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	<title>एचपीयू Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>एचपीयू Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>विश्वविद्यालय को आरएसएस का अड्डा बनाने का कुलपति सिंकदर को मिला ईनाम:एनएसयूआई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Mar 2022 04:53:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[आरएसएस]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[कुलपति सिंकदर एनएसयूआई]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र राजनीती]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों मे भगवाकरण का आरोप प्रदेश सरकार पर लगाया हैं। भाजपा की ओर से एचपीयू के कुलपति को राज्यसभा का उमीदवार बनाने पर प्रदेश सरकार ओर भाजपा नेतृत्व को आडे़ हाथ लेते हुए एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा की एनएसयूआई बीते [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/22/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%8f%e0%a4%b8/">विश्वविद्यालय को आरएसएस का अड्डा बनाने का कुलपति सिंकदर को मिला ईनाम:एनएसयूआई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों मे भगवाकरण का आरोप प्रदेश सरकार पर लगाया हैं। भाजपा की ओर से एचपीयू के कुलपति को राज्यसभा का उमीदवार बनाने पर प्रदेश  सरकार ओर भाजपा नेतृत्व को आडे़ हाथ लेते हुए एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा की एनएसयूआई बीते कई दिनों से प्रदेश विश्वविद्यालय में भगवाकरण को  बढ़ावा दिया जाने के खिलाफ मुखर थी।</p>
<p>छत्तर ठाकुर ने बताया की एनएसयूआई ने लगातार कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था,जिसमें उन्होंने कुलपति  की योग्यता के खिलाफ लगातार प्रश्न चिन्ह उठाए थे। </p>
<p>वहीं कुलपति के बेटे की फर्जी तरीके से यूजीसी के नियमों के खिलाफ जाकर पीएचडी में दाखिले, इसके अलावा प्रदेश विश्वविद्यालय मे 160+ प्रोफेसरों, गैर शिक्षक वर्ग व आउटसोर्स के माध्यम से सैकडो़ भर्तीयां प्रदेश विश्वविद्यालय में की गई, जिनमें यूजीसी के नियमों की धजियां उडा़ई गई, नियमों को ताक पर रख कर गलत तरीके से कई साक्षात्कार किए गए, विश्व विद्यालय के बुनियादी ढांचे के विकास मे कई घोटाले बाजी की गई, सैनिटाइज़र मशीनों के नाम पर घोटालेबाजी की गई,एनएसयूआई ने इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जिसके लिए एनएसयूआई के तीन पदाधिकारियों को असवैधांनिक तरीके से विश्वविद्यालय से निष्कासित भी किया गया। </p>
<p>उन्होंने कहा कि एनएसयूआई के लगातार इन सभी मुद्दों को उठाने के बाद  चुनावी वर्ष आते ही अब कुलपति को शिक्षा विभाग से हटा दिया गया। </p>
<p>एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष ने बताया की वाईस चांसलर को राज्यसभा भेजा जाए या लोकसभा लेकिन प्रदेश मे सता परिवर्तन तय है और सरकार बदलते ही प्रदेश सरकार से इन सभी गलत तरीके से हुई भर्तियों की ओर विश्वविद्यालय में हुई घोटालेबाजी की जांच करा कर, दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करवाई जाएगी। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/22/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%8f%e0%a4%b8/">विश्वविद्यालय को आरएसएस का अड्डा बनाने का कुलपति सिंकदर को मिला ईनाम:एनएसयूआई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>एचपीयू की स्वतयत्ता बहाली की मांग को लेकर एबीवीपी ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/10/hpu-abvp-protest-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Mar 2022 16:02:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू स्वतयत्ता]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा मंत्री]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बहाली की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ऐतिहासिक पिंक पैटल पर धरना प्रदर्शन किया गया। एबीवीपी इकाई सचिव कमलेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 एवं 28(1) में वर्ष 2015 में तत्कालीन कांग्रेस [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बहाली की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ऐतिहासिक पिंक पैटल पर धरना प्रदर्शन किया गया। </p>
<p>एबीवीपी इकाई सचिव कमलेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 एवं 28(1) में वर्ष 2015 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार की ओर से किए गए संशोधन की वजह से विश्वविद्यालय  के विकास कार्य तथा छात्र हितों में शीघ्र निर्णय लेने की प्रक्रिया में बहुत बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि बीते वर्ष 22 जुलाई को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान इन संशोधनों को वापिस लेने तथा विश्वविद्यालय की स्वायतता को पुनः बहाल करने की घोषणा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ओर शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर की ओर सेकी गई थी जिसका विद्यार्थी परिषद ने स्वागत किया था,लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार की ओर से इस घोषणा का पूरा नहीं किया गया है जिसके कारण विश्वविद्यालय में कई विकास कार्यों और नियुक्तियों को लेकर बाधाएं आ रही है।</p>
<p>कमलेश ने कहा की किसी भी विश्वविद्यालय के विकास तथा गुणवत्ता के लिए उसकी पूर्णतः स्वायतता का होना अति आवश्यक है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायतता न होने की वजह से विश्वविद्यालय के विकास से संबंधित और महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रिया में देरी होना विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के लिए सही नहीं है। स्वायतता बहाल न होने के कारण विवि प्रशासन विश्वविद्यालय से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय नहीं ले पा रहा है ।</p>
<p>इकाई सचिव  ने कहा कि अनुच्छेद 28(1) के अंतर्गत विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के पदों का सृजन व पदों की भर्तियां, पदोन्नति नियमों का निर्माण एवं संशोधन इत्यादि सर्वप्रथम प्रदेश सरकार की वित्त समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है। उसके पश्चात वह प्रस्ताव कार्यकारिणी परिषद में विचारार्थ/ अनुमोदनार्थ हेतु प्रस्तुत किया जाता है जिस वजह से विश्वविद्यालय में विकासशील कार्य करने में बहुत समय लगता है। </p>
<p>उन्होंने कहा जहां तक पदों की भर्तियां व उनके सृजन का सम्बंध है, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्तियां व पदों का सृजन प्रदेश सरकार के आदेशानुसार और स्वीकृति के बाद ही संभावित होती है। कई बार कुछ प्रकरणों पर विश्वविद्यालय को शीघ्र कार्रवाई ओर शीघ्र निर्णय लेना बहुत आवश्यक होता है,लेकिन उपरोक्त अधिनियम में संशोधन की वजह से इन कार्यों में बहुत देरी हो जाती है।</p>
<p>विद्यार्थी परिषद का मानना है कि विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान के लिए विकास कार्यो में और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में देरी होना प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के लिए सही नहीं है। </p>
<p>विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 एवं 28 में वर्ष 2015 में किए गए संशोधन पर सरकार पुनः विचार करे ओर प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त अधिनियम में किए गए संशोधन को पुनः इसके मूल रूप में बहाल करे, ताकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायतता यथावत बनी रहे।</p>
<p>धरने प्रदर्शन के उपरांत एबीवीपी एचपीयू का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा और सरकार  से मांग की है कि प्रदेश सरकार जल्द से जल्द विवि की स्वायतता को बहाल करे ताकि विवि प्रशासन अपने बलबूते पर विश्वविद्यालय के विकास एवं अन्य मुद्दों पर फैसले ले सके।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>2015 रूसा बैच के छात्रों को डिग्री पूरी करने और आंतरिक पूनर्मूल्यांकन के लिए दिया जाए विशेष मौका:एबीवीपी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/07/hp-university-abvp-party/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Mar 2022 17:00:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एबीवीपी]]></category>
		<category><![CDATA[रूसा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- प्रदेश के वर्ष 2015 के रूसा सत्र के विद्यार्थियों को उनकी डिग्री पूरी करने के लिए विशेष मौका और आंतरिक पूनर्मूल्यांकन से संबंधित मांग को लेकर एबीवीपी ने एचपीयू परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की हैं कि 2015 रूसा सत्र के विद्यार्थियों से संबंधित [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> प्रदेश के वर्ष 2015 के रूसा सत्र के विद्यार्थियों को उनकी डिग्री पूरी करने के लिए विशेष मौका और आंतरिक पूनर्मूल्यांकन से संबंधित मांग को लेकर एबीवीपी ने एचपीयू परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की हैं कि 2015 रूसा सत्र के विद्यार्थियों से संबंधित इन मांगों को जल्द पूरा किया जाए।</p>
<p>इकाई अध्यक्ष आकाश नेगी ने बताया कि 2015 रूसा बैच के छात्रों को अपनी डिग्री पूरी करने के लिए विशेष मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि  बहुत से छात्र किसी कारणवश अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाए थे, ऐसे में उन सभी छात्रों को डिग्री पूरी करने का मौका दिया जाना चाहिए।</p>
<p>इसके साथ ही विद्यार्थी परिषद ने कहा कि 2015 रूसा बैच के छात्रों को आंतरिक पूनर्मूल्यांकन का मौका दिया जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा है कि बहुत से ऐसे छात्र हैं जिनकी डिग्री आंतरिक पुनर्मूल्यांकन सही न होने के कारण पूरी नहीं हो पाई है तो ऐसे में उन छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें पुनः आंतरिक पुनर्मूल्यांकन का मौका दिया जाना चाहिए ।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/07/hp-university-abvp-party/">2015 रूसा बैच के छात्रों को डिग्री पूरी करने और आंतरिक पूनर्मूल्यांकन के लिए दिया जाए विशेष मौका:एबीवीपी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>छात्रों की समस्याओं को लेकर एसएफआई ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/07/sfi-submitted-a-memorandum-to-the-vice-chancellor-regarding-students-problems/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Mar 2022 16:36:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ईआरपी सिस्टम]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एसएफआई]]></category>
		<category><![CDATA[पीजी परिणाम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- प्रदेश विश्वविद्यालय में पिछले काफी लंबे समय से पीजी रिजल्ट और ईआरपी सिस्टम में खामियों को लेकर छात्र संघठनों द्वारा ज्ञापन सौंपना और धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं एचपीयू प्रशासन ने जल्दबाजी में पीजी के कुछ विभागों के रिजल्ट घोषित कर दिए लेकिन घोषित परिणामों में काफी खामियां देखने को मिल रही है [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> प्रदेश विश्वविद्यालय में पिछले काफी लंबे समय से पीजी रिजल्ट और ईआरपी सिस्टम में खामियों को लेकर छात्र संघठनों द्वारा ज्ञापन सौंपना और धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं एचपीयू प्रशासन ने जल्दबाजी में पीजी के कुछ विभागों के रिजल्ट घोषित कर दिए लेकिन घोषित परिणामों में काफी खामियां देखने को मिल रही है जिससे छात्र परेशान है। यह आरोप लगाया है प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने। </p>
<p>एसएफआई इकाई ने इन समस्याओं को लेकर कुलपति को ज्ञापन सौंपा है।</p>
<p>एसएफआई इकाई ने कहा कि पिछले लंबे समय से छात्रों के पीजी के रिजल्ट को जल्दी से जल्दी घोषित करने की  मांग की जा रही थी लेकिन जब वी.वी. प्रशासन 5 महीने बाद जल्दबाजी में छात्रों के कुछ विभागों के रिजल्ट को घोषित करता है तो उसके अंदर काफी खामियां देखने को मिलती है जिसके चलते छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>एसएफआई ने कहा कि काफी लंबे समय से यह मांग कर रही थी कि पीजी परीक्षाओं से पहले परीक्षा परिणामों को घोषित किया जाए परंतु अभी पूरे परिणामों को घोषित नहीं किया गया है।</p>
<p>इकाई ने कहा कि छात्र ईआरपी सिस्टम की खामियों से परेशान है और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के भविष्य की चिंता ना करते हुए ईआरपी सिस्टम को दुरुस्त करने में नाकामयाब रहा है।  </p>
<p>एसएफआई ने कुलपति से मांग करते हुए कहा कि छात्रों के पीजी परीक्षा परिणामों को जल्द प्रभाव से घोषित किया जाए और जो परिणाम घोषित हुए हैं उनके अंदर जो खामियां हैं उन खामियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए। </p>
<p>वहीं इकाई ने यह भी मांग की है कि ईआरपी सिस्टम को सही ढंग से चलाया जाए नहीं तो इस सिस्टम को वापस लिया जाए । </p>
<p>इसके अलावा एसएफआई ने अन्य प्रमुख मांगे को सामने रखते हुए कहा कि जो छात्रों से 2020-21 सत्र की  हॉस्टल कॉन्टीनुअशन फीस  लेने का फरमान विवि ने निकाला है उसे वापस लिया जाए और छात्रों की  हॉस्टल कॉन्टीनुअशन फीस को माफ किया जाए और छात्रों के लिए कैफिटेरिया को जल्द से जल्द खोला जाए।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/07/sfi-submitted-a-memorandum-to-the-vice-chancellor-regarding-students-problems/">छात्रों की समस्याओं को लेकर एसएफआई ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>ईआरपी प्रणाली को जल्द दुरुस्त करे एचपीयू प्रशासन:एबीवीपी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/03/hpu-abvp-statement-on-erp-system/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Mar 2022 16:54:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ईआरपी सिस्टम]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एबीवीपी]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र राजनीती]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- पिछले काफी समय से एचपीयू की ईआरपी प्रणाली में खामियों के चलते विद्यार्थी परिषद विवि प्रसाशन से इसे दुरुस्त करने की मांग करता आ रहा है। छात्रों को इस ईआरपी प्रणाली की खामियों के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी का एक उदाहरण है कि वि०वि० प्रशासन की ओर से आज [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> पिछले काफी समय से एचपीयू की ईआरपी प्रणाली में खामियों के चलते विद्यार्थी परिषद विवि प्रसाशन से इसे दुरुस्त करने की मांग करता आ रहा है। छात्रों को इस ईआरपी प्रणाली की खामियों के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>इसी का एक उदाहरण है कि वि०वि० प्रशासन की ओर से आज से शुरू की गई पीजी परीक्षाओं को देने के लिए आए एक छात्र को दो दो एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए। </p>
<p>जनरेट हुए इन एडमिट कार्डों में उक्त छात्र को दो अलग -अलग रोल नंबर जारी कर दिए। अब छात्र के सामने यह समस्या उत्पन्न हो गई कि वो किस अनुक्रमांक के तहत अपनी परीक्षा दें। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन ने अपने इस कारनामे को दबाने के लिए आनन-फानन में उक्त छात्र को दोबारा एडमिट कार्ड जनरेट कर के दे दिया।</p>
<p>इस मुद्दे को उठाते हुए एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की इस ईआरपी सिस्टम प्रणाली की कड़ी निंदा की है।</p>
<p>एबीवीपी इकाई सचिव कमलेश ठाकुर ने कहा कि आए दिन देखते हैं कि विवि प्रशासन समय-समय पर उल जुलूल कारणों के कारण सुर्खियों में बना रहता है। इस बार भी प्रशासन ने ऐसे कारनामे को अंजाम दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिस ईआरपी सिस्टम को अपनाने के बाद विवि प्रशासन अपनी पीठ थपथपाते थक नहीं रहा था, आज उसी ईआरपी प्रणाली के कारण विवि प्रशासन को शर्मिंदा होना पड़ रहा है और इस ऑनलाइन प्रणाली में खामियाँ होने के कारण छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>इकाई सचिव ने कहा कि इस ईआरपी प्रणाली पर विवि प्रशासन प्रत्येक वर्ष करोड़ों रूपए खर्च कर रहा है लेकिन इस प्रणाली का किसी भी छात्र को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस प्रणाली को अपनाने के बाद छात्रों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों को रजिस्ट्रेशन,परीक्षा फॉर्म भरने से लेकर,एडमिट कार्ड जनरेट होने तक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिसके लिए विवि प्रशासन  पूर्ण रूप से जिम्मेदार है। </p>
<p>विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द इस ईआरपी प्रणाली को सुदृढ़ करने की मांग की है ताकि भविष्य में छात्रों को इसके कारण और अधिक मुसीबतों का सामना न करना पड़े।</p>
<p>एबीवीपी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द इस प्रणाली में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले समय में प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ेगा जिसके लिए प्रशासन खुद जिम्मेवार होगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/03/hpu-abvp-statement-on-erp-system/">ईआरपी प्रणाली को जल्द दुरुस्त करे एचपीयू प्रशासन:एबीवीपी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>पीजी परिणाम घोषित न होने पर भड़की एबीवीपी, परीक्षा नियंत्रक का किया घेराव</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/02/hp-univeristy-abvp-protest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Mar 2022 14:44:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एबीवीपी]]></category>
		<category><![CDATA[एलएलएम कॉउंसलिंग]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने आज एचपीयू परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया &#124; विद्यार्थी परिषद ने इस दौरान मांग उठाई की लंबित पड़े परीक्षा परिणामों को वि.वि प्रशासन जल्द घोषित करे। इकाई अध्यक्ष आकाश नेगी की अगुवाई में कार्यकर्त्ता दोपहर 2 बजे परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने पीजी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने आज एचपीयू परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया | विद्यार्थी परिषद ने इस दौरान मांग उठाई की लंबित पड़े परीक्षा परिणामों को वि.वि प्रशासन जल्द घोषित करे।</p>
<p>इकाई अध्यक्ष आकाश नेगी की अगुवाई में कार्यकर्त्ता दोपहर 2 बजे परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने पीजी परीक्षाओं के महीनों से लंबित पड़े परिणामों को घोषित न करने पर परीक्षा नियंत्रक को घेरा। </p>
<p>आकाश ने कहा कि पीजी की परीक्षाएं पिछले वर्ष सितंबर में आयोजित की गई थी, लेकिन विश्वविद्यालय की लच्चर व्यवस्था के कारण आज 5 महीने बीत जाने के बाबजूद भी इन परीक्षाओं का परिणाम वि.वि प्रशासन घोषित नहीं कर पाया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद की ओर से इन पीजी परीक्षाओं का रिजल्ट घोषित करने की मांग के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने आनन- फानन में कुछ विभागों का परिणाम जारी कर दिया लेकिन उनमें भी बहुत से अनियमिताएं पाई गई हैं।</p>
<p>आकाश ने कहा कि बहुत से छात्रों का रिजल्ट आधा अधूरा ही घोषित कर दिया गया है, जोकि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है |</p>
<p> इकाई अध्यक्ष ने कहा कि 3 मार्च से वि.वि प्रशासन ने पीजी की परीक्षाएं शुरू कर दी हैं लेकिन अभी पिछले परिणाम घोषित नहीं किए हैं। जिन छात्रों ने रिअपीयर की परीक्षाएं दी थी उनका भी रिजल्ट नहीं आया है, छात्र असमंजस की स्तिथि में हैं, उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वे दोबारा रिअपीयर के पेपर भरें या नहीं।<br />
 इसके साथ ही एबीवीपी ने एलएलबी परीक्षा परिणाम का मुद्दा भी उठाया। </p>
<p>उन्होंने बताय  कि वि.वि प्रशासन ने 3 मार्च से एलएलएम की कॉउंसलिंग शुरू की है लेकिन अभी तक एलएलबी का परीक्षा परिणाम अधूरा घोषित किया है, छात्र समझ नहीं पा रहे हैं कि वे अब कॉउंसलिंग में हिस्सा लें या नहीं। </p>
<p>आकाश ने कहा कि छात्रों को परिणाम के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। विवि की लच्चर कार्यप्रणाली के कारण प्रदेशभर के हजारों छात्र परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को सहन नहीं करेगी। </p>
<p>उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 3 दिनों के भीतर परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए तो आने वाले समय में प्रशासनिक ब्लॉक पर ताले लगा दिए जाएंगे ।</p>
<p>आकाश ने कहा कि विद्यार्थी परिषद विवि प्रशासन से मांग करती है कि तय दिनों के भीतर पीजी परीक्षा परिणामों को घोषित किया जाए तथा एलएलएम की कॉउंसलिंग की तिथि को एक्सटेंड किया जाए ताकि सभी छात्र कॉउंसलिंग में भाग ले सकें।</p>
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		<title>पीजी परीक्षा परिणाम घोषित ना होने से एबीवीपी खफ़ा,परिणाम घोषित करने के लिए प्रशासन को दिया 28 फरवरी तक का अल्टीमेटम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/25/hpu-abvp-protest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Feb 2022 16:11:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ईआरपी सिस्टम]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एबीवीपी]]></category>
		<category><![CDATA[पीजी परीक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों के पीजी परीक्षाओं के परिणाम घोषित नहीं किए जा रहे है। परीक्षा परिणाम घोषित ना होने की वजह से छात्रअसमंजस की स्तिथि में है। पीजी परीक्षाओं के परिणाम अभी तक घोषित ना होने की वजह से छात्रों को पीएचडी में प्रवेश लेने में दिक्क़तें आ रही है। [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों के पीजी परीक्षाओं के परिणाम घोषित नहीं किए जा रहे है। परीक्षा परिणाम घोषित ना होने की वजह से छात्रअसमंजस की स्तिथि में है। पीजी परीक्षाओं के परिणाम अभी तक घोषित ना होने की वजह से छात्रों को पीएचडी में प्रवेश लेने में दिक्क़तें आ रही है। </p>
<p>इतना ही नहीं  ईआरपी सिस्टम में खामियों के चलते ऑनलाइन फॉर्म भरने के साथ ही अन्य कई परेशानियां छात्रों को झेलनी पड़ रही है बावजूद इसके भी प्रशासन इसका कोई समाधान नहीं निकाल रहा है जिससे गुस्साए हुए छात्र संगठन एबीवीपी ने आज  एचपीयू प्रशासनिक भवन के बाहर धरना प्रदर्शन किया।</p>
<p> इस प्रदर्शन के माध्यम से एबीवीपी ने अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक का घेराव कर प्रशासन से पीजी परीक्षाओं के लंबित पड़े परिणामों को जल्द घोषित करने ओर ईआरपी सिस्टम को सुदृढ़ करने की मांग उठाई।  </p>
<p>इकाई सचिव कमलेश ठाकुर ने कहा कि पीजी परीक्षाओं को हुए लगभग 5 महीने बीत चुके हैं लेकिन उनके अभी तक परिणाम जारी नहीं हुए हैं जिसकी वजह से बहुत से छात्र विश्वविद्यालय की लेट लतिफी के कारण अन्य कक्षाओं में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि वि.वि प्रशासन ने पीजी परीक्षाओं की डेट शीट जारी कर दी है लेकिन पिछले परिणाम अभी तक घोषित नहीं किए हैं जो कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि बहुत से छात्रों ने पीएचडी के लिए अन्य विश्वविद्यालयों में अप्लाई किया हुआ है लेकिन उनका पिछला परिणाम अभी तक प्रशासन ने घोषित नहीं किया है जिसके कारण वो छात्र पीएचडी में प्रवेश लेने से वंचित रह रहे हैं और प्रशासन के निक्कमेपन का खामियाज़ा आम छात्रों को भुगतना पड़ रहा है जो कि छात्रों के साथ सरासर अन्याय है।</p>
<p>प्रशासन को चेतावनी देते हुए एबीवीपी ने कहा कि अगर आने वाले सोमवार यानी 28 फरवरी तक लंबित पड़े परिणामों को घोषित नहीं किया तो उसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशासनिक ब्लॉक में घुसने नहीं दिया जाएगा जिसके लिए प्रशासन स्वंय जिम्मेवार रहेगा |</p>
<p>वहीं ईआरपी सिस्टम पर तंज कसते हुए सचिव कमलेश ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब इस प्रणाली को अपनाया था उस समय पूरे प्रदेश भर में इसके लिए वाहवाही लूटी थी। उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने दावे किए थे कि अब छात्रों को घर बैठे सुविधा मिलेगी और छात्र अपने माइग्रेशन, रजिस्ट्रेशन, फीस, परीक्षा फॉर्म, परीक्षा परिणाम संबंधित काम ऑनलाइन माध्यम से आसानी से करवा सकते है, लेकिन धीरे-धीरे  वक़्त बीतने के साथ साथ विश्वविद्यालय प्रशासन के इन खोखले दावों की पोल खुलती गई।</p>
<p>कमलेश ने कहा कि विद्यार्थी परिषद लंबे समय से प्रशासन को ई.आर.पी. की खामियों को लेकर सचेत करने का काम कर रही है। विद्यार्थी परिषद के बार-बार ई.आर.पी. की खामियों को दूर करने की मांग उठाने के बावजूद खामियों का स्तर बढ़ा है, इसलिए वि.वि प्रशासन जल्द से जल्द इन खामियों को दूर करे ।</p>
<p>विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द इस मांग को पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में प्रशासन को घोर विरोध का सामना करना पड़ेगा जिसके लिए प्रशासन स्वंय जिम्मेवार होगा, इसलिए विद्यार्थी परिषद यह आशा करती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द उनकी इन मांगों को पूरा करेगा।</p>
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		<item>
		<title>एसएफआई ने ईआरपी सिस्टम की खामियों और पीजी परीक्षा परिणामों को घोषित करने में हो रही देरी के विरोध में किया धरना प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/24/hpu-sfi-protest-against-erp-system/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Feb 2022 14:10:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ईआरपी सिस्टम]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एसएफआई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के ईआरपी सिस्टम में खामियों की वजह से छात्रों को काफ़ी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार छात्र संगठन ईआरपी सिस्टम में सुधार की मांग विवि प्रशासन से कर रहे है लेकिन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यही वजह भी हैं कि इस सिस्टम में खामियों [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के ईआरपी सिस्टम में खामियों की वजह से छात्रों को काफ़ी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार छात्र संगठन ईआरपी सिस्टम में सुधार की मांग विवि प्रशासन से कर रहे है लेकिन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यही वजह भी हैं कि इस सिस्टम में खामियों के चलते ऑनलाइन फॉर्म भरने के साथ ही अन्य कई परेशानियां छात्रों को आ रही है। </p>
<p>इसी के चलते आज एसएफआई एचपीयू इकाई ने विवि परिसर ने धरना प्रदर्शन भी किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से एसएफआई ने जहां ईआरपी सिस्टम में सुधार की मांग उठाई तो वहीं पीजी परीक्षाओं के परिणाम भी जल्द घोषित करने की मांग प्रशासन से की।</p>
<p>एसएफआई ने आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने 2013 में ईआरपी सिस्टम विश्वविद्यालय में लाया था जिसके साथ विश्वविद्यालय में ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत हुई थी। आज 9 साल बीतने के बाद भी प्रशासन ईआरपी सिस्टम को सही रूप से स्थापित नहीं कर पाया है। जिस वजह से छात्रों को भारी मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>इकाई ने कहा कि  छात्रों के जब एग्जाम फॉर्म भरे जाते हैं तो ईआरपी सिस्टम की खामियों की वजह से समय पर फॉर्मनहीं भर पाते हैं व दूसरी तरफ जब रिजल्ट घोषित किया जाता है उस समय ईआरपी सिस्टम में खामियों की वजह से छात्रों के आधे अधूरे रिजल्ट निकलते हैं। </p>
<p>ईआरपी सिस्टम के चलते जब कोई छोटी सी भी गलती होती है तो विश्वविद्यालय उसको ठीक करने की 600 रुपये छात्रों से वसूल करता है। </p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन ने एग्जामिनेशन विंग को ठेके पर दे दिया है जिसके तहत ऑनलाइन पेपर चेक करने का प्रावधान किया गया है। इसमें ठेकेदार की ओर से रखे गए लोगों की ओर से एग्जामिनेशन शीट की स्केनिंग की जा रही है व शीट कहां चेक हो रही है इसका पूरा ब्यौरा ठेकेदार के पास है जिसमें एग्जाम चेकिंग की सीक्रेसी पर सवाल खड़ा होता है। किसी भी विश्वविद्यालय के कर्मचारी को स्केनिंग की जिम्मेवारी नहीं दी गई है। </p>
<p>अब सवाल पैदा होता है कि अगर इस प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?<br />
ठेकाकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय के फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है। </p>
<p>एसएफआई ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगस्त सितम्बर 2021 में पीजी के एग्जाम करवाए थे लेकिन लगभग 6 माह का समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन रिजल्ट घोषित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। रिजल्ट में देरी का मुख्य कारण एग्जाम विंग का ठेकाकरण है। </p>
<p>अब 3 मार्च 2022 से पीजी के एग्जाम होने जा रहे हैं लेकिन अभी तक छात्रों के रिजल्ट घोषित नहीं किए गए हैं। इस कारण प्रशासन की ओर से छात्रों के भविष्य से साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यदि किसी छात्र ने री अपीयर के एग्जाम भरने हैं तो वो कैसे फॉर्म भरेगा जबकि उसका पिछला रिजल्ट ही अभी घोषित नहीं किया गया है।</p>
<p>एसएफआई ने धरना प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन को चेताया है कि यदि जल्द ही छात्रों के परीक्षा  परिणाम घोषित नहीं किए जाते तो एसएफआई छात्रों को लामबंद कर एक उग्र आंदोलन करेगी।</p>
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		<item>
		<title>एचपीयू एसएफआई ने विश्वविद्यालय से जुड़ी मांगों को लेकर कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/23/hpu-sfi-submitted-a-memorandum-to-the-registrar-regarding-university/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Feb 2022 15:38:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू कुलसचिव]]></category>
		<category><![CDATA[एसएफआई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- प्रदेश विश्वविद्यालय में नॉन टीचिंग स्टाफ की कमी, यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल के लिए टीजीटी की भर्ती,पंचायत सचिव परीक्षा,कैफेटेरिया जैसी कई मांगों को लेकर आज एसएफआई इकाई ने एचपीयू कुलसचिव को ज्ञापन सौंप कर सभी मांगों को लेकर उन्हें अवगत करवाया। इकाई ने बताया कि एचपीयू प्रशासन ने नॉन टीचिंग भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जून [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/23/hpu-sfi-submitted-a-memorandum-to-the-registrar-regarding-university/">एचपीयू एसएफआई ने विश्वविद्यालय से जुड़ी मांगों को लेकर कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> प्रदेश विश्वविद्यालय में नॉन टीचिंग स्टाफ की कमी, यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल के लिए टीजीटी की भर्ती,पंचायत सचिव परीक्षा,कैफेटेरिया जैसी कई मांगों को लेकर आज एसएफआई इकाई ने एचपीयू कुलसचिव को ज्ञापन सौंप कर सभी मांगों को लेकर उन्हें अवगत करवाया।</p>
<p>इकाई ने बताया कि एचपीयू प्रशासन ने नॉन टीचिंग भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जून 2020, सितंबर 2021 और जनवरी 2022 में निकाली थी लेकिन अभी तक यह परीक्षा करवाने में प्रशासन नाकाम रहा है।</p>
<p>एसएफआई ने यह मांग की है कि ये परीक्षा जल्द से जल्द करवाई जाए ताकि विद्यार्थियों को आने वाली परेशानी का सामना न करना पड़े और सभी कार्य समय पर हो सके।</p>
<p>वहीं यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल के लिए टीजीटी की भर्ती को लेकर एसएफआई ने कहा कि टीजीटी भर्ती के लिए एग्जाम प्रशासन की ओर से करवाया गया था लेकिन उस एग्जाम के परिणाम के बिना ही प्रशासन ने कैंडिडेट को डॉक्यूमेंटेशन के लिए बुला लिया और डॉक्यूमेंटेशन हो भी गई।</p>
<p> एसएफआई ने आरोप लगाया कि प्रशासन अपने लोगों को धांधली करके अंदर लाने की भी साजिश कर रहा है इसलिए इसकी भी जांच होना जरूरी है। </p>
<p>इकाई ने बताया कि प्रशासन ने पंचायत सचिव के लिए भी परीक्षा करवाई गई थी लेकिन अभी तक इसका परिणाम घोषित नहीं किया गया है, इसलिए इसका परिणाम जल्द से जल्द निकाला जाए। </p>
<p>इसके साथ ही वि.वि कैफेटेरिया पर एसएफ़आई ने कहा कि उन्होंने प्रशासन से बहुत पहले से यह भी मांग की थी कि यूनिवर्सिटी का जो कैफेटेरिया है जो कि पिछले लगभग 2 सालों से बंद है उसे खोला जाए जहां पर विद्यार्थियों को उचित मूल्य पर अच्छा खाना मिलता है,लेकिन प्रशासन ने अभी तक इसे न खोलकर कैंपस में नई नई महंगी कामधेनु व हॉटस्पॉट जैसी दुकानें खोलकर छात्रों को लूट रहा है। </p>
<p>परिसर में कुछ अन्य दुकानें पहले से ही है जहां पर लगभग उचित मूल्य पर खाना मिलता था लेकिन प्रशासन द्वारा खोले गए महंगी दुकानों के कारण उन दुकानों वालों ने भी अपने मनमाने मूल्य पर खाना खिलाना शुरू कर दिया है।  एसएफआई ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि सभी दुकानों में रेट लिस्ट लगाई जाए जो प्रशासन की ओर निर्धारित किया गया हो जिससे विद्यार्थियों को उचित मूल्य पर खाना मिल सके।</p>
<p>विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष रॉकी ने कहा है कि अगर जल्द से जल्द यह मांगे पूरी न हुई तो एसएफआई एक उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/23/hpu-sfi-submitted-a-memorandum-to-the-registrar-regarding-university/">एचपीयू एसएफआई ने विश्वविद्यालय से जुड़ी मांगों को लेकर कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>एबीवीपी ने छात्र हितों की मांगों की उठाई आवाज़, ईसी सदस्यों को सौंपा ज्ञापन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/21/hpu-abvp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 21 Feb 2022 16:05:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[अंथोरोपोलॉज़ी]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एबीवीपी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=16493</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- छात्र हितों की मांगों और उन्हें विवि में आ रही समस्याओं को आगे रखते हुए आज प्रदेश विश्वविद्यालय की एबीवीपी इकाई 8 सूत्रीय मांगों को लेकर एचपीयू की कार्यकारिणी परिषद के सदस्यों को ज्ञापन सौंपा और प्रशासन से छात्रों से जुड़ी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग भी उठाई। इकाई अध्यक्ष आकाश नेगी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/21/hpu-abvp/">एबीवीपी ने छात्र हितों की मांगों की उठाई आवाज़, ईसी सदस्यों को सौंपा ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> छात्र हितों की मांगों और उन्हें विवि में आ रही समस्याओं को आगे रखते हुए आज प्रदेश विश्वविद्यालय की एबीवीपी इकाई 8 सूत्रीय मांगों को लेकर एचपीयू की कार्यकारिणी परिषद के सदस्यों को ज्ञापन सौंपा और प्रशासन से छात्रों से जुड़ी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग भी उठाई।</p>
<p>इकाई अध्यक्ष आकाश नेगी ने बताया की  विद्यार्थी परिषद न विश्वविद्यालय प्रशासन को जल्द से जल्द नए हॉस्टलों का निर्माण करने के साथ ही ईआरपी प्रणाली में सुधार करने की मांग उठाई हैं। </p>
<p>इसके साथ ही 1990 से आगे के छात्रों को एमएससी  की परीक्षा में सुधार और ग्रेजुएशन के छात्रों को डिग्री पूरा करने का मौका देने की मांग भी एबीवीपी ने की है।</p>
<p>अपनी अन्य मांगों में एबीवीपी ने शासन 2015 बैच के छात्रों को गोल्डन चांस व जिन छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन में 14 से कम अंक हैं उन्हें दोबारा पुनर्मूल्यांकन का मौका देने की बात की है साथ ही यह भी कहा गया है कि विवि में किसी भी प्रकार के सुधार की फीस 600 से कम की जाए।</p>
<p>अपनी अगली मांग में प्रत्येक विषय की रिअपियर की फीस 500 से कम किए जाने की मांग ओर विश्वविद्यालय के प्रत्येक शोधार्थी को केंद्रीय विश्वविद्यालय की तर्ज पर छात्रवृति प्रदान करने की भी मांग एबीवीपी ने की है।</p>
<p>एबीवीपी ने अपनी मांग में कहा है कि जो छात्र किसी कारणवश अपना परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए हैं उनकी फीस 20000 से कम की जाए ओर विवि में एमए  अंथोरोपोलॉज़ी की कक्षाएं शुरू की जाए।</p>
<p>इकाई अध्यक्ष ने कहा कि वह आशा करते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द उनकी इन मांगों को पूरा करेगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/21/hpu-abvp/">एबीवीपी ने छात्र हितों की मांगों की उठाई आवाज़, ईसी सदस्यों को सौंपा ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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