<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>राज्यपाल Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/राज्यपाल/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Tue, 16 Nov 2021 05:49:59 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>राज्यपाल Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/राज्यपाल/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 गैर-लोकतांत्रिक और छात्र विरोधी : एसएफआई</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/16/education-policy-2020-against-student-interest-sfi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Nov 2021 19:05:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एसएफआई]]></category>
		<category><![CDATA[राज्यपाल]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय शिक्षा नीति]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=14327</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला-एसएफआई (SFI) हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के खिलाफ राज्यपाल ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन किया। एसएफआई का मानना है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति गैर-लोकतांत्रिक तरीके से बिना संसद सदनो मे चर्चा किए तैयार की गयी है। यह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पूरी तरह से छात्र विरोधी है। उन्होंने कहा कि [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/16/education-policy-2020-against-student-interest-sfi/">राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 गैर-लोकतांत्रिक और छात्र विरोधी : एसएफआई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-एसएफआई (SFI) हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के खिलाफ राज्यपाल ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन किया। एसएफआई का मानना है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति गैर-लोकतांत्रिक तरीके से बिना संसद सदनो मे चर्चा किए तैयार की गयी है। यह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पूरी तरह से छात्र विरोधी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा छात्रों को शिक्षा से वंचित किया जाएगा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षा के क्षेत्र मे निजीकरण और शिक्षा के व्यापारीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा मे शोध को भी ख़त्म किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से फाउंडेशन स्टेज मे प्री-नर्सरी की बात की गयी है जो की तीन वर्ष से आठ वर्ष तक के बच्चों के लिए है। इसमें आंगनबाड़ी को शामिल करके आंगनबाड़ी को भी कमज़ोर करके ख़त्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति छात्रों को शिक्षा से वंचित करने वाली नीति है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस नीति में छात्रों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय भाषा न सिखाते हुए, मात्र क्षेत्रीय भाषा पर जोर दिया गया है। जिससे आने वाले समय में  छात्रों के भविष्य मे कई समस्याएं उत्पन्न होगी। इसके साथ छात्रों को वोकेशनल मे लकड़ी, बागवानी, मिट्टी के बर्तन बनाने इत्यादि सिखाया जाएगा जोकि छात्र के सम्पूर्ण विकास और तर्कशक्ति तथा बुद्धिमता को बढ़ावा देने से कहीं सम्बन्ध नहीं रखता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस शिक्षा नीति के तहत छात्रों को आर्ट्स के साथ साइंस के विषय और कॉमर्स के साथ साइंस और आर्ट्स के विषय पढ़ने का प्रावधान है जो छात्र की किसी भी एक स्ट्रीम में विशेष नहीं है। इसका खामियाजा हिमाचल प्रदेश के छात्र 2013 मे रूसा और सीबीसीएस के माध्यम से भुगत चुके है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस शिक्षा नीति के तहत महाविद्यालयों मे डिग्री पूरी करने की अवधि चार वर्ष हो जाएगी, जिसमें अगर कोई छात्र एक वर्ष तक पढ़ाई करता है तो उन्हें सर्टिफिकेट, दो वर्ष तक पढ़ाई करने पर एडवांस डिप्लोमा, तीन वर्ष के बाद डिग्री और चार वर्ष के बाद बैचलर डिग्री दी जाएगी, जोकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। जहां सरकार को शिक्षा के स्तर को और सुदृढ़ बनाना था, वहीं इस नीति के माध्यम से शिक्षा के स्तर को गिरा रही है।</p>
<p>एसएफआई ने प्रदेश विश्वविद्यालय में पीएचडी मे बिना प्रवेश परीक्षा के हुए दाखिलो को रद्द करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि बिना प्रवेश परीक्षा के दाखिलों से शोध की गुणवत्ता मे कमी आएगी। यह साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जो छात्र प्रवेश परीक्षा पास नहीं कर सकते, वो किस तरीके का शोध करने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय कुलपति काबिल छात्रों को दरकिनार करके अपने चहेतों को पीएचडी मे प्रवेश दे रहे है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/16/education-policy-2020-against-student-interest-sfi/">राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 गैर-लोकतांत्रिक और छात्र विरोधी : एसएफआई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
