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	<title>अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>कोविड-19 नियमों के पालन के साथ छात्रों के लिए खोले जाएं प्रदेश के सभी ज़िला पुस्तकालय: एबीवीपी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Jan 2022 16:16:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना महामारी]]></category>
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		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल एबीवीपी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि छात्रों के हित में प्रशासन को बिना देरी किये प्रदेश के सभी ज़िला पुस्तकालयों को छात्रों के लिए खोला जाना चाहिए जिससे विद्यार्थी अपनी पढ़ाई व परीक्षाओं की तैयारी अच्छे ढंग से कर पाए। [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि छात्रों के हित में प्रशासन को बिना देरी किये प्रदेश के सभी ज़िला पुस्तकालयों को छात्रों के लिए खोला जाना चाहिए जिससे विद्यार्थी अपनी पढ़ाई व परीक्षाओं की तैयारी अच्छे ढंग से कर पाए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एबीवीपी प्रशासन से मांग करती है कि आने वाले समय में कोविड-19 नियमों का पालन कराते हुए छात्रों के लिए पुस्तकालय खुले रखे जाए!</p>
<p>प्रदेश मंत्री ने कहा कि प्रदेश मे बहुत से छात्र वर्तमान मे पुलिस परीक्षाओं,अपने फाइनल परीक्षाओं तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाइब्रेरी में रोजाना पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन पुस्तकालय बंद किए जाने की वजह से वर्तमान समय में प्रदेश के युवा व विद्यार्थी बहुत परेशानियों का सामना कर रहे हैं।</p>
<p>इसलिए छात्रों के हित में प्रशासन को अविलंब सभी पुस्तकालयों को छात्रों के लिए खोला जाना चाहिए जिससे विद्यार्थी अपनी पढ़ाई व परीक्षाओं की तैयारी अच्छे ढंग से कर पाए।</p>
<p>एबीवीपी ने कहा कि बीते 2 सालों से पूरे विश्व में कोरोना महामारी के चलते जहां लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हुआ है वही करोना महामारी के कारण शिक्षा का क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुआ है तथा इस महामारी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों को हो रही है फिर चाहे वह प्राथमिक,माध्यमिक व उच्च शिक्षा के छात्र हो हर वर्ग की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एबीवीपी प्रशासन से यह मांग करती है कि वैक्सीन के दोनों डोज़ लगाने के पश्चात और कोविड-19 नियमों की पालना करवाते हुए छात्रों के लिए हिमाचल प्रदेश की सभी लाइब्रेरी को खोल देना चहिये।</p>
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		<title>सरकार की अधिसूचना के बावजूद भी पुस्तकालय नहीं खोल रहा विश्वविद्यालय प्रशासन, एबीवीपी ने किया मूक  प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/19/hp-university-abvp-protest-over-library-opening/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Jan 2022 16:38:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू लाइब्रेरी]]></category>
		<category><![CDATA[एबीवीपी]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई ने आज बुधवार को प्रशासन द्वारा छात्रों की मांगो को न मानने को लेकर विश्वविद्यालय पुस्तकालय के बाहर मुंह पर काली पट्टी बांध कर मौन प्रदर्शन किया। इकाई अध्यक्ष आकाश नेगी ने कहा कि एबीवीपी द्वारा लगातार इस फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज करवाने के कारण [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/19/hp-university-abvp-protest-over-library-opening/">सरकार की अधिसूचना के बावजूद भी पुस्तकालय नहीं खोल रहा विश्वविद्यालय प्रशासन, एबीवीपी ने किया मूक  प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई ने आज बुधवार को प्रशासन द्वारा छात्रों की मांगो को न मानने को लेकर विश्वविद्यालय पुस्तकालय के बाहर मुंह पर काली पट्टी बांध कर मौन प्रदर्शन किया।</p>
<p>इकाई अध्यक्ष आकाश नेगी ने कहा कि एबीवीपी द्वारा लगातार इस फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज करवाने के कारण प्रदेश सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी 2022 को प्रदेश सरकार द्वारा एक अधिसूचना जारी कर दी गई थी जिसमें शिक्षण संस्थान इत्यादि को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोला जा सकता है।</p>
<p>उन्हों बताया कि इन आदेशों की पालना करते हुए धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अपनी लाइब्रेरी छात्रों के लिए 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोल दी है। इसी के साथ कुछ जिलों में डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी तक खोल दी गई है, लेकिन अभी तक प्रदेश के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा वि.वि.लाइब्रेरी को छात्रों के लिए नहीं खोला गया है जिसके कारण सैंकड़ो छात्रों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है।</p>
<p>आकाश ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन सभी परिस्थितियों से भली भांति वाक़िफ़ हो कर भी अनजान बना हुआ है। यह सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।</p>
<p>आकाश ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ को कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इसीलिए विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह करती है कि तुरंत प्रभाव से विवि. पुस्तकालय को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने के आदेश जारी करें ताकि किसी भी छात्र की पढ़ाई और अधिक प्रभावित न हो।</p>
<p>इकाई अध्यक्ष ने यह भी कहा कि बीते 2 सालों से पूरे विश्व में कोरोना महामारी के चलते जहाँ लोगों का जीवन अस्त व्यस्त है तो वहीं इस महामारी के कारण हर क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र की बात करें तो शिक्षा का क्षेत्र भी इस से अछूता नहीं रहा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस महामारी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी वर्तमान के छात्रों को हो रही है। प्राथमिक हो, माध्यमिक हो,या उच्च शिक्षा, छात्रों की पढ़ाई कोरोना के कारण बुरी तरह से प्रभावित है।</p>
<p>आकाश ने कहा कि कुछ समय पहले प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेशों का पालन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने विवि.पुस्तकालय तुरंत प्रभाव से छात्रों के लिए बंद कर दिया था।</p>
<p>इस आदेश के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत विवि.लाइब्रेरी में पढ़ने वाले छात्रों को हुई थी। बहुत से छात्र अपने फाइनल एग्जाम,प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विश्वविद्यालय लाइब्रेरी में रोज़ाना पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन एक छात्र विरोधी आदेश के कारण सैंकडों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एबीवीपी उस दिन से लेकर आज तक यही मांग उठा रही थी कि छात्रों को उनकी पढ़ाई से वंचित न किया जाए और उन्हें लाइब्रेरी में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ पढ़ने के लिए बैठने दिया जाए।</p>
<p>इकाई अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द विश्वविद्यालय पुस्तकालय को खोला नहीं गया तो आने वाले समय में विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करेगी जिसके लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा। इसलिए वह आशा करते है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द उनकी मांगो को पूरा करेगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/19/hp-university-abvp-protest-over-library-opening/">सरकार की अधिसूचना के बावजूद भी पुस्तकालय नहीं खोल रहा विश्वविद्यालय प्रशासन, एबीवीपी ने किया मूक  प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>विश्वविद्यालय का नया कारनामां, पीएचडी में अध्यापकों के बच्चों को बिना नेट/जेआरएफ व प्रवेश परीक्षा दिया दाखिला, अभाविप (ABVP) नें किया विरोध   </title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/17/hp-university-phd-admission-2021-21-irregularities/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 17 Oct 2021 14:16:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[ABVP]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद]]></category>
		<category><![CDATA[पीएचडी]]></category>
		<category><![CDATA[विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लाडलों की पीएचडी में दाखिले के लिए नियमों की धज्जियां उड़ा रहा प्रदेश विश्वविद्यालय, अध्यापकों के बच्चों को बिना नेट जेआरएफ व प्रवेश परीक्षा के दाखिले न्यायसंगत नहीं: अभाविप (ABVP) शिमला-हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है मानों विश्वविद्यालय न होकर किसी की निजी दुकान हो, [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/17/hp-university-phd-admission-2021-21-irregularities/">विश्वविद्यालय का नया कारनामां, पीएचडी में अध्यापकों के बच्चों को बिना नेट/जेआरएफ व प्रवेश परीक्षा दिया दाखिला, अभाविप (ABVP) नें किया विरोध   </a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3>लाडलों की पीएचडी में दाखिले के लिए नियमों की धज्जियां उड़ा रहा प्रदेश विश्वविद्यालय, अध्यापकों के बच्चों को बिना नेट जेआरएफ व प्रवेश परीक्षा के दाखिले न्यायसंगत नहीं: अभाविप (ABVP)</h3>
<p><strong>शिमला</strong>-हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है मानों विश्वविद्यालय न होकर किसी की निजी दुकान हो, जहाँ मालिक जो मन में आए वो कर सकता हो। फिलहाल इस दुकान को कुलपति सिकंदर कुमार चल रहे हैं। उन्होंने एक नया फरमान जारी किया है जिसके माध्यम से अपने बेटे समेत यूआईआईटी के निदेशक, डीन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट के बच्चों को सीधे पीएचडी में प्रवेश दे दिया गया है। इन्होंने न तो नेट/जेआरएफ परीक्षा और न ही पीएचडी प्रवेश परीक्षा पास की है।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक बीते 21 अगस्त को हुई कार्यकारी परिषद की बैठक में गुपचुप ये प्रस्ताव पास कर दिया गया और पीएचडी में प्रवेश के लिए दिए गए विज्ञापन में भी कहीं इस प्रस्ताव के पारित होने के बारे में किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी गई। इस प्रस्ताव के पास होने की अधिसूचना भी गुपचुप तरीके से 28 अगस्त, 2021, को निकाली गई। अधिसूचना के मुताबिक विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों के बच्चों  से एक लाख रुपये एकमुश्त फीस लेकर प्रवेश देने का प्रावधान किया गया। इसके साथ-2 विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक प्रध्यापकों (Assistant Professors) के बचों के लिए भी हर विभाग में एक-2 सीट रिजर्व रखने का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया है।</p>
<p>इसे सीधे ही लागू कर दिया गया। यह मामला अब प्रवेश मिलने के बाद सामने आया है। हर विभाग में विवि कर्मियों के बच्चों की एक-एक सीट का अलग से प्रावधान किया गया है।</p>
<p>इसे जी तोड़ मेहनत कर नेट/जेआरएफ परीक्षा और प्रवेश पीएचडी प्रवेश परीक्षा पास करने वाले छात्र ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस मुद्दे को लेकर उग्र हो गई है।</p>
<p>अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी दाखिले में विश्वविद्यालय अध्यापकों के बच्चों को बिना नेट/जेआरएफ व प्रवेश परीक्षा के दाखिला देने के निर्णय का विरोध किया है । अभाविप हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने बताया कि विश्वविद्यालय के द्वारा अध्यापकों के बच्चों को पीएचडी दाखिलों में अनुचित तवज्जो देना आम छात्रों के साथ धोखा है और संविधान के अंतर्गत समानता के अधिकार के विरुद्ध भी है ।</p>
<p>सकलानी ने कहा कि एक तरफ जहां आम छात्र सुविधाओं के अभाव में संघर्ष करते हुए, किराए के कमरों में रहकर नेट/जेआरएफ की परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं बावजूद इसके वो पीएचडी में कम सीटों के चलते दाखिला लेने से वंचित रह जाते हैं। अभाविप जहां आम छात्रों की आवाज को बुलंद करते हुए सभी विभागों में पीएचडी की सीटें बढ़ाने की मांग कर रही है वहीं विश्वविद्यालय में कार्यरत अध्यापकों के लाडलों को बिना नेट/ जेआरएफ व प्रवेश परीक्षा के दाखिला देने के निर्णय को आम छात्र के साथ धोखा है, अन्याय करार दे रही है।  सकलानी ने कहा कि ये कदम भारतीय संविधान के समानता के अधिकार के विरुद्ध भी है।  साथ ही साथ यह फैसला यूजीसी के नियमों की भी सरेआम धज्जियां उड़ा रहा है । एक तरफ जहां छात्र हित के विरुद्ध फैसला लेना हो तो विश्वविद्यालय इन्हीं नियमों व कानूनों का हवाला देता है, किंतु जब बात अपने लाडलों को दाखिले देने की आती है तो इन्हीं नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाता है ।</p>
<p>सकलानी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अध्यापकों के बच्चों को बिना किसी नेट/जेआरएफ व प्रवेश परीक्षा के पीएचडी दाखिलों का विरोध करती है और विश्वविद्यालय प्रशासन व प्रदेश सरकार से मांग करती है कि छात्र विरोधी व समानता के अधिकार की धज्जियां उड़ाने वाले इस फैसले को वापिस लिया जाए अन्यथा अभाविप उग्र आंदोलन करेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/17/hp-university-phd-admission-2021-21-irregularities/">विश्वविद्यालय का नया कारनामां, पीएचडी में अध्यापकों के बच्चों को बिना नेट/जेआरएफ व प्रवेश परीक्षा दिया दाखिला, अभाविप (ABVP) नें किया विरोध   </a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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