कांग्रेस को शिमला, कसुम्पटी, शिमला (ग्रामीण) में वोट मांगने का कोई हक नहीं, सरकार ने हमेशा किया नजरंदाज: भाजपा

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Shimla urban constituency candidates

एक बात और जो जनता को याद रखनी चाहिए! वह ये है की ये सब कुछ शिमला (शहरी) से चुने हुए भाजपा विधायक की आँखों के सामने ही हुआ था!

शिमला: हालांकि सभी राजनितिक पार्टियां आजकल एक-दूसरे पर कीचड़ उछलने के लिए बयानबाजी किये जा रहे हैं, पर फिर भी इन बयानों और इल्ज़ामों में कुछ तर्कसंगत तथ्य ढूंढे जा सकते हैं!

उदहारण के तौर पर हिमाचल के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के शिमला शहरी क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी सुरेश भारद्वाज, शिमला ग्रामीण के प्रत्याशी प्रमोद शर्मा तथा कसुम्पटी से ज्योती सेन ने शिमला से जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में शिमला, शिमला (ग्रामीण) तथा कुसम्पटी विधानसभा क्षेत्रों को पूरी तरह नजरंदाज किया है!

भाजपा का मानना है कि यहां कांग्रेसी उम्मीदवारों को वोट मांगने का कोई हक नहीं है क्योंकिं दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में विकास नहीं होने दिया गया और लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ा।

उन्होंने कहा कि नगर निगम में काबिज माकपा शिमला में फैले पीलिया रोग पर नियंत्रण पाने में नाकाम रहा था जिसके कारण 32 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

इन भाजपा प्रत्याशियों ने कहा कि इसके अलावा पीलिया से ग्रस्त हज़ारों लोगों को ईलाज के लिए अस्पतालों में दाखिल होना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही और पेयजल स्त्रोतों की उचित साफ-ंसफाई व निरीक्षण नहीं होने के कारण व्यापक स्तर पर पीलिया फैला।

पुणे की प्रयोगशाला में जब पानी के सैंपल भेजे गए तो उसमें साफ तौर पुष्टि हुई कि अश्वनी खड्ड से जो पयेजल आपूर्ति की जा रही थी, उसमें खतरनाक विषाणु मोजूद थे। ये विषाणु इसलिए पैदा हुए थे क्यांेकि पेयजल स्त्रोत में मल मिल रहा था जिसको लेकर सरकार बेखबर थी।

हालांकि पीलिया कि समस्या भाजपा के कार्यकाल में ही शुरू हो गयी थी पर फिलहाल सारा इलज़ाम कांग्रेस और माकपा को झेलना पड़ रहा है! यह भी ज्ञात रहे कि पानी कि पाइपों में पिछले दो दशक से रिसाव हो रहा था क्योंकि इनकी मुरम्मत का पैसा कोई डकार गया था!

एक बात और जो जनता को याद रखनी चाहिए! वह ये है की ये सब कुछ शिमला (शहरी) से चुने हुए भाजपा विधयक की आँखों के सामने ही हुआ था!

फिर भी भाजपा ने दवा किया है कि सरकार में आने पर यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में पीलिया फैलने जैसी घटनाएं न हों।

उन्होंने कहा कि शिमला विश्वभर का प्रमुख पर्यटक स्थल है लेकिन सरकार की बदइंतजामी और लापरवाही के कारण शिमला की साख गिरी हैं ।

उन्होंने कहा कि पेयजल की समस्या के समाधान को लेकर भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी और पर्यटकों के साथ- 2 स्थानीय लोगों को कई दिनों तक पानी न मिल पाने के कारण परेशानी उठानी पड़ी। यही हालात यातायात व्यवस्था के भी हैं।

राजधानी में घंटों लगने वाले ट्रैफिक जाम के कारण लोगों व पर्यटकों को हर रोज़ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

भाजपा ने दवा किया है कि इस विधानसभा चुनाव में शिमला व कसुम्पटी की जनता कांग्रेस को वोट नहीं देगी!

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