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सड़क में लग रही करसोग प्राइमरी पाठशाला, न अपना भवन, न टॉयलेट, न स्थायी शिक्षक, बारिश से बचने के लिए सिर्फ टीन का शेड

शिमला- विधायकों के वेतन और भत्तों पर पैसा लुटाने वाली सरकार के पास स्कूलों के लिए फंड नहीं है। उपमंडल करसोग की राजकीय प्राइमरी पाठशाला कमेहरी टीन के शेड में चल रही है। बच्चों की क्लास सड़क पर लग रही है। नौनिहालों का भविष्य डेपुटेशन पर तैनात एकमात्र शिक्षक के सहारे है जो प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता के दावों की पोल खोल रही है।

प्राइमरी स्कूल कमेहरी 28 जून 2012 को शुरू हुआ। इस स्कूल की पांच कक्षाएं किराये के कमरों में चल रही थीं लेकिन बाद में वहां से स्कूल को हटा दिया गया। स्कूल की पांच कक्षाएं अब सड़क पर लगाई जा रही हैं। बारिश से बचने के लिए टीन का शेड बनाया गया है। स्कूल में मौजूदा समय में 42 बच्चे हैं।

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आवाज संस्था के अध्यक्ष, एसएमसी अध्यक्ष व अन्यों ने कहा कि कमेहरी प्राइमरी स्कूल का न तो अपना भवन है और न ही टॉयलेट है। स्कूल में स्थायी रूप से कोई शिक्षक तैनात नहीं है।

विधायक मनसा राम ने कहा कि स्कूल भवन का निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा।

डेपुटेशन अध्यापक के सहारे स्कूल चल रहा है। टीन शेड में स्कूल चल रहा है। पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। एसएमसी प्रधान व अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग को चेताया कि अगर स्कूल भवन का कार्य शुरू नहीं हुआ तो लामबंद होकर धरना-प्रदर्शन के साथ सड़क पर उतरने को विवश हो जाएंगे।

प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक केडी शर्मा का कहना है कि मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। स्थानीय लोगों ने जमीन दे दी है। स्कूल भवन निर्माण के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है।

करसोग के विधायक एवं सीपीएस मनसा राम ने कहा कि गरीब बच्चों को घर-द्वार शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्कूल खोला गया है। जल्द ही स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। स्कूल भवन का निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा।

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

Apple proccurement support price in Himachal PRadesh

शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

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ऐबीवीपी ने यूजी परीक्षा परिणाम मे हो रही देरी और अनियमिताओं को लेकर किया कुलसचिव का घेराव

ABVP Protest

शिमला-वीरवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने यूजी (UG ) के परीक्षा परिणाम मे हो रही देरी और अनियमिताओं को लेकर कुलसचिव का घेराव किया व उनके आफिस के बाहर धरना-प्रदर्शन किया!

ABVP protest for ug results

विद्यार्थी परिषद ने निम्न मांगो को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को कल शाम तक का समय दिया था:

  • यूजी 6th सेमेस्टर का पूरा परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए! छात्रों के परीक्षा परिणामों में आ रही डबल स्टार की दिक्कत को शीघ्र ठीक किया जाए!
  • यूजी 2nd और 4th सेमेस्टर का री-आप्पीयर (Re-appear ) परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित किया जाए!
  •  एचपीयू काउंसलिंग में अपीयर छात्रों को अपने रिजल्ट ठीक कराने की तिथि को 20 जुलाई तक किया जाए!
  •  एचपीयू के अलावा दूसरे विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों को कॉन्फिडेंशियल रिजल्ट दिया जाए ताकि वह छात्र दूसरे विश्वविद्यालय में ऐडमिशन ले सकें!
  •  यूजी 3rd सेमेस्टर गणित के रिजल्ट को फिर से ईवैलुएट किया जाए!

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की नाकामियों के कारण हिमाचल के हजारों छात्र हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने से वंचित रह रहे है! विद्यार्थी परिषद ने कहा है कि अगर इन सभी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो विद्यार्थी पर अपना आंदोलन विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ और तेज करेगी!

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