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हिमाचल में दीवाली के बाद कभी भी हो सकते हैं विधानसभा चुनाव

HP Assembly Election 2017

शिमला- हिमाचल प्रदेश में दीवाली के बाद विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। इसे देखते हुए चुनाव आयोग की तरफ से विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूचियों को 1 जुलाई से संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। मतदाता सूचियों को अंतिम रूप 15 सितम्बर को दे दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार का कार्यकाल 25 दिसम्बर को पूरा हो रहा है, जिससे पहले कभी भी चुनाव प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। चुनाव दीवाली के बाद 19 अक्तूबर को किए जाने की अधिक संभावना है, क्योंकि इससे पहले नवरात्र और दशहरा पर्व होगा, ऐसे में चुनाव आयोग उत्सवी माहौल के बाद ही चुनाव प्रक्रिया को आरंभ करेगा।

2 चरणों में चुनाव की संभावना

राज्य में चुनाव को 2 चरणों में किए जाने की संभावना है, जिसको लेकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। राज्य में 1 जुलाई से मतदाता सूचियों को प्रकाशन के बाद मतदान केंद्रों पर उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके बाद 28 जुलाई तक इन पर लोगों की तरफ से आपत्तियों को दर्ज करवाया जा सकता है।

इस दौरान ग्राम सभा, नगर पंचायत, नगर परिषद व नगर निगम की बैठकों में मतदाता सूचियों को लेकर लिए गए निर्णय का संज्ञान लेने के अलावा राजनीतिक दलों की आपत्तियों को भी सुना जाएगा। अंतिम दावे व आक्षेपों को 11 अगस्त तक सुना जाएगा, जिसके बाद 15 सितम्बर को अंतिम फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का प्रकाशन कर दिया जाएगा।

आयोग के निर्देश पर गरमाई सियासत

चुनाव आयोग की तरफ से 1 जुलाई से मतदाता सूचियों को संशोधित करने का काम शुरू करने के निर्णय को देखते हुए सियासत गरमा गई है। राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों ने इसके लिए अपने स्तर पर सजग रहने को कहा है। सूत्रों के अनुसार भाजपा और कांग्रेस ने अपने चुनाव प्रकोष्ठों को अपने स्तर पर तैयारी करने के निर्देश दे दिए हैं, ताकि मतदाता सूचियों को सही तरीके से दुरुस्त किया जा सके।

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सीवरेज सेस बढ़ा कर प्रतिमाह सौ रुपये करने से छोटे उपभोक्तों पर पड़ रहा अतिरिक्त व नाजायज आर्थिक बोझ

Shimla sewerage cess hike

शिमला-जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी ने पेयजल कंपनी द्वारा पानी बिल के साथ प्रतिमाह न्यूनतम सौ रुपये सीवरेज सेस वसूलने पर कड़ी आपत्ति जताई है ।

जिलाध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा की अभी तक जो सेस शुल्क 30 फीसदी लिया जाता था उसे बढ़ा कर प्रतिमाह सौ रुपये करने से छोटे उपभोक्तों पर अतिरिक्त व नाजायज आर्थिक बोझ पड़ रहा है , छोटे उपभोक्ता जो की पानी की कम खपत करते थे उस पर भी फ्लेट सौ रुपये शुल्क लगा देना तर्कसंगत नही है । निगम को इस बाबत पुनर्विचार करना चाहिए ये फ़ैसला पूरी तरह से जनविरोधी है इसे तुरंत वापस लेना चाहिए ।

जिलाध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा की पेयजय कंपनी द्वारा महीने के महीने पानी के बिल नही दिये जाते ऐसे मे यदि किसी उपभोक्ता को छ :माह या आठ माह बाद बिल दिया जा रहा है तो उसपर हर माह के हिसाब से सौ रुपए शुल्क जोड़ा जा रहा है, हर उपभोक्ता को हर माह सौ रुपये जोड़ने के इस गणित से पेयजल कंपनी खासा मुनफा कमा रही है और आम आदमी पर गैरजरूरी आर्थिक बोझ डाला जा रहा है जिस पर जिला कांग्रेस कमेटी कड़ी आपत्ति जताती है ।

अरुण शर्मा ने कहा कि निगम द्वारा आए दिन ही जन विरोधी व तुगलकी फैसले लिए जा रहें है, मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध करवा पाने मे नाकाम रहा निगम केवल आम आदमी की जेब से पैसे निकलवाने की फिराक मे रहता है , हर दूसरे माह किसी ने किसी तरह से कोई नया शुल्क लगाया जा रहा है , और कुछ नही मिला तो कूड़े का शुल्क बढ़ा दिया जाता है इस से जनता मे आक्रोश है ।

अरुण शर्मा ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी ये मांग करती है की प्रतिमाह न्यूनतम सौ रुपए के इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए जिस से छोटे उपभोक्ताओ पर आर्थिक बोझ न पड़े अन्यथा महापौर व पेयजल कंपनी के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा मोर्चा खोला जाएगा , निगम जनता पर तुगल्की फरमान लगाना बंद करें और शहर की जनता को मूलभूत सुविधाए प्रदान करने के प्रयास करे ।

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विश्वविद्यालय कैंपस में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर, प्रशासन के सामने पुख्ता सबूत पेश करने के बावजूद अधिकारियों को सरंक्षण

Corruption at its peak at hpu campus

शिमला-एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन,कुलपति व प्रदेश सरकार का लगातार छात्रों की समस्यायों को नज़रंदाज़ करने व लगातार छात्र विरोधी फरमान जारी करने के विरोध में समरहिल चौक पर मुंह पर काली पटिया बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।

सुबह से ही एस एफ आई के छात्र हाथो में विभिन्न मांगो को प्रदर्शित करते पोस्टर पकड़कर खड़े रहे।कैंपस सचिव जीवन ठाकुर ने बताया कि आज विश्वविद्यालय अपना स्थापना दिवस समारोह मना रहा है,ओर दूसरी ओर छात्र मांगो को लेकर आंदोलनरत है। छात्रों ने प्रदर्शन का अनूठा रूप दिखाया,क्योंकि कुलपति ने कैंपस में तानाशाह एजेंडा लागू कर धरने प्रदर्शन पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगा रखा है। एस एफ आई ने कहा कि छात्र मुख्यत कैंपस में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग कर रहे है क्योंकि लगातार कैंपस में लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है।

Corruption at its peak at hpu campus 2

एस एफ आई ने कहा कि कैंपस में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है । पी एच डी के अंदर अवैध रूप से फर्जी प्रवेश हो रहा है ।एस एफ आई ने प्रशासन के सामने पुख्ता सबूत पेश भी किए लेकिन प्रशासन अपने चहेते अधिकारियों को सरंक्षण दे रहा है । स्थापना दिवस के अवसर पर आज एस एफ आई ने मुख्यमंत्री को भी मांग पत्र सौंपकर छात्र मांगो को उठाया।एस एफ आई ने मांगपत्र के माध्यम से एस सी ए चुनाव को जल्द बहाल करने की मांग की। इसके साथ साथ एस एफ आई के छात्रों से हो रहे सौतेले व्यवहार को भी प्रमुखता से उठाया ।

एस एफ आई ने आरोप लगाया कि क्योंकि कुलपति विशेष विचारधारा को सरंक्षण दे रहे है।जिसका जीता जागता प्रमाण पिछले कल ए बी वी पी के छात्रों का निष्काषन बहाली करना है।हालांकि एस एफ आई निष्काषन बहाली के विरोध में नहीं है,लेकिन विचारधारा को निष्काषन बहाली का पैमाना बनाना आखिर कहां तक जायज है?एस एफ आई के सात छात्र पिछले पांच सालों से निष्कासित है ।एस एफ आई ने मांग की है कि इन छात्रों का निष्काषन भी जल्द से जल्द बहाल किया जाए।

Corruption at its peak at hpu campus 3

एस एफ आई ने कहा कि कैंपस में विभिन्न विभागों के प्राध्यापक संघ संबंधित छात्र संगठन के पदाधिकारियों में शामिल है।कैंपस में बिना किसी डर के प्राध्यापक छात्र राजनीति में सरेआम हिस्सा ले रहे है। एस एफ आई मांग की है कि ऐसे प्राध्यापको पर कड़ी कार्रवाई की जाए।कैंपस को धांधलियों का गढ़ बनाने वाले अधिकारियों पर भी एस एफ आई ने करवाई की मांग की है क्योंकि इन लोगो की वजह से शैक्षणिक स्तर में भारी गिरावट आई है ,तथा विश्विद्यालय की छवि भी धूमिल हो रही है।विश्वविद्यालय में छात्रावासो का आभाव है। प्रशासन सभी छात्रों को हॉस्टल सुविधा देने में नाकाम है।

एस एफ आई नए हॉस्टलों के निर्माण की मांग की है तथा वर्तमान में गर्ल्स होस्टल में बन्द हुई इंटर हॉस्टल आउटिंग ,तथा ब्वॉयज हॉस्टल के छात्रों को रात के समय लाइब्रेरी ना देने वाले निर्णय को जल्द वापिस लेने की मांग की है।कैंपस अध्यक्ष विक्रम ठाकुर ने कहा कि लंबे समय से इन्हीं मांगो को प्रमुखता से प्रशासन के समक्ष उठाया था।लेकिन फिर भी अभी तक प्रशासन ने कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की।बल्कि आवाज़ उठाने वाले छात्रों को प्रताड़ित करने में ही ध्यान दिया। एस एफ आई ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से उम्मीद करते है कि इन मांगो पर जल्द से जल्द छात्र हितेषी पहल को अंजाम दिया जाएगा । छात्रों ने चेतावनी कि यदि ऐसा नहीं होता तो एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के अंदर आंदोलन को खड़ा करेगी

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ऐबीवीपी की मुख्यमंत्री से विश्वविद्यालय में जल्द भर्तीयां करने और बजट बढ़ा कर 200 करोड़ करने की मांग

ABVP Demands from CM Jairam Thakur

शिमला-आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने मुख्यमंत्री मंत्री को विश्वविद्यालय की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा ।आज विश्वविद्यालय अपना 50 वां स्थापना दिवस मना रहा है इसी मौके पर मुख्यमंत्री आज मुख्य अतिथि के रूप मरण शिरकत कर रहे थे ।

इकाई सचिव अंकित चन्देल ने बताया कि आज विश्वविद्यालय के सामने सवसे बड़ी चुनौती है कर्मचारियों की कमी व बजट का न होना जिस पर बाद में अपने भाषण में उन्होंने 15 करोड़ की बढ़ोतरी की बात भी की। ऐबीवीपी ने मांग की कि जल्द से जल्द विश्वविद्यालय में भर्तीयां की जानी चाहिए ।

  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा अन्य मुख्य मांगे इस प्रकार हैं:
  •  विश्वविद्यालय का बजट बढ़ा कर 200 करोड़ किया जाए ।
  •  विश्वविद्यालय में पर्किंग का निर्माण जल्द से जल्द किया जाए ।
  •  घनाहट्टी में विश्वविद्यालय को मिली जमीन पर जल्द से जल्द फारेस्ट क्लीयरेंस की जाए ।
  •  जल्द से जल्द शिक्षक गैर शिक्षक के खाली पड़े पदों को भरा जाए ।
  •  28A को खत्म कर विश्वविद्यालय को आर्थिक मामलों में स्वतंत्रता दी जाए ।
  •  नए होस्टल्स का निर्माण व खेल होस्टल का निर्माण किया जाए
  •  SC ST छात्रवृति घोटाले में शामिल सभी अधिकारियों को शीघ्र अतिशीघ्र गिरफ्तार किया जाए ।

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