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	<title>Mehul Thakur, Author at हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>हिमाचल टूरिज्म इंडस्ट्री की अन्य राज्यों की तर्ज़ पर गार्बेज तथा प्रॉपर्टी  टैक्स पर छूट की मांग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mehul Thakur]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Jun 2021 10:08:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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<p><strong>शिमला &#8211;</strong>हिमाचल प्रदेश पर्यटन स्थल के नाम पर एक जानामाना नाम है जो सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विश्व भर में लोकप्रिय है। शिमला, मनाली, धर्मशाला तथा अन्य यहां के प्रसिद्ध टूरिज्म स्पॉट्स है जहां लगभग 1 00,000 से ज़्यादा पंजीकृत तथा अपंजीकृत, होटल्स ,गेस्ट हाउस और होमस्टेस है जहां लाखों के हिसाब से पर्यटक घूमने आते है, परन्तु कोरोना के चलते दो वर्षो से पर्यटन सबंधी गतिविधिया के न के बराबर होने के कारण होटल इंडस्ट्री को भारी नुकसान उठाना पढ़ा है।<br /><br />अब कर्फ्यू हटने के बाद पर्यटन व्यवसाइयो में उम्मीद की किरण जागी है परन्तु पिछले दो वर्षो के नुकसान से वो अभी तक उभर नहीं पाए हैं जिसके चलते टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन ने हिमाचल सरकार से गार्बेज तथा प्रॉपर्टी टैक्स में छूट की मांग की है। पर्यटन व्यवसाइयो का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के चलते लगभग तीन महीने से होटल्स की आमद न होने के कारन होटल्स के मालिकों की हालत बद से बत्तर हो चुकी है कई होटल्स तो बंद होने की कगार पर आ चुके है क्यूंकि उनकी वर्किंग कैपिटल शुन्य हो चुकि है। <br /><br />टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन ने शिमला नगर निगम से आग्रह किया है  कि अन्य पर्यटन राज्यों के तर्ज पर एक वर्ष के लिए प्रॉपर्टी टैक्स, गार्बेज शुल्क तथा तह पानी के बिलों पर लगने वाले सेस में 50% की छूट दी जाए।</p>
<p>एसोसिएशन के प्रेजिडेंट  महेन्दर सेठ का कहना है कि कर्नाटक, महाराष्ट्र तथा अन्य कई प्रदेशों ने पर्यटन से जुड़ी इकाइयों को एक राहत पैकेज देकर 50% शुल्कों में रियात देने के अलावा बिजली पर लगने वाले डिमांड चार्जेज को एक वर्ष के लिए समाप्त कर दिया है।<br /><br />सेठ ने कहा कि  गुजरात सरकार ने तो एक वर्ष के लिए सभी प्रकार के शुल्कों तथा बिजली पर लगने वाले डिमांड चार्जेज को खत्म कर दिया है। एसोसिएशन को विश्वसनीय सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि शिमला नगर निगम केमिस्ट तथा जिम इत्यादि को गार्बेज फी में छूट देने पर विचार कर रहा है जबकि कैमिस्ट की दुकान कोरोना महामारीं के दौरान भी खुली रही। सेठ ने मांग की है कि होटल,रेस्टॉरेंटों तथा अन्य पर्यटक इकाईयों को भी गार्बेज तथा प्रॉपर्टी टैक्स में एक वर्ष के लिए छूट मिलनी चाहिए ताकि पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को राहत मिल सके।<br /><br />सेठ का मानना है कि पर्यटन उद्योग को पटरी पर आने में अभी कम से कम दो तीन वर्ष का समय लग सकता है। ऊपर से भारत मे तीसरी लहर के आने का खतरा भी पर्यटन उद्योग पर मंडरा रहा है। जिसके चलते पर्यटन उद्योग दोबारा से प्रभावित हो सकता सकता है। सेठ ने कहा  कि हिमाचल में लगातार दूसरे वर्ष भी गर्मियों के पर्यटन सीज़न पर्यटन से जुड़े उध्मियों के हाथ से खिसक गया है। मौजूदा हालात में निगम द्वारा होटल इंडस्ट्री को दी गई राहत संजीवनी का काम कर सकती है। सेठ  ने उम्मीद जताई है कि शिमला नगर निगम अन्य पर्यटन राज्यों के तर्ज पर होटल इंडस्ट्री को शीघ्र राहत प्रधान करने का निर्णय लेगा ताकि पर्यटन से जुड़े व्यसाईओं को राहत मिल सके।</p>
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