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	<title>हड़ताल Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>हड़ताल Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>28-29 मार्च को यूनियन संयुक्त मंच इकाई अपनी मांगों को लेकर करेगी राष्ट्रव्यापी हड़ताल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Mar 2022 15:18:08 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और राष्ट्रीय फेडरेशनों की शिमला जिला संयुक्त मंच इकाई अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए मजदूर व कर्मचारीयों को साथ लेकर 28-29 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेगी। यह एलान आज है यूनियन फेडरेशन की संयुक्त मंच इकाई ने शिमला कालीबाड़ी में आयोजित अधिवेशन में किया है। संयुक्त मंच इकाई ने [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और राष्ट्रीय फेडरेशनों की शिमला  जिला संयुक्त मंच इकाई अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए मजदूर व कर्मचारीयों को साथ लेकर 28-29 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेगी। यह एलान आज है यूनियन फेडरेशन की संयुक्त मंच इकाई ने शिमला कालीबाड़ी में आयोजित अधिवेशन में किया है।</p>
<p>संयुक्त मंच इकाई ने 28-29 मार्च की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के सिलसिले में कालीबाड़ी हॉल शिमला में जिलाधिवेशन का आयोजन किया। मंच ने कहा कि अधिवेशन में फैसला लिया गया कि अपनी मांगों को पूर्ण करने के लिए मजदूर व कर्मचारी हिमाचल प्रदेश में दो दिन की ऐतिहासिक हड़ताल करेंगे। </p>
<p>अधिवेशन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और अन्य सदस्यों ने केंद्र सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर मजदूरों व कर्मचारियों की मांगों को पूर्ण न किया गया तो आंदोलन तेज होगा। </p>
<p>अधिवेशन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से एनपीएस कर्मियों के शांतिपूर्वक आंदोलन को पुलिस बल के ज़रिए कुचलने के घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है व इसे प्रदेश सरकार की तानाशाही करार दिया है। उन्होंने एनपीएस कर्मियों से एकजुटता प्रकट की है व ऐलान किया कि 28-29 जनवरी की हड़ताल में ओल्ड पेंशन स्कीम एक प्रमुख मुद्दा बनेगा। </p>
<p>उन्होंने केंद्र सरकार की मज़दूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों की खुली आलोचना करते हुए चेताया कि अगर उसने पूँजीपतिपरस्त नीतियों को बंद ना किया तो आंदोलन तेज होगा।</p>
<p>उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि मजदूर विरोधी चार लेबर कोड निरस्त किए जाएं। वर्ष 2003 से नियुक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल की जाए। </p>
<p>मंच ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बंद किया जाए और नेशनल मोनेटाइजेशन पाइप लाइन योजना को वापिस लिया जाए। मजदूरों का न्यूनतम वेतन 21 हज़ार रुपये घोषित किया जाए। आंगनबाड़ी,आशा व मिड डे मील कर्मियों को नियमित कर्मचारी घोषित किया जाए। मनरेगा में दो सौ दिन का रोजगार दिया जाए व 600 रुपये दिहाड़ी लागू की जाए,भारी महंगाई पर रोक , आउटसोर्स व ठेका प्रथा पर रोक औरआउटसोर्स के लिए ठोस नीति बनाई जाए। मोटर व्हीकल एक्ट में मालिक व मजदूर विरोधी बदलाव भी बंद किए जाएं।</p>
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		<title>24 फ़रवरी को विधानसभा के बाहर ग़रजेंगे आंगनबाड़ी कर्मचारी,18 हज़ार आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/22/anganwadi-workers-protest-on-24-february-at-himachal-vidhan-sabha/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Feb 2022 15:15:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[आंगनबाड़ी कर्मचारी]]></category>
		<category><![CDATA[हड़ताल]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल विधानसभा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- बुधवार से विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने वाला है,सरकार के सभी मंत्री,विधायक इस सत्र में मौजूद होंगे। सभी तैयारियां बजट सत्र को लेकर पूरी कर ली गई है। तो वहीं प्रदेश के अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव की रणनीति तैयार कर ली है। इसी कड़ी ने 24 [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> बुधवार से  विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने वाला है,सरकार के सभी मंत्री,विधायक इस सत्र में मौजूद होंगे। सभी तैयारियां बजट सत्र को लेकर पूरी कर ली गई है। तो वहीं प्रदेश के अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव की रणनीति तैयार कर ली है। इसी कड़ी ने 24 फ़रवरी को प्रदेश के हज़ारों आंगनबाड़ी कर्मचारी शिमला में विधानसभा के बाहर ग़रजेंगे। </p>
<p>यूनियन अध्यक्षा नीलम जसवाल  ने बताया कि आंगनबाड़ी वर्करज़ एवं हैल्परज़ यूनियन संबंधित सीटू 24 फ़रवरी को हिमाचल प्रदेश में पूर्ण हड़ताल करेगी। इस दौरान प्रदेश के 18 हज़ार आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे व लगभग 37 हज़ार आंगनबाड़ी योजना कर्मी प्रदेशव्यापी हड़ताल करेंगे। </p>
<p>यूनियन ने कहा है कि आंगनबाड़ी कर्मी प्री प्राइमरी में 100 फ़ीसदी नियुक्ति, और इन नियुक्ति में 45 वर्ष की शर्त खत्म करने,सुपरवाइजर नियुक्ति के लिए भारतवर्ष के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की डिग्री को मान्य करने,वरिष्ठता के आधार पर मेट्रिक व ग्रेजुएशन पास की सुपरवाइजर में तुंरत भर्ती करने,सरकारी कर्मचारी के दर्जे,हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन देने,रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष करने की मांग सहित नंद घर बनाने की आड़ में आईसीडीएस को वेदांता कंपनी के हवाले करके निजीकरण की साज़िश व डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर,पोषण ट्रैकर ऐप व तीस प्रतिशत बजट कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतर कर  प्रदर्शन करेंगे।</p>
<p>यूनियन ने  केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आईसीडीएस का निजीकरण किया गया और आंगनबाड़ी वर्करज़ को नियमित कर्मचारी घोषित न किया गया तो आंदोलन और तेज़ होगा। इसके सतग ही यूनियन ने नई शिक्षा नीति को वापिस लेने की मांग भी की है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि नई शिक्षा आईसीडीएस विरोधी है और नई शिक्षा नीति में वास्तव में आईसीडीएस के निजीकरण का छिपा हुआ एजेंडा है।  </p>
<p>उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से वर्ष 2013 में हुए 45 वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार आंगनबाड़ी कर्मियों को नियमित करने की मांग कर रही हैं। </p>
<p>उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों को हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाने और आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए पेंशन,ग्रेच्युटी,मेडिकल व छुट्टियों की सुविधा लागू करने,आंगनबाड़ी कर्मियों को वर्ष 2013 का नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत बकाया राशि का भुगतान तुंरत करने की भी मांग की है।</p>
<p>उन्होंने मांग की है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं व नई शिक्षा नीति के तहत छोटे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा आंगनबाड़ी वर्करज़ को दिया जाए क्योंकि वे काफी प्रशिक्षित कर्मी हैं। इसकी एवज़ में उनका वेतन बढ़ाया जाए व उन्हें नियमित किया जाए।</p>
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		<title>आईजीएमसी में रेजिडेंट डॉक्टर पूरा दिन हड़ताल पर, मरीज  हुए परेशान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/08/igmc-resident-doctors-strike/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Dec 2021 12:13:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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		<category><![CDATA[आईजीएमसी शिमला]]></category>
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		<category><![CDATA[फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन]]></category>
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		<category><![CDATA[हड़ताल]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी (IGMC) शिमला में बुधवार को रेजिडेंट डाक्टर पूरे दिन की हड़ताल परं रहे। ऐसे में इन डाक्टरों के हड़ताल पर जाने से आईजीएमसी में प्रदेशभर से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बीते मंगलवार को प्रदेश के तीन अस्पतालों आईजीएमसी शिमला, [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/08/igmc-resident-doctors-strike/">आईजीएमसी में रेजिडेंट डॉक्टर पूरा दिन हड़ताल पर, मरीज  हुए परेशान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी (IGMC) शिमला में बुधवार को रेजिडेंट डाक्टर पूरे दिन की हड़ताल परं रहे। ऐसे में इन डाक्टरों के हड़ताल पर जाने से आईजीएमसी में प्रदेशभर से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।</p>
<p>बीते मंगलवार को प्रदेश के तीन अस्पतालों आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कालेज और हमीरपुर में रेजिडेंट डाक्टरों ने दो घंटे तक हड़ताल की। इस दो घंटे की हड़ताल के दौरान भी मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने वरिष्ठ चिकित्सकों को यहां तैनात कर दिया था, लेकिन ओपीडी के बाहर भीड़ लगी रही।</p>
<p>आईजीएमसी के करीब 300 रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से सारी व्यवस्था चरमरा गई। डाक्टर एसोसिएशन ने अपनी हड़ताल को जारी रखते हुए एमरजेंसी में भी सेवाएं नहीं दी।</p>
<p>बुधवार को भी रेजिडेंट डॉक्टरों ने पूरा दिन हड़ताल की। हालांकि टांडा मेडिकल कालेज कांगड़ा और हमीरपुर अस्पताल में दो घंटे ही हड़ताल की।</p>
<p>रेजिडेंट डॉक्टर ऐसोसिएशन टांडा के अध्यक्ष अंकुर गौतम ने बताया कि मंगलवार को विरोध स्वरूप दो घंटे के लिए न तो ओपीडी में सेवा दी गई और न ही एमरजेंसी सेवा दी गई। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन तेज होगा।</p>
<p>बता दें कि डॉक्टर नीट पीजी की काउंसिलिंग को अस्थायी तौर पर आगे बढ़ाने के बाद देशभर में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के समर्थन में आईजीएमसी की आरडीए भी हड़ताल कर रही है। डॉक्टरों ने साफ कह दिया है कि उनकी मांग न मानी गई तो हड़ताल जारी रहेगी।</p>
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