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	<title>पीजी परिणाम Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>पीजी परिणाम Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>छात्रों की समस्याओं को लेकर एसएफआई ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Mar 2022 16:36:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
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		<category><![CDATA[पीजी परिणाम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- प्रदेश विश्वविद्यालय में पिछले काफी लंबे समय से पीजी रिजल्ट और ईआरपी सिस्टम में खामियों को लेकर छात्र संघठनों द्वारा ज्ञापन सौंपना और धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं एचपीयू प्रशासन ने जल्दबाजी में पीजी के कुछ विभागों के रिजल्ट घोषित कर दिए लेकिन घोषित परिणामों में काफी खामियां देखने को मिल रही है [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> प्रदेश विश्वविद्यालय में पिछले काफी लंबे समय से पीजी रिजल्ट और ईआरपी सिस्टम में खामियों को लेकर छात्र संघठनों द्वारा ज्ञापन सौंपना और धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं एचपीयू प्रशासन ने जल्दबाजी में पीजी के कुछ विभागों के रिजल्ट घोषित कर दिए लेकिन घोषित परिणामों में काफी खामियां देखने को मिल रही है जिससे छात्र परेशान है। यह आरोप लगाया है प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने। </p>
<p>एसएफआई इकाई ने इन समस्याओं को लेकर कुलपति को ज्ञापन सौंपा है।</p>
<p>एसएफआई इकाई ने कहा कि पिछले लंबे समय से छात्रों के पीजी के रिजल्ट को जल्दी से जल्दी घोषित करने की  मांग की जा रही थी लेकिन जब वी.वी. प्रशासन 5 महीने बाद जल्दबाजी में छात्रों के कुछ विभागों के रिजल्ट को घोषित करता है तो उसके अंदर काफी खामियां देखने को मिलती है जिसके चलते छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>एसएफआई ने कहा कि काफी लंबे समय से यह मांग कर रही थी कि पीजी परीक्षाओं से पहले परीक्षा परिणामों को घोषित किया जाए परंतु अभी पूरे परिणामों को घोषित नहीं किया गया है।</p>
<p>इकाई ने कहा कि छात्र ईआरपी सिस्टम की खामियों से परेशान है और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के भविष्य की चिंता ना करते हुए ईआरपी सिस्टम को दुरुस्त करने में नाकामयाब रहा है।  </p>
<p>एसएफआई ने कुलपति से मांग करते हुए कहा कि छात्रों के पीजी परीक्षा परिणामों को जल्द प्रभाव से घोषित किया जाए और जो परिणाम घोषित हुए हैं उनके अंदर जो खामियां हैं उन खामियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए। </p>
<p>वहीं इकाई ने यह भी मांग की है कि ईआरपी सिस्टम को सही ढंग से चलाया जाए नहीं तो इस सिस्टम को वापस लिया जाए । </p>
<p>इसके अलावा एसएफआई ने अन्य प्रमुख मांगे को सामने रखते हुए कहा कि जो छात्रों से 2020-21 सत्र की  हॉस्टल कॉन्टीनुअशन फीस  लेने का फरमान विवि ने निकाला है उसे वापस लिया जाए और छात्रों की  हॉस्टल कॉन्टीनुअशन फीस को माफ किया जाए और छात्रों के लिए कैफिटेरिया को जल्द से जल्द खोला जाए।</p>
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		<title>ईआरपी सिस्टम और पीजी परीक्षा परिणामों को लेकर एसएफआई ने किया धरना प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/28/hpu-sfi-protest-against-erp-system-faliure-and-pg-results-delay/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Feb 2022 15:56:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ईआरपी सिस्टम]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीएयू]]></category>
		<category><![CDATA[एसएसआई]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र राजनीती]]></category>
		<category><![CDATA[पीजी परिणाम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- ईआरपी सिस्टम में खराबी और पीजी परीक्षा के परिणाम अब तक न घोषित न होने के विरोध में एचपीयू में लगातार बार-बार छात्र संगठनो द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस समस्या से छात्र भी परेशान है। इसी के चलते प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने ईआरपी सिस्टम में खामियां और पीजी परीक्षा [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> ईआरपी सिस्टम में खराबी और पीजी परीक्षा के परिणाम अब तक न घोषित न होने के विरोध में एचपीयू में लगातार बार-बार छात्र संगठनो द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस समस्या से छात्र भी परेशान है।  </p>
<p>इसी के चलते प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने ईआरपी सिस्टम में खामियां और पीजी परीक्षा के परिणाम न घोषित होने से छात्रों को हो रही समस्याओं को लेकर वीसी ऑफिस के बाहर इसके विरोध में धरना प्रदर्शन किया।</p>
<p>कैंपस अध्यक्ष रॉकी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने 2013 में  ईआरपी सिस्टम विश्वविद्यालय में लाया था जिसके साथ विश्वविद्यालय में ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत हुई थी। लेकिन आज 9 साल बीतने जाने के बाद भी प्रशासन ईआरपी सिस्टम को सही रूप से स्थापित नहीं कर पाया है। जिस वजह से छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>कैंपस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि छात्रों के जब एग्जाम फॉर्म भरे जाते हैं तो ईआरपी सिस्टम की खामियों की वजह से समय पर फार्म नहीं भर पाते हैं व दूसरी तरफ जब रिजल्ट घोषित किया जाता है उस समय ईआरपी सिस्टम में खामियों की वजह से छात्रों के आधे अधूरे रिजल्ट निकलते हैं।</p>
<p>ईआरपी सिस्टम के चलते जब कोई छोटी सी भी गलती होती है तो विश्वविद्यालय उसको ठीक करने की 600 रुपये छात्रों से वसूल करता है। </p>
<p>इकाई ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने एग्जामिनेशन विंग को ठेके पर दे दिया है जिसके तहत ऑनलाइन पेपर चेक करने का प्रावधान किया गया है। इसमें ठेकेदार के द्वारा रखे गए लोगों द्वारा एग्जामिनेशन शीट की स्केनिंग की जा रही है व शीट कहां चेक हो रही है इसका पूरा ब्यौरा ठेकेदार के पास है। जिसमें एग्जाम चेकिंग की सीक्रेसी पर सवाल खड़ा होता है। किसी भी विश्वविद्यालय के कर्मचारी को स्केनिंग की जिम्मेवारी नहीं दी गई है। अब सवाल पैदा होता है कि अगर इस प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? </p>
<p>अध्यक्ष रॉकी ने कहा कि ठेकाकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय के फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है। </p>
<p>इकाई के शहबाज खान ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगस्त सितम्बर 2021 में पीजी के एग्जाम करवाए थे लेकिन लगभग 6 माह का समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन रिजल्ट घोषित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। रिजल्ट में देरी का मुख्य कारण एग्जाम विंग का ठेकाकरण है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि अब 3 मार्च से पीजी की परीक्षाएं होने जा रही हैं लेकिन अभी तक छात्रों के रिजल्ट घोषित नहीं किए गए हैं। इस कारण प्रशासन द्वारा छात्रों के भविष्य से साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यदि किसी छात्र ने री-अपीयर के एग्जाम भरने हैं तो वो कैसे फॉर्म भरेगा जबकि उसका पिछले रिजल्ट ही अभी घोषित नहीं किया गया है। </p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि एसएसआई लंबे समय से मांग कर रही है कि छात्रों से  2020-21 वर्ष की हॉस्टल  कॉन्टीनुअशन फीस नहीं ली जाए क्योंकि इस दौरान पूरे करोना काल के अंदर कोई भी छात्र वह हॉस्टल के अंदर नहीं रहा है परंतु फिर भी विवि प्रशासन छात्रों से कॉन्टीनुअशन फीस लेने का फरमान जारी किया है एसएसआई इसकी कड़ी निंदा करती है और वह मांग करती है कि इन इस फरमान को जल्दी से जल्दी वापस लिया जाए। </p>
<p>एसएसआई ने धरना प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा की यदि परीक्षा होने से पहले जल्द ही छात्रों के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए जाते है और हॉस्टल के इस बेतुकी फरमान को वापस नहीं लिया जाता है तो  एसएसआई छात्रों को लामबंद कर एक उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी जिसका जिम्मेदार खुद विश्वविद्यालय प्रशासन होगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/28/hpu-sfi-protest-against-erp-system-faliure-and-pg-results-delay/">ईआरपी सिस्टम और पीजी परीक्षा परिणामों को लेकर एसएफआई ने किया धरना प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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