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शिमला के सैंकड़ो बागवानों के करोड़ो रुपए आढ़तियों के पास बकाया, पैसे मांगने पर देते हैं धमकियाँ, पर सरकार को नहीं कोई फ़िक्र

Apple Growers of Shimla Not Paid Due Payments

शिमला– आज हाटकोटी,जुब्बल में किसान संघर्ष समिति की एक बैठक हुई। समिति का कहना है कि इस बैठक में चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। जुब्बल तहसील के केवल गांव बढाल व पहाड के करीब 12 बागवानों के M/S Field Crops नामी एक आढ़ती ने 48,78,385 रुपये का बकाया भुगतान करना है और अब जब पैसे मांगे जाते हैं तो धमकी दी जा रही हैं।इनके साथ और भी कई बागवान हैं जिनके पैसे इस आढ़ती ने देने है। इसके अलावा कई अन्य आढ़तियों ने भी जुब्बल क्षेत्र के सैंकड़ो बागवानों के करोड़ों रुपये का बकाया भुगतान करना है।

बागवानों का आरोप है कि कृषि मण्डियों में किसानों व बागवानों का खुला शोषण किया जा रहा है परन्तु ए पी एम सी व सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही हैं।

इन्ही मुद्दों को लेकर किसान संघर्ष समिति 22 अप्रैल, 2019 को किसानों व बागवानों की समस्याओं को लेकर ए पी एम सी शिमला-किन्नौर के कार्यालय के बाहर एक प्रदर्शन करेगी तथा इस प्रदर्शन के माध्यम से मण्डियों में किसानों व बागवानों के शोषण के बारे एक ज्ञापन भी दिया जाएगा।

समिति समस्त किसानों व बागवानों के संगठनों से आग्रह किया है कि मण्डियों में किसानों व बागवानों के शोषण पर रोक लगाने के लिए इस प्रदर्शन में भागीदारी सुनिश्चित करें।

समिति का कहना है कि हिमाचल प्रदेश कृषि एवं औद्यानिकीय उपज विपणन(विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2005 के नियम 39 के उपनियम 2 के अंतर्गत ए पी एम सी का उत्तरदायित्व बनता है कि किसानों व बागवानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य मिले और जिस दिन माल बिके उसी दिन उनका भुगतान किया जाए तथा जो भी मंडी में खरीदारी कर रहा है उससे भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नकद के रूप में बैंक गारंटी रखी जाए। परन्तु आढ़ती व खरीददार के दबाव के कारण किसानों व बागवानों का समय पर भुगतान नहीं किया जाता और इसमें ए पी एम सी मूकदर्शक बनी हुई है।

समिति का कहना है कि सरकार लाइसेंस जारी कर रही हैं परन्तु इन आढ़तियों व खरीददारो पर कोई भी अंकुश लगाने में पूर्णतः विफल रही हैं।

समिति ने कहा कि गत दिनों में करीब 67 बागवानों ने ठियोग, छैला व कोटखाई के पुलिस थानों में आढ़तियों के विरुद्ध FIR दर्ज की है। इसमें लगभग 2 करोड़ 13 लाख रुपये आढ़तियों ने बागवानों के देने हैं। हिमाचल प्रदेश कृषि एवं औद्यानिकीय उपज विपणन(विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अंतर्गत बागवानों का भुगतान उसी दिन जिस दिन माल बिक्री किया गया हो सुनिश्चित करना ए पी एम सी का उत्तरदायित्व बनता है। परन्तु यह इन सब मामलों को हलके से ले रही हैं जिसके कारण मण्डियों में किसानों की लूट दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। इसके कारण ठग प्रवृत्ति के लोगों की संख्या इस कृषि व्यापार में बढ़ रही है।

किसान संघर्ष समिति प्रदेश सरकार से मांग की है कि ए पी एम सी को हिमाचल प्रदेश कृषि एवं औद्यानिकीय उपज विपणन(विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2005 को लागू करते हुए दोषी आढ़तियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही तुरन्त की जाए व पीड़ित बागवानों का बकाया भुगतान तुरन्त करवाये। भविष्य में किसानों व बागवानों का भुगतान समय पर सुनिश्चित करें।

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

Apple proccurement support price in Himachal PRadesh

शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

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ऐबीवीपी ने यूजी परीक्षा परिणाम मे हो रही देरी और अनियमिताओं को लेकर किया कुलसचिव का घेराव

ABVP Protest

शिमला-वीरवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने यूजी (UG ) के परीक्षा परिणाम मे हो रही देरी और अनियमिताओं को लेकर कुलसचिव का घेराव किया व उनके आफिस के बाहर धरना-प्रदर्शन किया!

ABVP protest for ug results

विद्यार्थी परिषद ने निम्न मांगो को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को कल शाम तक का समय दिया था:

  • यूजी 6th सेमेस्टर का पूरा परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए! छात्रों के परीक्षा परिणामों में आ रही डबल स्टार की दिक्कत को शीघ्र ठीक किया जाए!
  • यूजी 2nd और 4th सेमेस्टर का री-आप्पीयर (Re-appear ) परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित किया जाए!
  •  एचपीयू काउंसलिंग में अपीयर छात्रों को अपने रिजल्ट ठीक कराने की तिथि को 20 जुलाई तक किया जाए!
  •  एचपीयू के अलावा दूसरे विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों को कॉन्फिडेंशियल रिजल्ट दिया जाए ताकि वह छात्र दूसरे विश्वविद्यालय में ऐडमिशन ले सकें!
  •  यूजी 3rd सेमेस्टर गणित के रिजल्ट को फिर से ईवैलुएट किया जाए!

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की नाकामियों के कारण हिमाचल के हजारों छात्र हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने से वंचित रह रहे है! विद्यार्थी परिषद ने कहा है कि अगर इन सभी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो विद्यार्थी पर अपना आंदोलन विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ और तेज करेगी!

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