27 देशों के प्रतिनिधियों ने देखी हिमाचल की पेपर लैस विधान सभा की कार्यवाही।

0
45
HP VIdhan Sabha Speaker Rajiv Bindal

शिमला- आज 27 देशों के प्रतिनिधयों ने जो हिमाचल प्रदेश राज्य के अध्ययन प्रवास पर है अपराह्न 3:30 बजे सदन में दर्शक दीर्घा से कागज रहित विधान सभा की कार्यवाही को देखा। हिमाचल प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष डॉ0 राजीव बिन्दल ने सभी सदस्यों को अपने आसन से उनके देश के नाम से सम्बोधित किया तथा सदन में मौजूद सभी सदस्यों को इन प्रतिनिधियों की जानकारी दी । सदन में मौजूद सता पक्ष तथा विपक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर इन प्रतिनिधियों का अभिवादन किया।

इस प्रतिनिधिमण्डल में अफगानिस्तान बोलिविया क्यूबा, इथोपिया, इराक, जॉर्डन, किनिया, लूथिनिया, मॉरिशियस, मेयनमार, नामिबिया, नेपाल निकारगुआ, पनामा पेरू, सेनेगल, सर्बिया श्रीलंका, दक्षिण सुडान, सुडान तन्जानिया, थाइलैंड, टूनिशिया, उजबेकिस्तान, जांबिया तथा जिम्बाबवे आदि देशों के 37 प्रतिनिधि शामिल थे।

इससे पूर्व इन प्रतिनिधियों ने विधान सभा के मुख्य कक्ष में‍ मुख्यमन्त्री जय राम ठाकुर तथा हिमाचल प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष डॉ0 राजीव बिन्दल से मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधियों को हिमाचल प्रदेश के अस्तित्व तथा भारतीय गणराज्य में के राज्य के रूप में सामरिक महत्व की जानकारी दी गयी तथा स्वागत किया।

प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू होने के साथ ही हिमाचल प्रदेश को पार्ट-सी0 राज्य का दर्जा दिया गया। जबकि मार्च 1952 में हिमाचल प्रदेश को लेफ्टीनेंट गर्वनर के अधीन लाकर 36 सदस्यों वाली विधान सभा का गठन किय गया। वास्तव में 1 जुलाई, 1963 को माननीय राष्ट्रपति की स्वीकृति उपरान्त केन्द्र शासित प्रदेश की विधान सभा के रूप में इसका गठन किया गया। 25 जनवरी, 1971 को हिमाचल प्रदेश भारतीय गणराज्य का 18वां राज्य बना तथा वर्ष 1971-72 के विधान सभा क्षेत्रों के परिसिमन उपरान्त 68 विधान सभा क्षेत्र बनायें गये।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधान सभा देश की प्रथम कागज रहित विधान सभा है तथा ई-विधान प्रणाली क्रियान्वित करने वाली उदाहरणार्थ विधान सभा है।

इसके अतिरिक्त लोक सभा सचिवालय से BPST के निदेशक उपसचिव तथा अवर सचिव भी इन प्रतिनिधियों के साथ मौजूद थे। इस अवसर पर इन प्रतिनिधियों ने कागज रहित तथा उच्च तकनिक मुक्त विधान सभा की प्रशंसा की।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें