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माननीय कुलपति जी का नया चमत्कार: रूसा के प्रथम सत्र के परीक्षा परिणाम में 98 % विद्यार्थी फेल

HP University RUSA Result

रूसा प्रणाली को लागू किये हुए चौथा सत्र शुरू हो चुका है लेकिन प्रशासन न तो अभी तक इसका ठीक से सिलेब्स तैयार कर पाया है व न ही परीक्षा प्रणाली व मूल्यांकन प्रणाली को मूर्त रूप दे पाया है जो कि प्रदेश में शिक्षा ग्रहण कर रहे लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

शिमला- प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा घोषित प्रथम सत्र के परीक्षा परिणाम में की गयी खामियों की कड़ी निंदा करते हुए
भारत की जनवादी नौजवान सभा ने कहा कि कि विश्वविद्यालय द्वारा घोषित परिणाम में 98 प्रतिशत से अधिक छात्रों का फेल होने का सीधा अर्थ है कि विवि के स्तर पर कई कमियां हैं।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहला अवसर है जब 98 प्रतिशत से अधिक परीक्षार्थी फेल हुए हैं। सभा ने कहा डीवाईएफआई पहले से प्रदेश में रूसा प्रणाली को छात्र विरोधी करार देती रही है क्योंकि वि0वि0 प्रशासन ने बिना किसी पूर्व तैयारी के रूसा प्रणाली को लागू किया है। अत: वि0वि0 प्रशासन तीन वर्षों तक रूसा प्रणाली को लेकर खुद अपने मुहं मनघडंत वाहवाही लेते रहे।

सभा ने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया वीरभद्र सिंह व प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति एडीएन वाजपेयी से आग्रह करती है कि इस परीक्षा परिणाम का सेहरा भी अपने सिर पर बांधें व गलत परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए प्रदेश की आम जनता व छात्र समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

सभा का यह भी कहना है कि जब से प्रदेश विश्वविद्यालय में एडीएन वाजपेयी ने कुलपति का कार्यभार संभाला है तबसे वि0वि0 का स्तर दिन प्रति दिन गिरता जा रहा है। कार्यभार सँभालते वक्त वीसी वाजपेयी ने 25 दिनों में परीक्षा परिणाम घोषित करने का दावा किया था और यही दावा रूसा प्रणाली लागु करते वक्त भी किया गया था लेकिन अब हकीकत यह है कि एक परिणाम घोषित करने को वि0वि0 प्रशासन 9 से 12 महीने लगा रहा है।

सभा के अनुसार वीसी वाजपेयी का वि0वि0 में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का वास्तव में कोई इरादा नहीं है बल्कि वह विश्वविद्यालय में कुलपति के पद पर रहकर मात्र अपने राजनैतिक हित साध रहे हैं। सभा ने यह भी आरोप लगाया कि आज रूसा प्रणाली को लागू किये हुए चौथा सत्र शुरू हो चुका है लेकिन प्रशासन न तो अभी तक इसका ठीक से सिलेब्स तैयार कर पाया है व न ही परीक्षा प्रणाली व मूल्यांकन प्रणाली को मूर्त रूप दे पाया है जो कि प्रदेश में शिक्षा ग्रहण कर रहे लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

सभा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि हाल में घोषित कि गए परीक्षा परिणाम का पुनः मूल्यांकन किया जाये और पिछले तीन चार वर्षों से बार बार परीक्षा परिणाम में रह रही खामियों की न्यायिक जांच की जाए।

Photo: The Tribune

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

Apple proccurement support price in Himachal PRadesh

शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

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ऐबीवीपी ने यूजी परीक्षा परिणाम मे हो रही देरी और अनियमिताओं को लेकर किया कुलसचिव का घेराव

ABVP Protest

शिमला-वीरवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने यूजी (UG ) के परीक्षा परिणाम मे हो रही देरी और अनियमिताओं को लेकर कुलसचिव का घेराव किया व उनके आफिस के बाहर धरना-प्रदर्शन किया!

ABVP protest for ug results

विद्यार्थी परिषद ने निम्न मांगो को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को कल शाम तक का समय दिया था:

  • यूजी 6th सेमेस्टर का पूरा परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए! छात्रों के परीक्षा परिणामों में आ रही डबल स्टार की दिक्कत को शीघ्र ठीक किया जाए!
  • यूजी 2nd और 4th सेमेस्टर का री-आप्पीयर (Re-appear ) परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित किया जाए!
  •  एचपीयू काउंसलिंग में अपीयर छात्रों को अपने रिजल्ट ठीक कराने की तिथि को 20 जुलाई तक किया जाए!
  •  एचपीयू के अलावा दूसरे विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों को कॉन्फिडेंशियल रिजल्ट दिया जाए ताकि वह छात्र दूसरे विश्वविद्यालय में ऐडमिशन ले सकें!
  •  यूजी 3rd सेमेस्टर गणित के रिजल्ट को फिर से ईवैलुएट किया जाए!

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की नाकामियों के कारण हिमाचल के हजारों छात्र हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने से वंचित रह रहे है! विद्यार्थी परिषद ने कहा है कि अगर इन सभी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो विद्यार्थी पर अपना आंदोलन विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ और तेज करेगी!

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