Ban bjp president Satpal Satti's Election rallies

शिमला– कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी को लेकर आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती घिर गए हैं। बद्दी में आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के लिए चुनाव आयोग से नोटिस मिलने के बाद भाजपा के राज्य अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती अब दुबारा राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने की वजह से चुनाव आयोग के निशाने पर आ गए हैं। आयोग ने सत्ती को एक और नोटिस ज़ारी कर 48 घंटों में जवाब माँगा है।

भाजपा के लिए चिंता की बात ये है कि इस बार यह मामला किसी की शिकायत पर सामने नहीं आया। बल्कि आयोग की सरवेलिएन्स (surveillance) टीम ने खुद ऊना जिले के गगरेट विधानसभा के भंजाल में सत्ती की एक सभा की वीडियो रिकॉर्डिंग की जिसके आधार पर उन्हें दूसरा नोटिस भेजा गया है। इस बार सत्ती पर प्रियंका के पहनावे व राहुल के शादी न करने को लेकर आपत्तिजनक बयानबाज़ी करने का आरोप है।

इसके अलावा सत्ती पर इस बयानबाज़ी को लेकर एक एफआईआर भी दर्ज़ हो चुकी है।

कांग्रेस ने वीरवार को उनके खिलाफ आंदोलन का एलान किया है! वीरवार को सुखविंदर सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस का एक प्रतिनिमण्डल मुख्य निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार से मिला।

इन्होंने देवेश कुमार के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को ज्ञापन भेजा। जिसमें सत्ती के प्रचार पर बैन लगाने और उन पर कड़ी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है। सुक्खू ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर सत्ती के प्रचार पर बैन नहीं लगाया गया तो शुक्रवार से सत्ती का हर जगह घेराव किया जाएगा व काले झंडे दिखाए जाएंगे।

सुक्खू ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा उनकी मांग पर तत्काल कार्रवाई करें। चूंकि, सत्तारूढ़ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती सभी मर्यादाएं तोड़ते हुए चुनावी जनसभाओं में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं व सामाजिक संस्थाओं के खिलाफ जहर उगल रहे हैं।

सुक्खू ने कहा कि ताजा उदाहरण भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती की सोलन जिले के बद्दी व ऊना जिले के भंजाल में हुई चुनावी जनसभा है। सूक्खू ने कहा है कि सतपाल सत्ती ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध न केवल अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि सामाजिक संस्था राधा स्वामी के अनुयायियों पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की।

बद्दी के ही रामशहर में सतपाल सत्ती कि एक वीडियो में वे आरोपण ये कहते सुनाई दिए थे कि “राजनीति बहुत टफ है। बहुत पैसे लगते हैं, घर बिक जाते हैं। चुनाव के दिनों में वो लोग जो राधा स्वामी होते हैं, वे भी कहते हैं कि कुछ दे दो तो ही ठीक है।”

सुक्खू ने कहा कि भाजपा नेता ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पहनावे को लेकर भी बेहुदा टिप्पणियां कर रहे हैं। ये नाकाबिले बर्दास्त है। सुक्खू ने कहा कि इस तरह की बदजुबानी से कांग्रेस जनों के साथ ही आम जनमानस की भावनाएं भी आहत हुई हैं। इसलिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती पर चुनाव आयोग कड़ी कार्रवाई करे। क्योंकि, उन्होंने आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है।

सत्ती की सफाई

सत्ती का कहना है कि उनके वीडियो और बयां को तोड़ मरोड़ के मीडिया में पेश किया जा रहा है। उनका मानना है कि वो तो सिर्फ एक फेसबुक कमेंट पढ़ रहे थे जो किसी और ने राहुल गाँधी के ऊपर किया था। भाजपा भी राहुल गाँधी के चुनाव प्रचार पर रोक लगाने हेतु चुनाव आयोग को अपनी शिकायत दे चुके हैं।

निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार से मिलने वाले परदिनिधि मंडल में पूर्व सीपीएस रोहित ठाकुर, प्रदेश महासचिव हरभजन सिंह भज्जी, चेयरमैन मीडिया समन्वय समिति नरेश चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र चौहान, प्रदेश सचिव रितेश कपरेट, शिमला शहरी कांग्रेस अध्यक्ष अरुण शर्मा, कांग्रेस लीगल सेल के चेयरमैन आईएन मेहता, एससी सेल के वाईस चेयरमैन सुरेंद्र गर्ग, अमरजीत सिंह, अनूप रत्न व राजेन्द्र शर्मा शामिल थे।

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