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	<title>ईआरपी सिस्टम Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>ईआरपी सिस्टम Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>छात्रों की समस्याओं को लेकर एसएफआई ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Mar 2022 16:36:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- प्रदेश विश्वविद्यालय में पिछले काफी लंबे समय से पीजी रिजल्ट और ईआरपी सिस्टम में खामियों को लेकर छात्र संघठनों द्वारा ज्ञापन सौंपना और धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं एचपीयू प्रशासन ने जल्दबाजी में पीजी के कुछ विभागों के रिजल्ट घोषित कर दिए लेकिन घोषित परिणामों में काफी खामियां देखने को मिल रही है [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> प्रदेश विश्वविद्यालय में पिछले काफी लंबे समय से पीजी रिजल्ट और ईआरपी सिस्टम में खामियों को लेकर छात्र संघठनों द्वारा ज्ञापन सौंपना और धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं एचपीयू प्रशासन ने जल्दबाजी में पीजी के कुछ विभागों के रिजल्ट घोषित कर दिए लेकिन घोषित परिणामों में काफी खामियां देखने को मिल रही है जिससे छात्र परेशान है। यह आरोप लगाया है प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने। </p>
<p>एसएफआई इकाई ने इन समस्याओं को लेकर कुलपति को ज्ञापन सौंपा है।</p>
<p>एसएफआई इकाई ने कहा कि पिछले लंबे समय से छात्रों के पीजी के रिजल्ट को जल्दी से जल्दी घोषित करने की  मांग की जा रही थी लेकिन जब वी.वी. प्रशासन 5 महीने बाद जल्दबाजी में छात्रों के कुछ विभागों के रिजल्ट को घोषित करता है तो उसके अंदर काफी खामियां देखने को मिलती है जिसके चलते छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>एसएफआई ने कहा कि काफी लंबे समय से यह मांग कर रही थी कि पीजी परीक्षाओं से पहले परीक्षा परिणामों को घोषित किया जाए परंतु अभी पूरे परिणामों को घोषित नहीं किया गया है।</p>
<p>इकाई ने कहा कि छात्र ईआरपी सिस्टम की खामियों से परेशान है और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के भविष्य की चिंता ना करते हुए ईआरपी सिस्टम को दुरुस्त करने में नाकामयाब रहा है।  </p>
<p>एसएफआई ने कुलपति से मांग करते हुए कहा कि छात्रों के पीजी परीक्षा परिणामों को जल्द प्रभाव से घोषित किया जाए और जो परिणाम घोषित हुए हैं उनके अंदर जो खामियां हैं उन खामियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए। </p>
<p>वहीं इकाई ने यह भी मांग की है कि ईआरपी सिस्टम को सही ढंग से चलाया जाए नहीं तो इस सिस्टम को वापस लिया जाए । </p>
<p>इसके अलावा एसएफआई ने अन्य प्रमुख मांगे को सामने रखते हुए कहा कि जो छात्रों से 2020-21 सत्र की  हॉस्टल कॉन्टीनुअशन फीस  लेने का फरमान विवि ने निकाला है उसे वापस लिया जाए और छात्रों की  हॉस्टल कॉन्टीनुअशन फीस को माफ किया जाए और छात्रों के लिए कैफिटेरिया को जल्द से जल्द खोला जाए।</p>
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		<title>ईआरपी प्रणाली को जल्द दुरुस्त करे एचपीयू प्रशासन:एबीवीपी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/03/hpu-abvp-statement-on-erp-system/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Mar 2022 16:54:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ईआरपी सिस्टम]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एबीवीपी]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र राजनीती]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- पिछले काफी समय से एचपीयू की ईआरपी प्रणाली में खामियों के चलते विद्यार्थी परिषद विवि प्रसाशन से इसे दुरुस्त करने की मांग करता आ रहा है। छात्रों को इस ईआरपी प्रणाली की खामियों के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी का एक उदाहरण है कि वि०वि० प्रशासन की ओर से आज [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> पिछले काफी समय से एचपीयू की ईआरपी प्रणाली में खामियों के चलते विद्यार्थी परिषद विवि प्रसाशन से इसे दुरुस्त करने की मांग करता आ रहा है। छात्रों को इस ईआरपी प्रणाली की खामियों के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>इसी का एक उदाहरण है कि वि०वि० प्रशासन की ओर से आज से शुरू की गई पीजी परीक्षाओं को देने के लिए आए एक छात्र को दो दो एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए। </p>
<p>जनरेट हुए इन एडमिट कार्डों में उक्त छात्र को दो अलग -अलग रोल नंबर जारी कर दिए। अब छात्र के सामने यह समस्या उत्पन्न हो गई कि वो किस अनुक्रमांक के तहत अपनी परीक्षा दें। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन ने अपने इस कारनामे को दबाने के लिए आनन-फानन में उक्त छात्र को दोबारा एडमिट कार्ड जनरेट कर के दे दिया।</p>
<p>इस मुद्दे को उठाते हुए एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की इस ईआरपी सिस्टम प्रणाली की कड़ी निंदा की है।</p>
<p>एबीवीपी इकाई सचिव कमलेश ठाकुर ने कहा कि आए दिन देखते हैं कि विवि प्रशासन समय-समय पर उल जुलूल कारणों के कारण सुर्खियों में बना रहता है। इस बार भी प्रशासन ने ऐसे कारनामे को अंजाम दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिस ईआरपी सिस्टम को अपनाने के बाद विवि प्रशासन अपनी पीठ थपथपाते थक नहीं रहा था, आज उसी ईआरपी प्रणाली के कारण विवि प्रशासन को शर्मिंदा होना पड़ रहा है और इस ऑनलाइन प्रणाली में खामियाँ होने के कारण छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>इकाई सचिव ने कहा कि इस ईआरपी प्रणाली पर विवि प्रशासन प्रत्येक वर्ष करोड़ों रूपए खर्च कर रहा है लेकिन इस प्रणाली का किसी भी छात्र को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस प्रणाली को अपनाने के बाद छात्रों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों को रजिस्ट्रेशन,परीक्षा फॉर्म भरने से लेकर,एडमिट कार्ड जनरेट होने तक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिसके लिए विवि प्रशासन  पूर्ण रूप से जिम्मेदार है। </p>
<p>विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द इस ईआरपी प्रणाली को सुदृढ़ करने की मांग की है ताकि भविष्य में छात्रों को इसके कारण और अधिक मुसीबतों का सामना न करना पड़े।</p>
<p>एबीवीपी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द इस प्रणाली में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले समय में प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ेगा जिसके लिए प्रशासन खुद जिम्मेवार होगा।</p>
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		<item>
		<title>ईआरपी सिस्टम और पीजी परीक्षा परिणामों को लेकर एसएफआई ने किया धरना प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/28/hpu-sfi-protest-against-erp-system-faliure-and-pg-results-delay/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Feb 2022 15:56:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ईआरपी सिस्टम]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीएयू]]></category>
		<category><![CDATA[एसएसआई]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र राजनीती]]></category>
		<category><![CDATA[पीजी परिणाम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- ईआरपी सिस्टम में खराबी और पीजी परीक्षा के परिणाम अब तक न घोषित न होने के विरोध में एचपीयू में लगातार बार-बार छात्र संगठनो द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस समस्या से छात्र भी परेशान है। इसी के चलते प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने ईआरपी सिस्टम में खामियां और पीजी परीक्षा [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> ईआरपी सिस्टम में खराबी और पीजी परीक्षा के परिणाम अब तक न घोषित न होने के विरोध में एचपीयू में लगातार बार-बार छात्र संगठनो द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस समस्या से छात्र भी परेशान है।  </p>
<p>इसी के चलते प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने ईआरपी सिस्टम में खामियां और पीजी परीक्षा के परिणाम न घोषित होने से छात्रों को हो रही समस्याओं को लेकर वीसी ऑफिस के बाहर इसके विरोध में धरना प्रदर्शन किया।</p>
<p>कैंपस अध्यक्ष रॉकी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने 2013 में  ईआरपी सिस्टम विश्वविद्यालय में लाया था जिसके साथ विश्वविद्यालय में ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत हुई थी। लेकिन आज 9 साल बीतने जाने के बाद भी प्रशासन ईआरपी सिस्टम को सही रूप से स्थापित नहीं कर पाया है। जिस वजह से छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>कैंपस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि छात्रों के जब एग्जाम फॉर्म भरे जाते हैं तो ईआरपी सिस्टम की खामियों की वजह से समय पर फार्म नहीं भर पाते हैं व दूसरी तरफ जब रिजल्ट घोषित किया जाता है उस समय ईआरपी सिस्टम में खामियों की वजह से छात्रों के आधे अधूरे रिजल्ट निकलते हैं।</p>
<p>ईआरपी सिस्टम के चलते जब कोई छोटी सी भी गलती होती है तो विश्वविद्यालय उसको ठीक करने की 600 रुपये छात्रों से वसूल करता है। </p>
<p>इकाई ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने एग्जामिनेशन विंग को ठेके पर दे दिया है जिसके तहत ऑनलाइन पेपर चेक करने का प्रावधान किया गया है। इसमें ठेकेदार के द्वारा रखे गए लोगों द्वारा एग्जामिनेशन शीट की स्केनिंग की जा रही है व शीट कहां चेक हो रही है इसका पूरा ब्यौरा ठेकेदार के पास है। जिसमें एग्जाम चेकिंग की सीक्रेसी पर सवाल खड़ा होता है। किसी भी विश्वविद्यालय के कर्मचारी को स्केनिंग की जिम्मेवारी नहीं दी गई है। अब सवाल पैदा होता है कि अगर इस प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? </p>
<p>अध्यक्ष रॉकी ने कहा कि ठेकाकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय के फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है। </p>
<p>इकाई के शहबाज खान ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगस्त सितम्बर 2021 में पीजी के एग्जाम करवाए थे लेकिन लगभग 6 माह का समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन रिजल्ट घोषित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। रिजल्ट में देरी का मुख्य कारण एग्जाम विंग का ठेकाकरण है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि अब 3 मार्च से पीजी की परीक्षाएं होने जा रही हैं लेकिन अभी तक छात्रों के रिजल्ट घोषित नहीं किए गए हैं। इस कारण प्रशासन द्वारा छात्रों के भविष्य से साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यदि किसी छात्र ने री-अपीयर के एग्जाम भरने हैं तो वो कैसे फॉर्म भरेगा जबकि उसका पिछले रिजल्ट ही अभी घोषित नहीं किया गया है। </p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि एसएसआई लंबे समय से मांग कर रही है कि छात्रों से  2020-21 वर्ष की हॉस्टल  कॉन्टीनुअशन फीस नहीं ली जाए क्योंकि इस दौरान पूरे करोना काल के अंदर कोई भी छात्र वह हॉस्टल के अंदर नहीं रहा है परंतु फिर भी विवि प्रशासन छात्रों से कॉन्टीनुअशन फीस लेने का फरमान जारी किया है एसएसआई इसकी कड़ी निंदा करती है और वह मांग करती है कि इन इस फरमान को जल्दी से जल्दी वापस लिया जाए। </p>
<p>एसएसआई ने धरना प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा की यदि परीक्षा होने से पहले जल्द ही छात्रों के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए जाते है और हॉस्टल के इस बेतुकी फरमान को वापस नहीं लिया जाता है तो  एसएसआई छात्रों को लामबंद कर एक उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी जिसका जिम्मेदार खुद विश्वविद्यालय प्रशासन होगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/28/hpu-sfi-protest-against-erp-system-faliure-and-pg-results-delay/">ईआरपी सिस्टम और पीजी परीक्षा परिणामों को लेकर एसएफआई ने किया धरना प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>एचपीयू बिना हॉस्टल में रहे ही छात्रों से वसूल रहा कन्टीन्यूशन फ़ीस एसएफआई ने जताया विरोध</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/25/hp-university-hostel-continuation-fee-issue/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Feb 2022 16:16:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ईआरपी सिस्टम]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू हॉस्टल]]></category>
		<category><![CDATA[एसएफआई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- एक तरफ एचपीयू में छात्र पीजी परीक्षाओं के परिणाम और ईआरपी सिस्टम में खामियों की वजह से परेशान हैं तो अब विवि हॉस्टल में रहे रहे छात्रों को 2020-21 सेशन की होस्टल कन्टीन्यूशन फीस जमा करने को कह रहा है। इसी के विरोध ने आज प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने फाइनेंस ऑफिसर का [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/25/hp-university-hostel-continuation-fee-issue/">एचपीयू बिना हॉस्टल में रहे ही छात्रों से वसूल रहा कन्टीन्यूशन फ़ीस एसएफआई ने जताया विरोध</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> एक तरफ एचपीयू में छात्र पीजी परीक्षाओं के परिणाम और ईआरपी सिस्टम में खामियों की वजह से परेशान हैं तो अब विवि हॉस्टल में रहे रहे छात्रों को 2020-21 सेशन की होस्टल कन्टीन्यूशन फीस जमा करने को कह रहा है।</p>
<p>इसी के विरोध ने आज प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने फाइनेंस ऑफिसर का घेराव किया और  2020-21 सेशन की होस्टल कन्टीन्यूशन फ़ीस माफ़ करने की मांग की।</p>
<p>एसएफ़आई के विश्वविद्यालय हॉस्टल सेक्रेटरी साहिल ने बताया कि विवि लगातार छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ाता जा रहा है। 2020-21 सेशन में कोरोना महामारी ने पूरे विश्व को प्रभावित किया जिसमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र के अछूते नहीं रहे हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि उस समय में प्रशासन ने छात्रों को अपने घर के नजदीक परीक्षा केंद्र दिया था जिससे अधिकतर छात्रों ने अपने घर के नजदीकी केंद्र पर परीक्षा दी थी और केवल कुछ एक ही छात्र परीक्षा देने विश्वविद्यालय आये थे और उस समय की उन्होंने फीस भी दे दी थी। </p>
<p>उसके बाद अधिकतर समय हॉस्टल बन्द थे और हॉस्टल की किसी भी प्रकार की सुविधा का प्रयोग छात्रों की ओर से नहीं किया गया है। बावजूद इसके भी प्रशासन ने एक तुग़लकी फरमान की तरह यह नोटिफिकेशन निकाली जाती है कि सभी छात्रों को उस समय की कन्टीन्यूशन फीस देनी होगी अन्यथा उनकी डिग्री पर रोक लगा दी जाएगी।</p>
<p>एसएफ़आई अध्यक्ष रॉकी ने बताया कि 2020-21 सेशन में कोरोना के कारण सभी की आर्थिक स्थिति खराब हुई थी। तो वहीं प्रशासन ऐसे तुग़लकी फ़रमान जारी कर छात्रों पर मानसिक और आर्थिक दबाव डाल रहा है। जब छात्रों ने किसी भी प्रकार की सुविधा का उपयोग किया ही नहीं है तो उसकी फ़ीस देने का क्या औचित्य बनता है।</p>
<p>एसएफ़आई ने कहा कि उन्होंने उस समय ही मांग उठाई थी कि छात्रों से कोई कन्टीन्यूशन फ़ीस न ली जाए और तब प्रशासन ने कोई फ़ीस भी नही ली थी, लेकिन अब कन्टीन्यूशन फ़ीस देने की विवि प्रशासन ने नोटिफिकेशन जारी की है जिसमें सभी हॉस्टल में रहे रहे छात्रों को कन्टीन्यूशन फ़ीस देनी होगी। </p>
<p>इकाई ने कहा कि प्रशासन का यह फैसला छात्रों पर आर्थिक दबाव डाल रहा है इसलिए 2022-21 सेशन की हॉस्टल कन्टीन्यूशन फ़ीस माफ़ की जानी चाहिए।</p>
<p>इसके साथ ही एसएफआई ने बीएड परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि को आगे बढ़ाने की मांग भी की है। </p>
<p>एसएफआई इकाई सह सचिव सुरजीत ने बताया कि ईआरपी सिस्टम में खराबी के चलते बीएड परीक्षा फॉर्म भरने की आखिरी तारीख बढ़ाने की मांग एसएफआई ने की है जिसके चलते इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन से मिल कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने बीएड परीक्षा फॉर्म भरने की आखिरी तारीख को बढ़ाने की मांग की हैं।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/25/hp-university-hostel-continuation-fee-issue/">एचपीयू बिना हॉस्टल में रहे ही छात्रों से वसूल रहा कन्टीन्यूशन फ़ीस एसएफआई ने जताया विरोध</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>पीजी परीक्षा परिणाम घोषित ना होने से एबीवीपी खफ़ा,परिणाम घोषित करने के लिए प्रशासन को दिया 28 फरवरी तक का अल्टीमेटम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/25/hpu-abvp-protest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Feb 2022 16:11:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ईआरपी सिस्टम]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एबीवीपी]]></category>
		<category><![CDATA[पीजी परीक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों के पीजी परीक्षाओं के परिणाम घोषित नहीं किए जा रहे है। परीक्षा परिणाम घोषित ना होने की वजह से छात्रअसमंजस की स्तिथि में है। पीजी परीक्षाओं के परिणाम अभी तक घोषित ना होने की वजह से छात्रों को पीएचडी में प्रवेश लेने में दिक्क़तें आ रही है। [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/25/hpu-abvp-protest/">पीजी परीक्षा परिणाम घोषित ना होने से एबीवीपी खफ़ा,परिणाम घोषित करने के लिए प्रशासन को दिया 28 फरवरी तक का अल्टीमेटम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों के पीजी परीक्षाओं के परिणाम घोषित नहीं किए जा रहे है। परीक्षा परिणाम घोषित ना होने की वजह से छात्रअसमंजस की स्तिथि में है। पीजी परीक्षाओं के परिणाम अभी तक घोषित ना होने की वजह से छात्रों को पीएचडी में प्रवेश लेने में दिक्क़तें आ रही है। </p>
<p>इतना ही नहीं  ईआरपी सिस्टम में खामियों के चलते ऑनलाइन फॉर्म भरने के साथ ही अन्य कई परेशानियां छात्रों को झेलनी पड़ रही है बावजूद इसके भी प्रशासन इसका कोई समाधान नहीं निकाल रहा है जिससे गुस्साए हुए छात्र संगठन एबीवीपी ने आज  एचपीयू प्रशासनिक भवन के बाहर धरना प्रदर्शन किया।</p>
<p> इस प्रदर्शन के माध्यम से एबीवीपी ने अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक का घेराव कर प्रशासन से पीजी परीक्षाओं के लंबित पड़े परिणामों को जल्द घोषित करने ओर ईआरपी सिस्टम को सुदृढ़ करने की मांग उठाई।  </p>
<p>इकाई सचिव कमलेश ठाकुर ने कहा कि पीजी परीक्षाओं को हुए लगभग 5 महीने बीत चुके हैं लेकिन उनके अभी तक परिणाम जारी नहीं हुए हैं जिसकी वजह से बहुत से छात्र विश्वविद्यालय की लेट लतिफी के कारण अन्य कक्षाओं में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि वि.वि प्रशासन ने पीजी परीक्षाओं की डेट शीट जारी कर दी है लेकिन पिछले परिणाम अभी तक घोषित नहीं किए हैं जो कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि बहुत से छात्रों ने पीएचडी के लिए अन्य विश्वविद्यालयों में अप्लाई किया हुआ है लेकिन उनका पिछला परिणाम अभी तक प्रशासन ने घोषित नहीं किया है जिसके कारण वो छात्र पीएचडी में प्रवेश लेने से वंचित रह रहे हैं और प्रशासन के निक्कमेपन का खामियाज़ा आम छात्रों को भुगतना पड़ रहा है जो कि छात्रों के साथ सरासर अन्याय है।</p>
<p>प्रशासन को चेतावनी देते हुए एबीवीपी ने कहा कि अगर आने वाले सोमवार यानी 28 फरवरी तक लंबित पड़े परिणामों को घोषित नहीं किया तो उसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशासनिक ब्लॉक में घुसने नहीं दिया जाएगा जिसके लिए प्रशासन स्वंय जिम्मेवार रहेगा |</p>
<p>वहीं ईआरपी सिस्टम पर तंज कसते हुए सचिव कमलेश ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब इस प्रणाली को अपनाया था उस समय पूरे प्रदेश भर में इसके लिए वाहवाही लूटी थी। उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने दावे किए थे कि अब छात्रों को घर बैठे सुविधा मिलेगी और छात्र अपने माइग्रेशन, रजिस्ट्रेशन, फीस, परीक्षा फॉर्म, परीक्षा परिणाम संबंधित काम ऑनलाइन माध्यम से आसानी से करवा सकते है, लेकिन धीरे-धीरे  वक़्त बीतने के साथ साथ विश्वविद्यालय प्रशासन के इन खोखले दावों की पोल खुलती गई।</p>
<p>कमलेश ने कहा कि विद्यार्थी परिषद लंबे समय से प्रशासन को ई.आर.पी. की खामियों को लेकर सचेत करने का काम कर रही है। विद्यार्थी परिषद के बार-बार ई.आर.पी. की खामियों को दूर करने की मांग उठाने के बावजूद खामियों का स्तर बढ़ा है, इसलिए वि.वि प्रशासन जल्द से जल्द इन खामियों को दूर करे ।</p>
<p>विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द इस मांग को पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में प्रशासन को घोर विरोध का सामना करना पड़ेगा जिसके लिए प्रशासन स्वंय जिम्मेवार होगा, इसलिए विद्यार्थी परिषद यह आशा करती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द उनकी इन मांगों को पूरा करेगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/25/hpu-abvp-protest/">पीजी परीक्षा परिणाम घोषित ना होने से एबीवीपी खफ़ा,परिणाम घोषित करने के लिए प्रशासन को दिया 28 फरवरी तक का अल्टीमेटम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>एसएफआई ने ईआरपी सिस्टम की खामियों और पीजी परीक्षा परिणामों को घोषित करने में हो रही देरी के विरोध में किया धरना प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/24/hpu-sfi-protest-against-erp-system/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Feb 2022 14:10:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ईआरपी सिस्टम]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एसएफआई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के ईआरपी सिस्टम में खामियों की वजह से छात्रों को काफ़ी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार छात्र संगठन ईआरपी सिस्टम में सुधार की मांग विवि प्रशासन से कर रहे है लेकिन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यही वजह भी हैं कि इस सिस्टम में खामियों [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के ईआरपी सिस्टम में खामियों की वजह से छात्रों को काफ़ी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार छात्र संगठन ईआरपी सिस्टम में सुधार की मांग विवि प्रशासन से कर रहे है लेकिन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यही वजह भी हैं कि इस सिस्टम में खामियों के चलते ऑनलाइन फॉर्म भरने के साथ ही अन्य कई परेशानियां छात्रों को आ रही है। </p>
<p>इसी के चलते आज एसएफआई एचपीयू इकाई ने विवि परिसर ने धरना प्रदर्शन भी किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से एसएफआई ने जहां ईआरपी सिस्टम में सुधार की मांग उठाई तो वहीं पीजी परीक्षाओं के परिणाम भी जल्द घोषित करने की मांग प्रशासन से की।</p>
<p>एसएफआई ने आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने 2013 में ईआरपी सिस्टम विश्वविद्यालय में लाया था जिसके साथ विश्वविद्यालय में ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत हुई थी। आज 9 साल बीतने के बाद भी प्रशासन ईआरपी सिस्टम को सही रूप से स्थापित नहीं कर पाया है। जिस वजह से छात्रों को भारी मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>इकाई ने कहा कि  छात्रों के जब एग्जाम फॉर्म भरे जाते हैं तो ईआरपी सिस्टम की खामियों की वजह से समय पर फॉर्मनहीं भर पाते हैं व दूसरी तरफ जब रिजल्ट घोषित किया जाता है उस समय ईआरपी सिस्टम में खामियों की वजह से छात्रों के आधे अधूरे रिजल्ट निकलते हैं। </p>
<p>ईआरपी सिस्टम के चलते जब कोई छोटी सी भी गलती होती है तो विश्वविद्यालय उसको ठीक करने की 600 रुपये छात्रों से वसूल करता है। </p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन ने एग्जामिनेशन विंग को ठेके पर दे दिया है जिसके तहत ऑनलाइन पेपर चेक करने का प्रावधान किया गया है। इसमें ठेकेदार की ओर से रखे गए लोगों की ओर से एग्जामिनेशन शीट की स्केनिंग की जा रही है व शीट कहां चेक हो रही है इसका पूरा ब्यौरा ठेकेदार के पास है जिसमें एग्जाम चेकिंग की सीक्रेसी पर सवाल खड़ा होता है। किसी भी विश्वविद्यालय के कर्मचारी को स्केनिंग की जिम्मेवारी नहीं दी गई है। </p>
<p>अब सवाल पैदा होता है कि अगर इस प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?<br />
ठेकाकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय के फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है। </p>
<p>एसएफआई ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगस्त सितम्बर 2021 में पीजी के एग्जाम करवाए थे लेकिन लगभग 6 माह का समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन रिजल्ट घोषित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। रिजल्ट में देरी का मुख्य कारण एग्जाम विंग का ठेकाकरण है। </p>
<p>अब 3 मार्च 2022 से पीजी के एग्जाम होने जा रहे हैं लेकिन अभी तक छात्रों के रिजल्ट घोषित नहीं किए गए हैं। इस कारण प्रशासन की ओर से छात्रों के भविष्य से साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यदि किसी छात्र ने री अपीयर के एग्जाम भरने हैं तो वो कैसे फॉर्म भरेगा जबकि उसका पिछला रिजल्ट ही अभी घोषित नहीं किया गया है।</p>
<p>एसएफआई ने धरना प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन को चेताया है कि यदि जल्द ही छात्रों के परीक्षा  परिणाम घोषित नहीं किए जाते तो एसएफआई छात्रों को लामबंद कर एक उग्र आंदोलन करेगी।</p>
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		<title>एचपीयू का ईआरपी सिस्टम छात्रों के लिए बन गया परेशानी,एबीवीपी ने सिस्टम को जल्द दुरुस्त करने की मांग</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/08/%e0%a4%8f%e0%a4%9a%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%af%e0%a5%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%88%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ae-%e0%a4%9b%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Feb 2022 14:21:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ईआरपी सिस्टम]]></category>
		<category><![CDATA[एबीवीपी]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र संगठन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने छात्रों की सुविधा के लिए ईआरपी सिस्टम के तहत परीक्षा और प्रवेश से जुड़ी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है,लेकिन अब यही सिस्टम छात्रों की परेशानी बन गया हैं। ईआरपी सिस्टम की खामियों की वजह से छात्रों को अपने परीक्षा फॉर्म भरने में दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/08/%e0%a4%8f%e0%a4%9a%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%af%e0%a5%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%88%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ae-%e0%a4%9b%e0%a4%be/">एचपीयू का ईआरपी सिस्टम छात्रों के लिए बन गया परेशानी,एबीवीपी ने सिस्टम को जल्द दुरुस्त करने की मांग</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने छात्रों की सुविधा के लिए<a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/02/hpu-abvp-submitted-a-memorandum-to-the-dean-of-studies-regarding-the-3-point-demands-of-the-students/" rel="noopener" target="_blank"> ईआरपी सिस्टम के तहत </a>परीक्षा और प्रवेश से जुड़ी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है,लेकिन अब यही सिस्टम छात्रों की परेशानी बन गया हैं। </p>
<p>ईआरपी सिस्टम की खामियों की वजह से छात्रों को अपने परीक्षा फॉर्म भरने में दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। छात्र संगठन एबीवीपी बार बार विवि प्रशासन से ईआरपी सिस्टम में सुधार की मांग करती आ रही है लेकिन प्रशासन समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। </p>
<p>अब छात्रों की परेशानी को देखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एचपीयू के ईआरपी सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। </p>
<p>हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष आकाश नेगी ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब इस प्रणाली को अपनाया था उस समय पूरे प्रदेश भर में इसके लिए वाहवाही लूटी थी। उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने दावे किए थे कि अब छात्रों को घर बैठे सुविधा मिलेगी।</p>
<p>इस सुविधा से  छात्र अपने माइग्रेशन, रजिस्ट्रेशन,फीस, परीक्षा फॉर्म,परीक्षा परिणाम सम्बंधित काम ऑनलाइन माध्यम से आसानी से करवा सकते हैं,लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के यह सब  दावे खोखले साबित हुए हैं। विश्वविद्यालय की ई.आर.पी. प्रणाली में गड़बड़ियों का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। </p>
<p>आकाश ने कहा कि पिछले वर्ष ईआरपी सिस्टम की पोल तब खुली थी जब छात्रों ने अपने ग्रेड कार्ड बिना परीक्षा परिणाम घोषित हुए ही टॉरेंट नामक एप्लीकेशन से डाउनलोड कर लिए थे जो कि छात्रों के परीक्षा परिणामों की गोपनीयता से खिलवाड़ था। </p>
<p>उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने उस समय भी प्रशासन को सचेत किया था कि आपके इस सिस्टम में अनेकों खराबीयां हैं इन्हे जल्द सुधारा जाए,लेकिन तब से लेकर आज तक प्रशासन ने ईआरपी सिस्टम को सुधारने के लिए कोई ठोस निर्णय नहीं लिया।</p>
<p>इकाई ने कहा कि इस वर्ष छात्रों को अपने परीक्षा फॉर्म भरने से लेकर रजिस्ट्रेशन तक के लिए काफ़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि  बहुत से छात्र अन्य विश्वविद्यालयों से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई खत्म कर के आगे की पढ़ाई के लिए एचपीयू आए है। जब छात्र अपनी रजिस्ट्रेशन इस विश्वविद्यालय में करवाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल को ओपन कर रहे हैं तो वहां पर उनका रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं हो रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि  जब तक उन छात्रों की रजिस्ट्रेशन नहीं होगी तब तक वो छात्र अपना परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि भले ही 19 फरवरी तक बढ़ा दी है लेकिन वो इस समस्या का स्थाई हल नहीं है। </p>
<p>आकाश ने कहा कि छात्र ज़ब अपने सम्बंधित विभाग से इस समस्या के हल के लिए बात करता है तो वो उन्हें रजिस्ट्रेशन ब्रांच भेज देते हैं।</p>
<p>आकाश ने  बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने सिस्टम में सुधार करने के बजाय इसे एक दूसरे पर थोपने का कार्य कर रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस ईआरपी प्रणाली को सुदृढ़ करे और जो भी खामियां इस ऑनलाइन प्रणाली में हैं उन्हें दूर किया जाए ताकि छात्रों को समस्याओं का सामना न करना पड़े।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/08/%e0%a4%8f%e0%a4%9a%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%af%e0%a5%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%88%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ae-%e0%a4%9b%e0%a4%be/">एचपीयू का ईआरपी सिस्टम छात्रों के लिए बन गया परेशानी,एबीवीपी ने सिस्टम को जल्द दुरुस्त करने की मांग</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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