IGMC Contract Workers Union

शिमला-आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्करज़ यूनियन ने आईजीएमसी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला है। यूनियन ने आज एक बैठक कर प्रबंधन और ठेकेदारों पर कर्मचारियों को शोषित करने के आरोप लगाए हैं।

यूनियन के महासचिव नोख राम ने कहा कि आईजीएमसी में सफाई कर्मचारियों का भारी शोषण किया जा रहा है। इन्हें चेंजिंग रूम व छुट्टियों की पूर्ण व्यवस्था नहीं की जा रही है। इनसे अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है परन्तु उसके बदले इन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। इनके ईपीएफ में भी गड़बड़ी है। इन्हें ईएसआई की सुविधा सही से लागू नहीं की जा रही है। डेंटल कॉलेज़ में इन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा है। इस तरह सफाई कर्मचारियों का शोषण बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।

यूनियन के अध्यक्ष वीरेंद्र लाल ने कहा कि यूनियन ने लगभग छः महीने पहले आईजीएमसी प्रबंधन व ठेकेदारों को मांग पत्र सौंपा था मगर उस पर अभी तक कोई भी अमल नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड अटेंडेंटों को अकुशल श्रेणी में रख कर उन का भारी शोषण किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि वार्ड अटेंडेंटों की श्रेणी अकुशल मजदूर के बजाए अति कुशल की जाए क्योंकि वे एक्सरे,ड्रेसिंग,प्लास्टर,ऑक्सीजन लगाने,पेशेंट शिफ्टिंग,किचन,कुकिंग,टेलीफोन एक्सचेंज,इमरजेंसी,स्टिचिंग आदि बेहद कुशल कार्य करते हैं।

बैठक में निर्णय लिया गया कि आईजीएमसी प्रबंधन की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज होगा।

बैठक सीटू कार्यालय शिमला में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष वीरेन्द्र लाल ने की। बैठक में सीटू जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा,राज्य कोषाध्यक्ष रमाकांत मिश्रा,यूनियन महासचिव नोख राम,जगत,लेखराज,सोहन लाल,मोहन,विद्या गाजटा,सुरेन्द्रा,शालू,मीरा,सीता,मीना,सुरेंद्र गाजटा,प्रवीण आदि मौजूद रहे।

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