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	<title>स्क्रब टाइफस Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>हिमाचल में इस साल स्क्रब टाइफस से 6 लोगों की मौत, शिमला में सबसे अधिक 153 मामले: स्वास्थ्य विभाग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Oct 2021 17:16:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश में जनवरी-2021 से 12 अक्तूबर, 2021 तक स्क्रब टाइफस के लगभग 4382 टेस्ट किए गए हैं, जिनमें 648 लोग स्क्रब टाइफस पॉजिटिव पाए गए हैं। जिला बिलासपुर में 132, चंबा में 45, हमीरपुर में 56, कांगड़ा में 63, किन्नौर में 3, कुल्लू में 17, मंडी में 97, शिमला में 153, सिरमौर में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश में जनवरी-2021 से 12 अक्तूबर, 2021 तक स्क्रब टाइफस के लगभग 4382 टेस्ट किए गए हैं, जिनमें 648 लोग स्क्रब टाइफस पॉजिटिव पाए गए हैं। जिला बिलासपुर में 132, चंबा में 45, हमीरपुर में 56, कांगड़ा में 63, किन्नौर में 3, कुल्लू में 17, मंडी में 97, शिमला में 153, सिरमौर में 25, सोलन में 37, ऊना में 19 तथा इसके अलाव आईजीएमसी शिमला व मेडिकल कॉलेज टांडा में भी एक-एक मामला स्क्रब टाइफस का पॉजिटिव पाया गया है, जबकि इसी अवधि के दौरान स्क्रब टाइफस से 6 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने दी है।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि स्क्रब टाइफस से बचाव के दृष्टिगत अपने घरों और आसपास के क्षेत्र में झाडियां और घासफूस न उगने दें। उन्होंने कहा कि झाड़ियों और घासफूस में पाए जाने वाले कीड़ों के माध्यम से यह रोग फैलता है। उन्होंने लोगों को स्क्रब टाइफस से सतर्क रहने की सलाह दी है।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया के मामले जहां शहरी क्षेत्रों में पाए जाते हैं, वही स्क्रब टाइफस के मामले अधिकतर गांवों में पाए जाते हैं। स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरिया इंफेक्शन है और इसके लक्षण चिकनगुनिया जैसे ही होते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस बीमारी में सिर दर्द, सर्दी लगना, बुखार, शरीर में दर्द तथा तीसरे से पांचवे दिन के बीच शरीर पर लाल दाने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। मरीज में रोग के सभी या कुछ लक्षण सामने आ सकते हैं। इस रोग की अवधि दो से तीन सप्ताह की होती है। उन्होंने कहा कि यह रोग कीड़ों के काटने से फैलता है। कीड़ों में पाए जाने वाले रिकेट्सिया नामक सूक्ष्म जीव के कारण स्क्रब टाइफस फैलता है।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि इससे संक्रमित होने के पश्चात मरीज बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस करता है और कुछ लोगों में जी-मिचलाने की भी शिकायत होती है। स्क्रब टाइफस बुखार सात से लेकर 12 दिनों तक रहता है। बुखार बिगड़ने की स्थिति में कमजोरी और अधिक बढ़ती है। मरीज को बेहोशी और हृदय संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बुखार के चौथे से छठे दिन के भीतर शरीर पर दाने निकल आते हैं। यह रोग कम आयु के लोगों के लिए खतरनाक नहीं होता है लेकिन 40 वर्ष से अधिक आयु के 50 प्रतिशत मरीजों और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के मरीजों के लिए स्क्रब टाइफस जानलेवा भी हो सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि किचन गार्डन में कीड़ों का प्रकोप है तो उचित दवा के इस्तेमाल से इन पर नियन्त्रण पाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस रोग के उपचार के लिए सभी सरकारी अस्पतालों में एन्टीबायोटिक, डिऑक्साइक्लीन और अजिथ्रोमाइसिन उपलब्ध है।</p>
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		<title>हिमाचल में स्क्रब टाइफस को लेकर अलर्ट जारी, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से की एहतियात बरतने की अपील</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/06/29/scrub-typhus-alert-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Jun 2017 08:47:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[बैक्टीरिया]]></category>
		<category><![CDATA[मिशन निदेशक पंकज राय]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन]]></category>
		<category><![CDATA[स्क्रब टाइफस]]></category>
		<category><![CDATA[स्क्रब टाइफस लक्षण]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल स्वास्थ्य विभाग]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>स्क्रब टाइफस से पिछले साल 37 मौतें हुई है शिमला- हिमाचल में स्वास्थ्य महकमे ने स्क्रब टाइफस को लेकर अलर्ट जारी किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक पंकज राय ने आम लोगों को स्क्रब टाइफस के लिए एहतियात बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले साल इस हाईग्रेड बुखार से [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>स्क्रब टाइफस से पिछले साल 37 मौतें हुई है </strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  हिमाचल में स्वास्थ्य महकमे ने स्क्रब टाइफस को लेकर अलर्ट जारी किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक पंकज राय ने आम लोगों को स्क्रब टाइफस के लिए एहतियात बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले साल इस हाईग्रेड बुखार से 37 लोगों की मौत हो गई थी।</p>
<p>इसका बैक्टीरिया जुलाई से नवंबर के बीच ही सक्रिय होता है। पंकज राय ने प्रेस क्लब शिमला में पत्रकार वार्ता में यह अलर्ट जारी किया। राय ने कहा कि सभी जिला प्रशासन को भी स्क्रब टाइफस से निपटने को एहतियात बरतने को कहा गया है। बुधवार को शिमला में सभी सीएमओ की बैठक भी बुलाई गई है। </p>
<p>पंकज राय ने कहा कि पिछले साल स्क्रब टाइफस के कारण जहां 37 मौतें हुई थीं, वहीं उससे पिछले वर्ष 2015 में 28 लोगों ने अपने प्राण गंवाए थे। स्क्रब टाइफस के पॉजिटिव मरीजों मरने का अनुपात सामान्य तौर पर 30 फीसदी तक रहता है। इसके पॉजिटिव रोगियों के ज्यादा मामले सामने आने के अनुपात में ये सामान्य स्थिति है। इसके बावजूद सावधान रहना जरूरी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर स्क्रब टाइफस के लक्षण तेज बुखार के होते हैं। इसकी वजह चूहों में पाया जाने वाला एक माइट होता है। माइट रिकेटशिया जीवाणु का वाहक होता है। ये जीवाणु खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है।</p>
<p>चमड़ी के माध्यम से यह शरीर में प्रविष्ट होता है। उन्होंने कहा कि स्क्रब टाइफस बुखार पैदा करता है। बुखार 104 और 105 डिग्री सेल्सियस तक हो जाता है। इससे बचाव के लिए घास और झाड़ियों में काम करते हुए लोगों को अपने शरीर को पूरी तरह से ढकना चाहिए। </p>
<p><strong>मुफ्त है स्क्रब टाइफस का इलाज</strong> </p>
<p>पंकज राय ने कहा कि स्क्रब टाइफस का इलाज मुफ्त में होता है। इसके लिए सभी जिला अस्पतालों, सीएचसी और ब्लॉक स्तर पर जांच की व्यवस्था है। पीएचसी में भी डॉक्टर इसके लक्षण जानकर इसका इलाज कर सकते हैं। उन्होंने सलाह दी कि स्क्रब टाइफस की दवाओं का इस्तेमाल खुद इस्तेमाल करना सही नहीं होता है। इसे डॉक्टरों की राय पर ही उपयोग करना चाहिए।</p>
<p><strong>डेंगू और चिकनगुनिया से सावधान रहें लोग</strong> </p>
<p>मिशन निदेशक पंकज राय ने कहा कि हिमाचलियों को डेंगू और चिकनगुनिया से सतर्क रहने की जरूरत है। बरसात मेें इन दोनों रोगों का प्रकोप होने की आशंका रहती है। </p>
<p><strong>104 नंबर पर डायल करें</strong></p>
<p>राय बोले कि स्क्रब टाइफस या किसी भी बीमारी के बारे में जानकारी या किसी भी शिकायत के लिए 104 नंबर पर फोन करें और इस बारे में कोई भी जानकारी ली जा सकती है।</p>
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