<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>दृष्टिबाधित Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/%E0%A4%A6%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%A4/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/दृष्टिबाधित/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Fri, 17 Dec 2021 11:06:18 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>दृष्टिबाधित Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/दृष्टिबाधित/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>हि.प्र. शिक्षा बोर्ड दृष्टिबाधित अभ्यार्थियों के अधिकारों की उड़ा रहा धज्जियां, न्यायालय में दायर होगी याचिका: श्रीवास्तव</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/17/hp-education-boards-injustice-to-visually-impaired-students/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Dec 2021 11:06:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[दृष्टिबाधित]]></category>
		<category><![CDATA[प्रो. अजय श्रीवास्तव]]></category>
		<category><![CDATA[स्कूल शिक्षा बोर्ड]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विकलांगता सलाहकार बोर्ड]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=14920</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल प्रदेश विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा है कि प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी स्पष्ट दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ा कर दृष्टिबाधित एवं हाथ से लिखने में असमर्थ अभ्यार्थियों के साथ परीक्षाओं में अन्याय कर रहा है। उन्होंने कहा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/17/hp-education-boards-injustice-to-visually-impaired-students/">हि.प्र. शिक्षा बोर्ड दृष्टिबाधित अभ्यार्थियों के अधिकारों की उड़ा रहा धज्जियां, न्यायालय में दायर होगी याचिका: श्रीवास्तव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>हिमाचल प्रदेश विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा है कि प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी स्पष्ट दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ा कर दृष्टिबाधित एवं हाथ से लिखने में असमर्थ अभ्यार्थियों के साथ परीक्षाओं में अन्याय कर रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा संचालित 12वीं कक्षा तक की परीक्षाओं के अलावा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) में भी दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए राइटर संबंधी बिल्कुल अवैध नियम लागू किए गए हैं। अब इस मामले पर भी वह हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे, क्योंकि शिक्षा बोर्ड अपने रवैये में बदलाव के लिए तैयार नहीं है।</p>
<p>श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने आदित्य नारायण तिवारी बनाम भारत सरकार मामले में 04 दिसंबर 2018 को फैसला दिया था कि दृष्टिबाधित एवं हाथ से लिखने में असमर्थ अभ्यार्थियों के लिए परीक्षा लेने वाली एजेंसी जब तक राइटर का पैनल नहीं बना लेती है, तब तक केंद्र सरकार 26 फरवरी 2013 को जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप ही परीक्षा ली जाएगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट का कहना था कि यदि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी स्वयं राइटर उपलब्ध कराती है तो वह परीक्षार्थी के समान शैक्षणिक योग्यता वाला होना चाहिए। यदि विकलांग विद्यार्थी को अपना राइटर लाना पड़ता है तो 2013 के दिशा निर्देशों के अनुरूप शैक्षणिक योग्यता की शर्त नहीं लगाई जाएगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 01 जनवरी 2019 को सभी विभागों एवं राज्य सरकारों को नए दिशानिर्देश जारी करके दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन करने के लिए कहा था। इसके बावजूद हिमाचल प्रदेश सरकार ने 16 दिसंबर 2020 को केंद्र सरकार के आदेशों की परवाह किए बिना अवैध दिशा निर्देश जारी करके एक क्लास जूनियर कक्षा वाले राइटर की शर्त लगा दी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें</strong>: <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/17/shimla-visually-impaired-ctet-candidate-not-allowed-to-enter-exam-centre/">शिमला में दृष्टिबाधित युवा को सी-टेट परीक्षा में बैठने से रोका, दुर्व्यवहार कर वहां से भगाया</a></p>
<p>श्रीवास्तव ने बताया कि जब उन्होंने इसका लिखित विरोध किया तो 12 अप्रैल 2021 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने नई अधिसूचना जारी करके दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों को लागू करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने इसका पालन सुनिश्चित किया। लेकिन राज्य सरकार के शिक्षा विभाग और राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड अभी तक अवैध ढंग से एक क्लास जूनियर राइटर लाने के लिए विकलांग विद्यार्थियों को मजबूर कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की संवेदनहीनता और आपराधिक लापरवाही की सजा दृष्टिबाधित एवं हाथ से लिखने में असमर्थ अभ्यार्थियों को दी जा रही है। इस मामले पर वे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/17/hp-education-boards-injustice-to-visually-impaired-students/">हि.प्र. शिक्षा बोर्ड दृष्टिबाधित अभ्यार्थियों के अधिकारों की उड़ा रहा धज्जियां, न्यायालय में दायर होगी याचिका: श्रीवास्तव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिमला में दृष्टिबाधित युवा को सी-टेट परीक्षा में बैठने से रोका, दुर्व्यवहार कर वहां से भगाया: श्रीवास्तव</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/17/shimla-visually-impaired-ctet-candidate-not-allowed-to-enter-exam-centre/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Dec 2021 01:45:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[दृष्टिबाधित]]></category>
		<category><![CDATA[पंथाघटी]]></category>
		<category><![CDATA[विकलांगता सलाहकार बोर्ड]]></category>
		<category><![CDATA[सी-टेट]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=14896</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल प्रदेश राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा है कि गुरुवार को पंथाघाटी स्थित परीक्षा केंद्र में सी-टेट परीक्षा में बैठने से एक दृष्टिबाधित युवा रविकांत को गैरकानूनी ढंग से रोक दिया गया। पंथाघाटी स्थित परीक्षा केंद्र में उसके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/17/shimla-visually-impaired-ctet-candidate-not-allowed-to-enter-exam-centre/">शिमला में दृष्टिबाधित युवा को सी-टेट परीक्षा में बैठने से रोका, दुर्व्यवहार कर वहां से भगाया: श्रीवास्तव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-हिमाचल प्रदेश राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा है कि गुरुवार को पंथाघाटी स्थित परीक्षा केंद्र में सी-टेट परीक्षा में बैठने से एक दृष्टिबाधित युवा रविकांत को गैरकानूनी ढंग से रोक दिया गया। पंथाघाटी स्थित परीक्षा केंद्र में उसके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। परीक्षा केंद्र ने सीबीएसई के स्पष्ट दिशा निर्देशों को मानने से भी इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।</p>
<p>श्रीवास्तव ने बताया कि मंडी के रहने वाले दृष्टिबाधित रविकान्त की विकलांगता 50% है। परीक्षा में लिखने के लिए उसे राइटर की आवश्यकता होती है। गुरुवार को पंथाघटी में मैक डिजिटल विजन नामक परीक्षा केंद्र में उससे कहा गया कि वह एक क्लास जूनियर राइटर लाए। जबकि सीबीएसई की वेबसाइट में स्पष्ट लिखा है कि दृष्टिबाधित एवं हाथ से लिखने में असमर्थ उम्मीदवारों के लिए 26 फरवरी 2013 की भारत सरकार की गाइडलाइंस ही मान्य होंगी। इन गाइडलाइंस के अनुसार पात्र दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कोई भी राइटर बन सकता है। राइटर की शैक्षणिक योग्यता कि कोई शर्त नहीं लगाई जाएगी। लेकिन रविकांत की राइटर की शैक्षिक योग्यता उसके ही बराबर थी।</p>
<p>उन्होंने बताया, &#8220;रविकांत से जानकारी मिलने पर मैंने स्वयं परीक्षा केंद्र के लैंडलाइन नंबर पर कई बार फोन किया। लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। रविकान्त और उसके साथ गई राइटर ने परीक्षा ड्यूटी वाले शिक्षकों से मेरी बात कराने का प्रयास किया। मगर उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया। यही नहीं, दृष्टिबाधित युवा को दुर्व्यवहार कर वहां से भगा दिया गया।</p>
<p>अजय श्रीवास्तव ने कहा कि यह दृष्टिबाधित व्यक्तियों के अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे ताकि भविष्य में अन्य दिव्यांग व्यक्तियों के जीवन से खिलवाड़ न हो सके।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/17/shimla-visually-impaired-ctet-candidate-not-allowed-to-enter-exam-centre/">शिमला में दृष्टिबाधित युवा को सी-टेट परीक्षा में बैठने से रोका, दुर्व्यवहार कर वहां से भगाया: श्रीवास्तव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दृष्टिबाधित और बधिर व्यक्तियों के स्कूल लेक्चरर बनने पर रोक लगा हिमाचल सरकार ने उड़ाई सुप्रीम कोर्ट के फैसले की धज्जियां</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/21/hp-govt-denies-disabled-recruitment-as-lecturers-in-schools-against-supreme-court-order/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Nov 2021 12:01:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[उमंग फाउंडेशन]]></category>
		<category><![CDATA[दृष्टिबाधित]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य विकलांगता आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल शिक्षा विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=14392</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा है कि  राज्य के शिक्षा निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की धज्जियां उड़ाते हुए 60 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगता वाले दृष्टिबाधित एवं बधिर व्यक्तियों के स्कूल लेक्चरर बनने पर रोक लगा दी है। जबकि [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/21/hp-govt-denies-disabled-recruitment-as-lecturers-in-schools-against-supreme-court-order/">दृष्टिबाधित और बधिर व्यक्तियों के स्कूल लेक्चरर बनने पर रोक लगा हिमाचल सरकार ने उड़ाई सुप्रीम कोर्ट के फैसले की धज्जियां</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा है कि  राज्य के शिक्षा निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की धज्जियां उड़ाते हुए 60 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगता वाले दृष्टिबाधित एवं बधिर व्यक्तियों के स्कूल लेक्चरर बनने पर रोक लगा दी है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस साल फरवरी में एक फैसले में कहा था कि दृष्टिबाधित और बधिर व्यक्तियों के जज बनने में भी विकलांगता बाधा नहीं है। ऐसे व्यक्ति आईएएस अधिकारी और विश्वविद्यालय में प्रोफेसर समेत कई अन्य उच्च पदों पर भी कार्य कर रहे हैं। अदालत ने यह भी कहा था कि ऐसे मामलों में आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशक द्वारा स्कूल लेक्चरर पदों पर भर्ती के लिए हाल ही में निकाले गए विज्ञापन पर उमंग फाउंडेशन ने सख्त एतराज जताया है। इसमें कहा गया है कि 60 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले दृष्टिबाधित और बधिर व्यक्ति स्कूल लेक्चरर नहीं बन सकते हैं।</p>
<p>श्रीवास्तव ने राज्य विकलांगता आयुक्त से इसकी शिकायत करते हुए कहा कि दोषी अफसरों के खिलाफ जांच बैठा कर कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वह हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे। उन्होंने शिकायत में लिखा है कि शिक्षा निदेशक का फरमान बिल्कुल गैरकानूनी, मनमाना और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि केंद्र या राज्य सरकार के किसी भी कानून अथवा नियम में इस तरह के भेदभाव पूर्ण प्रावधान नहीं हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालय के शिक्षकों से लेकर आईएएस तक के पद भी 40% से 100% विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए चिन्हित किए हैं। शिक्षा निदेशक इनमें कोई बदलाव नहीं कर सकते। भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय विदेश सेवा और भारतीय राजस्व सेवा में भी 100% विकलांगता वाले व्यक्ति चुने गए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा है कि शिक्षा विभाग ने दिव्यांग व्यक्तियों को अंको में सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों की तुलना में 5% की रियायत भी नहीं दी है। इससे पहले भी शिक्षा विभाग दिव्यांग व्यक्तियों के साथ भेदभाव और अन्याय करता रहा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस वर्ष फरवरी में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति वाईवी चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने एक मामले में फैसला दिया था कि जिला न्यायालय में जज बनने के लिए विकलांगता की सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती। कोर्ट ने यह भी कहा था कि चयन पर रोक लगाने की बजाय विकलांग व्यक्तियों को आधुनिक उपकरण और यंत्र देकर उनकी क्षमताओं का लाभ उठाना चाहिए।</p>
<p>श्रीवास्तव ने राज्य विकलांगता आयुक्त से कहा है कि इस मामले को संज्ञान में लेकर तुरंत उक्त विज्ञापन को रद किया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए जाएं ताकि भविष्य में कोई भी अफसर विकलांग व्यक्तियों के साथ अन्याय न कर सके।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/21/hp-govt-denies-disabled-recruitment-as-lecturers-in-schools-against-supreme-court-order/">दृष्टिबाधित और बधिर व्यक्तियों के स्कूल लेक्चरर बनने पर रोक लगा हिमाचल सरकार ने उड़ाई सुप्रीम कोर्ट के फैसले की धज्जियां</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
