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	<title>प्रो. अजय श्रीवास्तव Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>कोरोना प्रोटोकॉल के तहत जब प्रदेश में रक्तदान शिविर लगाने कि अनुमति तो सोलन ज़िले में क्यों है पाबंदी:उमंग फाउंडेशन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/12/umang-foundation-blood-donation-camp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Jan 2022 17:20:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[spotliight]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[उमंग फाउंडेशन]]></category>
		<category><![CDATA[एसडीएम नालागढ़]]></category>
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		<category><![CDATA[कोविड संक्रमण]]></category>
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		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर]]></category>
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		<category><![CDATA[सीएमओ सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा कि फाउंडेशन को 16 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले सोलन के नालागढ़ में रक्तदान शिविर लगाना था लेकिन एसडीएम नालागढ़ और सीएमओ द्वार रक्तदान शिविर की अनुमति नहीं दी गई। श्रीवास्तव ने कहा कि रक्तदान शिविर की अनुमति न मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>शिमला- उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा कि फाउंडेशन को 16 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले सोलन के नालागढ़ में रक्तदान शिविर लगाना था लेकिन एसडीएम नालागढ़ और सीएमओ द्वार रक्तदान शिविर की अनुमति नहीं दी गई।</p>
<p>श्रीवास्तव ने कहा कि रक्तदान शिविर की अनुमति न मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से लिखित शिकायत की है।</p>
<p>उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे में पत्र में लिखा कि फाउंडेशन कोविड संक्रमण के मुश्किल दौर में आईजीएमसी में मरीजों का जीवन बचाने के लिए 23 रक्तदान शिविर लगा चुका है। लेकिन उन्हें दिक्कत हमेशा स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में ही आती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले साल 2021 में मई कंडाघाट में लगने वाले रक्तदान शिविर में भी एसडीएम ने अनुमति देने से इंकार कर दिया था। तब भी उन्होंने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी जिसके बाद उनके हस्तक्षेप से अनुमति मिली थी।</p>
<p>प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि यह बड़ी हैरानी की बात है कि सोलन का जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव के 20 मार्च, 2020 और 17 मई 2021 के दिशा निर्देशों को मानने के लिए भी तैयार नहीं है।</p>
<p>मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद स्वास्थ्य सचिव ने 17 मई 2021 को सभी जिला अधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को स्वयंसेवी संस्थाओं के रक्तदान शिविरों को कोविड प्रोटोकॉल के अनुपालन की शर्त पर अनुमति देने के निर्देश दिए थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जो पत्र मुख्यमंत्री को भेजा है उसमे यह कहा है कि उमंग फाउंडेशन और जन कल्याण समिति नालागढ़ में 16 जनवरी को रक्तदान शिविर लगाना चाहते हैं। इसकी अनुमति के लिए जन कल्याण समिति के अध्यक्ष विशाल परमार नालागढ़ के एसडीएम महेंद्र पाल गुज्जर के पास गए तो उन्होंने अनुमति देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) के पास जाएं। बीएमओ का कहना है कि अनुमति मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) देंगे।</p>
<p>उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष ने बताया कि जब उन्होंने सोलन के सीएमओ डॉ. राजन उप्पल से बात की तो उन्होंने रक्तदान शिविर की अनुमति देने से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल तो वह रक्तदान शिविर की अनुमति नहीं देंगे क्योंकि कोरोना केस बढ़ रहे हैं।</p>
<p>फाउंडेशन अध्यक्ष ने कहा कि सोलन सीएमओ को जब इस बता से अवगत करवाया कि स्वास्थ्य सचिव 17 मई 2021 को सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को स्वयंसेवी संस्थाओं के रक्तदान शिविरों को कोविड प्रोटोकॉल के अनुपालन की शर्त पर अनुमति देने के स्पष्ट निर्देश जारी कर चुके हैं जिसके जवाब में डॉ उप्पल ने कहा कि , &#8221; कोविड के बढ़ते मामलों के मद्देनजर वह फिलहाल अनुमति नहीं दे सकते।&#8221;</p>
<p>अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सोलन जिला प्रशासन और सीएमओ के व्यवहार पर घोर निराशा और आपत्ति जताते हुए कहा कि नौकरशाही मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है। स्वयंसेवी संस्थाएं सरकार की सहायता के बिना रक्तदान शिविर लगाती हैं और उनके साथ प्रशासन इस तरह का व्यवहार करता है। उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</p>
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		<title>राज्य पैरास्पोर्ट्स चैंपियनशिप में हिमाचल विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने जीते 14 पदक</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/30/hp-para-sports-championship/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Dec 2021 05:57:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[कुलपति प्रोफेसर सिकंदर कुमार]]></category>
		<category><![CDATA[दिव्यांग खिलाड़ियों हिमाचल पैरास्पोर्ट्स चैंपियनशिप]]></category>
		<category><![CDATA[प्रो. अजय श्रीवास्तव]]></category>
		<category><![CDATA[स्पोर्ट्स]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला धर्मशाला में इस वर्ष हुई छठी हिमाचल प्रदेश पैरास्पोर्ट्स राज्य चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सात दिव्यांग विद्यार्थियों ने 4 स्वर्ण, 6 रजत और 4 कांस्य पदकों सहित कुल 14 पदक जीतकर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है और अपनी महारत दिखाई है। शारीरिक दिव्यांग बाबूराम ने एक स्वर्ण एक रजत और दो [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong> धर्मशाला में इस वर्ष हुई छठी हिमाचल प्रदेश पैरास्पोर्ट्स राज्य चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सात दिव्यांग विद्यार्थियों ने 4 स्वर्ण, 6 रजत और 4 कांस्य पदकों सहित कुल 14 पदक जीतकर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है और अपनी महारत दिखाई है।</p>
<p>शारीरिक दिव्यांग बाबूराम ने एक स्वर्ण एक रजत और दो कांस्य पदक समेत कुल 4 पदक जीते हैं।</p>
<p>हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने इन दिव्यांग विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में विश्वविद्यालय के दिव्यांग विद्यार्थियों को भी सभी प्रकार की खेल सुविधाएं दी जाएंगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय दिव्यांग विद्यार्थियों को अन्य विद्यार्थियों के समान सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>विकलांगता मामलों के नोडल अधिकारी प्रो.अजय श्रीवास्तव ने बताया कि कई असुविधाओं का सामना करने के बावजूद इन दिव्यांग विद्यार्थियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय का नाम चमकाया है।</p>
<p>उन्होंने बताया एमए (इतिहास) के शारीरिक विकलांग छात्र बाबूराम ने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण, शॉटपुट में रजत, 100 मीटर रेस और पॉवर लिफ्टिंग में कांस्य पदक जीतकर रिकॉर्ड बनाया। एमए (पुरातत्व विज्ञान) के दृष्टिबाधित छात्र सुखबीर सिंह ने लंबी कूद में स्वर्ण, भाला फेंक में रजत और 100 मीटर दौड़ में भी रजत पदक जीता।</p>
<p>समाजशास्त्र में एमए कर रहे दृष्टिबाधित विद्यार्थी पंकू कुमार ने 100 मीटर रेस में स्वर्ण पदक जीता। पूरी तरह दृष्टिबाधित होने के कारण विशाल ने रनर के तौर पर उनका साथ दिया।</p>
<p>राहुल ने भाला फेंक में स्वर्ण और 100 मीटर रेस में रजत पदक जीता। वह शारीरिक विकलांग है और हिंदी में एमए कर रहे हैं। एमकॉम के शारीरिक विकलांग विद्यार्थी परमजीत ने 100 मीटर दौड़ में रजत और भाला फेंक में कांस्य पदक जीता।</p>
<p>पत्रकारिता में पीएचडी कर रहे विमल कुमार जाटव को 1500 मीटर रेस में रजत पदक प्राप्त हुआ। जबकि एमकॉम के दृष्टिबाधित छात्र अमित कुमार ने डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीता।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/30/hp-para-sports-championship/">राज्य पैरास्पोर्ट्स चैंपियनशिप में हिमाचल विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने जीते 14 पदक</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>हि.प्र. शिक्षा बोर्ड दृष्टिबाधित अभ्यार्थियों के अधिकारों की उड़ा रहा धज्जियां, न्यायालय में दायर होगी याचिका: श्रीवास्तव</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/17/hp-education-boards-injustice-to-visually-impaired-students/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Dec 2021 11:06:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[दृष्टिबाधित]]></category>
		<category><![CDATA[प्रो. अजय श्रीवास्तव]]></category>
		<category><![CDATA[स्कूल शिक्षा बोर्ड]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विकलांगता सलाहकार बोर्ड]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल प्रदेश विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा है कि प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी स्पष्ट दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ा कर दृष्टिबाधित एवं हाथ से लिखने में असमर्थ अभ्यार्थियों के साथ परीक्षाओं में अन्याय कर रहा है। उन्होंने कहा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/17/hp-education-boards-injustice-to-visually-impaired-students/">हि.प्र. शिक्षा बोर्ड दृष्टिबाधित अभ्यार्थियों के अधिकारों की उड़ा रहा धज्जियां, न्यायालय में दायर होगी याचिका: श्रीवास्तव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>हिमाचल प्रदेश विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा है कि प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी स्पष्ट दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ा कर दृष्टिबाधित एवं हाथ से लिखने में असमर्थ अभ्यार्थियों के साथ परीक्षाओं में अन्याय कर रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा संचालित 12वीं कक्षा तक की परीक्षाओं के अलावा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) में भी दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए राइटर संबंधी बिल्कुल अवैध नियम लागू किए गए हैं। अब इस मामले पर भी वह हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे, क्योंकि शिक्षा बोर्ड अपने रवैये में बदलाव के लिए तैयार नहीं है।</p>
<p>श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने आदित्य नारायण तिवारी बनाम भारत सरकार मामले में 04 दिसंबर 2018 को फैसला दिया था कि दृष्टिबाधित एवं हाथ से लिखने में असमर्थ अभ्यार्थियों के लिए परीक्षा लेने वाली एजेंसी जब तक राइटर का पैनल नहीं बना लेती है, तब तक केंद्र सरकार 26 फरवरी 2013 को जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप ही परीक्षा ली जाएगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट का कहना था कि यदि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी स्वयं राइटर उपलब्ध कराती है तो वह परीक्षार्थी के समान शैक्षणिक योग्यता वाला होना चाहिए। यदि विकलांग विद्यार्थी को अपना राइटर लाना पड़ता है तो 2013 के दिशा निर्देशों के अनुरूप शैक्षणिक योग्यता की शर्त नहीं लगाई जाएगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 01 जनवरी 2019 को सभी विभागों एवं राज्य सरकारों को नए दिशानिर्देश जारी करके दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन करने के लिए कहा था। इसके बावजूद हिमाचल प्रदेश सरकार ने 16 दिसंबर 2020 को केंद्र सरकार के आदेशों की परवाह किए बिना अवैध दिशा निर्देश जारी करके एक क्लास जूनियर कक्षा वाले राइटर की शर्त लगा दी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें</strong>: <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/17/shimla-visually-impaired-ctet-candidate-not-allowed-to-enter-exam-centre/">शिमला में दृष्टिबाधित युवा को सी-टेट परीक्षा में बैठने से रोका, दुर्व्यवहार कर वहां से भगाया</a></p>
<p>श्रीवास्तव ने बताया कि जब उन्होंने इसका लिखित विरोध किया तो 12 अप्रैल 2021 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने नई अधिसूचना जारी करके दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों को लागू करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने इसका पालन सुनिश्चित किया। लेकिन राज्य सरकार के शिक्षा विभाग और राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड अभी तक अवैध ढंग से एक क्लास जूनियर राइटर लाने के लिए विकलांग विद्यार्थियों को मजबूर कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की संवेदनहीनता और आपराधिक लापरवाही की सजा दृष्टिबाधित एवं हाथ से लिखने में असमर्थ अभ्यार्थियों को दी जा रही है। इस मामले पर वे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/17/hp-education-boards-injustice-to-visually-impaired-students/">हि.प्र. शिक्षा बोर्ड दृष्टिबाधित अभ्यार्थियों के अधिकारों की उड़ा रहा धज्जियां, न्यायालय में दायर होगी याचिका: श्रीवास्तव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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