हिमाचल में संचालित 326 क्रशर मालिकों ने दबाए सरकार के 1 अरब 38 करोड़ 22 लाख रुपये

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कांगड़ा- हिमाचल में संचालित हो रहे 326 क्रशर मालिकों ने सरकार के डेढ़ अरब रुपये दबा रखे हैं। अभी तक इन स्टोन क्रशरों ने कंपाउंडिंग फीस और जुर्माना के रूप में इनती धनराशि की सरकार को अदायगी नहीं की है। अदायगी सरकार ने क्रशर मालिकों को नोटिस भेजे थे। इनके जवाब सरकार को मिल गए हैं। इनका अभी परीक्षण किया जाना है।

वहीं, कई क्रशर मालिकों ने शपथ पत्र देकर लंबित धनराशि को शीघ्र जमा करवाने की बात कही है। प्रदेश में स्टोन क्रशरों से उत्पादित की जाने वाली रैत और बजरी के मूल्य निर्धारण का कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है। धर्मपुर के विधायक महेंद्र सिंह और सरकाघाट के विधाक इंद्र सिंह के सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि 2013-14 में प्रदेश के किसी भी स्टोन क्रशर से कंपाउंडिंग शुल्क वसूलना शेष नहीं है।

लेकिन, कोर्ट के आदेशानुसार स्टोन क्रशरों पर करीब एक अरब 42 करोड़ 54 लाख 47 हजार 502 रुपये कंपाउंडिंग फीस और जुर्माना लगाया गया था। इसमें से चार करोड़ 31 लाख 82 हजार 979 रुपये क्रशर मालिकों ने जमा करवा दिए हैं, जबकि करीब एक अरब 38 करोड़ 22 लाख 64 हजार 523 रुपये अभी नहीं जमा करवाए हैं।

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