No fee hikes in shimla's private schools

शिमला-छात्र अभिभावक मंच के निजी स्कूलों की लूट व भारी फीसों के खिलाफ एक के बाद एक धरना प्रदर्शनों के बाद आज निदेशक उच्चतर शिक्षा ने मंच पदाधिकारियों से मीटिंग कर ये आश्वाशन दिया है की अब निजी स्कूलों के खिलाफ करवाई अमल में लायी जाएगी!निदेशक ने कहा कि 9 अप्रैल से ही अब निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू होगी व स्कूलों की इंस्पेक्शन शुरू होगी!

आज मंच ने शिक्षा निदेशालय शिमला पर हल्ला बोला। मंच ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि सुबह ग्यारह बजे से अभिभावक निदेशालय के बाहर जुटना शुरू हो गए थे। बारह बजे के करीब अभिभावकों की भीड़ से पूरा निदेशालय परिसर भर गया। बारह बजे से शुरू हुआ धरना तीन बजे तक चला।

मंच ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान ही निदेशक ने मंच पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुला लिया। इसके बाद मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल निदेशक उच्चतर शिक्षा से मिला। मीटिंग लगभग एक घण्टा चली। मीटिंग में निदेशक उच्चतर शिक्षा के साथ सभी संयुक्त शिक्षा निदेशक भी शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि निदेशक उच्चतर शिक्षा ने मंच पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि अब निजी स्कूलों के प्रबंधन से बातचीत का समय खत्म हो चुका है। अब एक्शन का समय है। इसलिये 9 अप्रैल से ही अब निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू होगी व स्कूलों की इंस्पेक्शन शुरू होगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि इस वर्ष फीसों में एक भी रुपये की बढ़ोतरी नहीं होगी। जिस भी स्कूल ने ज़्यादा फीसें वसूली हैं उनसे अभिभावकों को बढ़ी हुई फीस रीइंबर्स करवाई जाएगी। स्कूलों में स्थापित किताबों व कपड़े की दुकानों को सील कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब स्कूल फंक्शनों के नाम पर निजी स्कूल प्रबंधनों की मनमर्जी नहीं चलेगी व कोई भी स्कूल एमआरपी से अधिक रेट नहीं वसूल पायेगा।

उन्होंने कहा कि अब स्कूल फंक्शन करने से पहले निजी स्कूलों को शिक्षा निदेशालय से इज़ाज़त लेनी होगी व उसमें वितरित की जाने वाली चीजों के रेट शिक्षा निदेशालय से अप्रूव करवाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों को अपनी बसें चलाने की डेडलाइन जारी की जाएगी। शिक्षा निदेशालय एचआरटीसी को पत्र लिखकर बसों में बस पास की एवज में हर छात्र को सीट सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश देगा व ओवरलोडिंग पर एचआरटीसी बसों पर कार्रवाई की सिफारिश करेगा। जितने दिन छात्र एचआरटीसी बस करेंगे उनसे पूरे महीने के बजाए उतने ही दिनों के पैसे बसूले जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगले पन्द्रह दिन के भीतर हर निजी स्कूल में पीटीए का गठन हर हाल में कर दिया जाएगा।

निदेशक उच्चतर शिक्षा से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में बिंदु जोशी,फालमा चौहान,भावना,जसबीर,कौशल्या,रमा रावत,मीना,कलावती,रंजना वर्मा,बबली,कुसुम,कौशल्या,लक्ष्मी,पन्ना श्याम,निशा,सुजाता,राखी,सुमन,रोहित चौहान,जसबीर कौर,भावना,रोशनी,पूनम आदि थे!

मंच ने शिक्षा निदेशक को चेताया है कि मंच को दिए गए आश्वासन अगर तीन दिनों के भीतर लागू नहीं हुए तो मंच की मीटिंग करके तीसरे चरण के आंदोलन की शुरुआत होगी। उन्होंने ऐलान किया कि आंदोलन तब तक चलेगा जब तक की निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक नहीं लगती।

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