने उप चुनावों में सरकार की खिलाफत करने का मन बना लिया है। हिमाचल किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तँवर ने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने आम आदमी और किसानों के ऊपर डबल मार की है। एक तरफ खाद्य वस्तुओं की मंहगाई चरम सीमा पर है तो दूसरी तरफ अन्नदाता जो फसल उगा रहा है उनको अपने उत्पाद के उचित दाम तक नहीं मिल रहे हैं।</p>
<p>डॉ. तँवर ने कहा कि केन्द्र सरकार जहां कृषि कानूनों के ज़रिये किसानों की ज़मीन को पूंजीपतियों के हवाले करने की साजिश रच रही है वहीं प्रदेश सरकार की बेरुखी और बेपरवाही से प्रदेश के किसानों पर चौतरफा मार पड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां उप चुनाव हो रहे हैं वहां सभी जगह के किसानों, बागवानों और सब्ज़ी उत्पादकों की फसलें बुरी तरह से पिटी हैं।</p>
<p>तँवर ने कहा कि जुब्बल-कोटखाई में सेब बागवानों को सेब का उचित दाम तक नहीं मिला। प्रदेश के 45 खण्डों में सेब पैदा होता है और शिमला जिला के अन्दर जुब्बल-कोटखाई खण्ड में सेब का सबसे ज्यादा उत्पादन किया जाता है, मगर इस बार प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ सेब पर मण्डी में बुरी तरह से मार पड़ी और बागवानों की सेब की उत्पादन लागत तक वापिस नहीं आ पाई। लेकिन सरकार ने न तो प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का मुआवज़ा दिया और न ही सेब की कीमतों में गिरावट पर कोई कदम उठाए। उल्टा मुख्यमंत्री का बयान आया कि अब सेब सीज़न समाप्त हो गया है इसलिए यह कोई मुद्दा ही नहीं है।</p>
<p>yeh bhi padhain:  <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/05/himachal-kisan-sabha-protest-on-lakhimpur-khiri-violence/">हिमाचल किसान सभा ने किसानों की हत्या के विरोध में शिमला के मालरोड़ पर धारा-144 तोड़कर किया धरना प्रदर्शन</a></p>
<p>उन्होंने कहा कि फतेहपुर में मंड क्षेत्र के किसानों की खरीद केन्द्र की समस्या अभी भी बरकरार है। किसान सभा के साथ-साथ मंड संयुक्त किसान संघर्ष समिति ने फतेहपुर और इंदौरा में पांच खरीद केन्द्र खोलने की मांग उठाई थी मगर सरकार द्वारा तीन खरीद केन्द्रों की घोषणा करने के बावजूद वहां अभी भी धान की फसल की बिक्री सुचारू रूप से चालू नहीं हुई है। किसानों का धान बर्बाद हो रहा है, क्योंकि पंजाब ने पहले ही अन्य प्रदेशों का धान खरीदने से मना कर दिया है।</p>
<p>तँवर ने यह भी कहा कि अर्की के सब्ज़ी उत्पादक भी मण्डी की मार से अछूते नहीं रहे। इस बार टमाटर की जो दूर्दशा हुई वह किसी से छुपी नहीं है। सौ रुपये से लेकर डेढ़ सौ रुपये तक भी टमाटर की क्रेट बिकी जिससे सब्ज़ी उत्पादकों का मण्डी तक टमाटर पहुंचाने का खर्च भी पूरा नहीं हो पाया। वहीं टमाटर का खराब बीज निकलने से भी किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।</p>
<p>डॉ. तँवर ने कहा कि मण्डी संसदीय क्षेत्र में सेब, सब्ज़ी, मक्की जैसे सभी उत्पादों पर मार तो पड़ी साथ ही फोरलेन से प्रभावित लोग भी लम्बे समय से अपनी मांग को लेकर संघर्षरत है लेकिन उन्हें अपनी ज़मीन का उचित मुआवज़ा नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बल्ह क्षेत्र की उपजाऊ ज़मीन को प्रदेश और केन्द्र सरकार हवाई अड्डे के लिए अधिग्रहण करने पर उतारू है।</p>
<p>तँवर ने कहा है कि भाजपा का किसानों की आय को दुगना करने का वायदा न सिर्फ जुमला साबित हो रहा है बल्कि किसानों की आमदनी नीचे की ओर घट रही है। किसान आन्दोलन में संघर्ष कर रहे किसानों से बात करने के बजाय उन्हें गाड़ी से कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान सभा तीनों विधानसभाओं सहित मंडी संसदीय सीट पर भी भाजपा का विरोध करेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/10/himachal-kisan-sabha-to-protest-against-bjp-in-hp-bye-polls-2021/">उपचुनाव: हिमाचल किसान सभा ने भाजपा के खिलाफ बजाया विरोध का बिगुल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>हि.प्र. उपचुनाव 2021: 11 वैकल्पिक फोटो दस्तावेजों में से किसी एक को साथ लाकर कर सकेंगे मतदान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 Oct 2021 16:48:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[हि.प्र. उपचुनाव 2021]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल निर्वाचन आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश उपचुनाव 2021 में सभी मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर मताधिकार का प्रयोग करते समय अपना मतदाता पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ है तो ऐसे मतदाता को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए फोटोयुक्त वैकल्पिक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। उप-निर्वाचन के दृष्टिगत 30 [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/09/hp-bye-polls-2021-alternative-photo-id-card/">हि.प्र. उपचुनाव 2021: 11 वैकल्पिक फोटो दस्तावेजों में से किसी एक को साथ लाकर कर सकेंगे मतदान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश उपचुनाव 2021 में सभी मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर मताधिकार का प्रयोग करते समय अपना मतदाता पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ है तो ऐसे मतदाता को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए फोटोयुक्त वैकल्पिक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।</p>
<p>उप-निर्वाचन के दृष्टिगत 30 अक्टूबर, 2021 को मतदान करने के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज पहचान के लिए साथ ला सकते है। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, सी.पालरासू ने दी है।</p>
<h3>पहचान पत्र न होने पर यह दस्तावेज साथ लायें</h3>
<ol>
<li>आधार कार्ड</li>
<li>मनरेगा जाॅब कार्ड</li>
<li>बैंक/ डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक</li>
<li>श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड</li>
<li>ड्राइविंग लाइसेंस</li>
<li>पैन कार्ड</li>
<li>एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड</li>
<li>भारतीय पासपोर्ट</li>
<li>फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज</li>
<li>राज्य अथवा केंद्र सरकार के लोक उपक्रम,पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र</li>
<li>सांसदों, विधायकों/ विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।</li>
</ol>
<p>निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि एपिक के संबंध में लेखन की अशुद्धि, बर्तनी की अशुद्धि इत्यादि को नजरअंदाज कर देना चाहिए बशर्ते निर्वाचक की पहचान ईपीआईसी (EPIC) से सुनिश्चित की जा सके। यदि कोई निर्वाचक किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है तो ऐसे एपिक भी पहचान करने के लिए स्वीकार किए जाएंगे बशर्ते उस निर्वाचक का नाम जहां वह मतदान करने आया है, उस मतदान केंद्र से संबंधित निर्वाचक नामावली में उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि यदि फोटोग्राफ इत्यादि के बेमेल होने के कारण निर्वाचक की पहचान सुनिश्चित करना संभव न हो तब निर्वाचक को कोई एक वैकल्पिक फोटो दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उपरोक्त में किसी बात के होते हुए भी प्रवासी निर्वाचकों जो अपने पासपोर्ट में विवरणों के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20क के अधीन निर्वाचक नामावली में पंजीकृत हैं, उन्हें मतदान केंद्रों में केवल उनके मूल पासपोर्ट के आधार पर ही पहचाना जाएगा और ऐसे मामलों में कोई अन्य दस्तावेज मान्य नहीं होगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/09/hp-bye-polls-2021-alternative-photo-id-card/">हि.प्र. उपचुनाव 2021: 11 वैकल्पिक फोटो दस्तावेजों में से किसी एक को साथ लाकर कर सकेंगे मतदान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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