<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>राज्य विकलांगता आयोग Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/राज्य-विकलांगता-आयोग/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Sun, 21 Nov 2021 12:01:48 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>राज्य विकलांगता आयोग Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/राज्य-विकलांगता-आयोग/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>दृष्टिबाधित और बधिर व्यक्तियों के स्कूल लेक्चरर बनने पर रोक लगा हिमाचल सरकार ने उड़ाई सुप्रीम कोर्ट के फैसले की धज्जियां</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/21/hp-govt-denies-disabled-recruitment-as-lecturers-in-schools-against-supreme-court-order/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Nov 2021 12:01:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[उमंग फाउंडेशन]]></category>
		<category><![CDATA[दृष्टिबाधित]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य विकलांगता आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल शिक्षा विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=14392</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा है कि  राज्य के शिक्षा निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की धज्जियां उड़ाते हुए 60 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगता वाले दृष्टिबाधित एवं बधिर व्यक्तियों के स्कूल लेक्चरर बनने पर रोक लगा दी है। जबकि [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/21/hp-govt-denies-disabled-recruitment-as-lecturers-in-schools-against-supreme-court-order/">दृष्टिबाधित और बधिर व्यक्तियों के स्कूल लेक्चरर बनने पर रोक लगा हिमाचल सरकार ने उड़ाई सुप्रीम कोर्ट के फैसले की धज्जियां</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा है कि  राज्य के शिक्षा निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की धज्जियां उड़ाते हुए 60 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगता वाले दृष्टिबाधित एवं बधिर व्यक्तियों के स्कूल लेक्चरर बनने पर रोक लगा दी है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस साल फरवरी में एक फैसले में कहा था कि दृष्टिबाधित और बधिर व्यक्तियों के जज बनने में भी विकलांगता बाधा नहीं है। ऐसे व्यक्ति आईएएस अधिकारी और विश्वविद्यालय में प्रोफेसर समेत कई अन्य उच्च पदों पर भी कार्य कर रहे हैं। अदालत ने यह भी कहा था कि ऐसे मामलों में आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशक द्वारा स्कूल लेक्चरर पदों पर भर्ती के लिए हाल ही में निकाले गए विज्ञापन पर उमंग फाउंडेशन ने सख्त एतराज जताया है। इसमें कहा गया है कि 60 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले दृष्टिबाधित और बधिर व्यक्ति स्कूल लेक्चरर नहीं बन सकते हैं।</p>
<p>श्रीवास्तव ने राज्य विकलांगता आयुक्त से इसकी शिकायत करते हुए कहा कि दोषी अफसरों के खिलाफ जांच बैठा कर कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वह हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे। उन्होंने शिकायत में लिखा है कि शिक्षा निदेशक का फरमान बिल्कुल गैरकानूनी, मनमाना और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि केंद्र या राज्य सरकार के किसी भी कानून अथवा नियम में इस तरह के भेदभाव पूर्ण प्रावधान नहीं हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालय के शिक्षकों से लेकर आईएएस तक के पद भी 40% से 100% विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए चिन्हित किए हैं। शिक्षा निदेशक इनमें कोई बदलाव नहीं कर सकते। भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय विदेश सेवा और भारतीय राजस्व सेवा में भी 100% विकलांगता वाले व्यक्ति चुने गए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा है कि शिक्षा विभाग ने दिव्यांग व्यक्तियों को अंको में सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों की तुलना में 5% की रियायत भी नहीं दी है। इससे पहले भी शिक्षा विभाग दिव्यांग व्यक्तियों के साथ भेदभाव और अन्याय करता रहा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस वर्ष फरवरी में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति वाईवी चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने एक मामले में फैसला दिया था कि जिला न्यायालय में जज बनने के लिए विकलांगता की सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती। कोर्ट ने यह भी कहा था कि चयन पर रोक लगाने की बजाय विकलांग व्यक्तियों को आधुनिक उपकरण और यंत्र देकर उनकी क्षमताओं का लाभ उठाना चाहिए।</p>
<p>श्रीवास्तव ने राज्य विकलांगता आयुक्त से कहा है कि इस मामले को संज्ञान में लेकर तुरंत उक्त विज्ञापन को रद किया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए जाएं ताकि भविष्य में कोई भी अफसर विकलांग व्यक्तियों के साथ अन्याय न कर सके।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/21/hp-govt-denies-disabled-recruitment-as-lecturers-in-schools-against-supreme-court-order/">दृष्टिबाधित और बधिर व्यक्तियों के स्कूल लेक्चरर बनने पर रोक लगा हिमाचल सरकार ने उड़ाई सुप्रीम कोर्ट के फैसले की धज्जियां</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
