प्राइवेट की जगह पब्लिक शब्द इस्तेमाल कर अभिभावकों को गुमराह कर रहे हिमाचल के निजी स्कूल :अभिभावक मंच

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Saraswati Paradise school shimla

शिमला– छात्र अभिभावक मंच ने निजी स्कूलों की मनमानी व भारी फीसों के खिलाफ आज दिनांक 1 अप्रैल को सरस्वती पैराडाइज़ इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी संजौली के बाहर प्रदर्शन किया।

उन्होंने आरोप लगाया ये स्कूल 18 मार्च की शिक्षा निदेशालय की अधिसूचना के बावजूद छात्रों व अभिभावकों पर भारी फीसें लाद रहे हैं।

मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि निजी स्कूल की मनमानी का आलम यह है कि प्राइवेट स्कूल होने के बावजूद ये स्कूल अपने बिजनेस को चमकाने के लिए अपने नाम के साथ प्राइवेट के बजाए पब्लिक स्कूल शब्द इस्तेमाल करके जनता व अभिभावकों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

मेहरा ने कहा कि इन स्कूलों का दोगलापन कमाल का है कि अपने स्कूल में छात्रों व अभिभावकों को आकर्षित करने के लिए ये स्कूल प्राइवेट के बजाए पब्लिक स्कूल शब्द इस्तेमाल करते हैं परन्तु जब भारी फीसें वसूलनी हों तब ये कहते हैं कि हम पब्लिक अथवा सरकार के स्कूल नहीं हैं इसलिए हम पर फीस के संदर्भ में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं हो सकता।

विजेंद्र मेहरा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि निजी स्कूलों को पब्लिक स्कूल शब्द इस्तेमाल करने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के द्वारा फीसों में भारी बढ़ोतरी की जा रही है व आई कार्ड के नाम पर भी भारी ठगी की जा रही है। इसके अलावा पिकनिक को स्वैच्छिक करने के बजाए अनिवार्य करके अभी भी हज़ारों रुपये वसूले जा रहे हैं।

सरस्वती पैराडाइज़ स्कूल में आई कार्ड व डायरी के नाम पर 260 रुपये वसूले जा रहे हैं। उन्होंने सरस्वती पैराडाइज़ स्कूल से भारी फीसों में तुरन्त कटौती की मांग की है अन्यथा इस स्कूल के खिलाफ मोर्चेबन्दी कि चेतावनी दी!

इससे पहले अभिभावक ऑकलैंड, चैप्सली, और डी ऐ वी स्कूल के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर चुके हैं, जिसके लिए इन अभिभावकों पर पुलिस मुकदम्मे भी दर्ज़ हैं!

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