शिमला शहर के प्रतिबंधित मार्गों पर नहीं हो रहा गति सीमा का पालन, सरपट दौड़ रहे सरकारी, वीवीआईपी और निजी वाहन

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Speed limit on shimla's restricted roads

शिमला-समाजसेवी व विकास समिति टुटू के पूर्वाध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने जिला प्रशासन से शिमला शहर के प्रतिबंधित मार्गों पर ज्यादा से ज्यादा स्पीडब्रेकर लगाए जाने की मांग की है | उन्होने कहा की हिमाचल प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों तारघर,शिमला क्लब व लक्कड़ बाजार क्षेत्र के लिए निजी क्षेत्र में टैक्सियाँ चलाने का निर्णय लिया है जिस कारण प्रतिबंधित मार्गों पर वाहनों की आहवाजाही पहले से अधिकतर हो जाएगी |

उन्होने कहा की हिमाचल प्रदेश पेड़ेस्ट्र्न एंड रोड सेफ़्टी एक्ट 2007 के मुताबिक शिमला शहर के सभी प्रबंधित व बंधित मार्गों पर वाहन की अधिकतर गति सीमा 20 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है लेकिन चाहे सरकारी वाहन हों या निजी वाहन कोई भी गति सीमा का पालन नहीं करता है और 50-60 किलोमीटर की तेजगति से वाहन चलाते हैं जिस कारण राहगीरों को काफी असुविधा होती है |

उन्होने कहा की कई मर्तवा पर्यटक व स्थानीय लोग भी इन तेजगति वाहनों के कारण चोटिल हो चुके हैं| गुप्ता ने कहा की उन्होने हाल ही में पुणे का दौरा किया और देखा की पुणे शहर में 6 लेन सड़कें होने के बावजूद भी प्रत्येक आधा किलोमीटर की दूरी पर स्पीड ब्रेकर लगाए हैं ताकि वाहन चालक शहरी क्षेत्रों में वाहन गति अधिक न कर सकें |

उन्होने कहा की स्पीड ब्रेकर भी एक उचित मापदंडानुसार बनाए गए हैं ताकि ब्रेकर पर ज्यादा उछाल भी न हो | विकास समिति टुटू के पूर्वाध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने जनहित में जिला प्रशासन से संबन्धित निगम व लोक निर्माण विभाग को उचित निर्देश जारी करने की मांग की है ताकि लोग इन टैक्सियों का उचित लाभ भी उठा सके और तेजगति वाहन चालकों पर भी लगाम लगाई जा सके |

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