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खाली पेट ही खिला दी कीड़े मारने की दवाई, 47 बच्चों की तबीयत बिगड़ी ,6 की हालत गम्भीर,सरकार के अभियान पर उठे सवाल

HP Govt school Students

बच्चें को पेट दर्द, सिर चकराने और उल्टी की शिकायत होने लगी, 108 एंबुलेंस द्वारा बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंडी पहुंचाया गया, सिरमौर जिला के सराहां के कोटला बडोग उच्च पाठशाला में दवा खिलाने के बाद ऐसे मामले आए, बच्चों ने उल्टियां और पेट दर्द होने की शिकायत की

शिमला- राष्ट्रीय कृमि दिवस पर बुधवार को प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को पिलाई गई पेट के कीड़े मारने की एलबेंडाजोल दवा की खुराक से 47 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सोलन, सिरमौर और रामपुर के स्कूलों में दवा खाने के बाद रियेक्शन होने का मामला सामने आया।

बच्चों ने उल्टियां और पेट दर्द होने की शिकायत की। प्रदेश भर में स्कूलों में 19 वर्ष आयु तक के बच्चों को खुराक दी गई। जिला सोलन के बनलगी प्राथमिक स्कूल के 17 बच्चों को पेट के कीड़े मारने की एलबेंडाजोल दवा की खुराक रिएक्शन कर गई।

बच्चें को पेट दर्द, सिर चकराने और उल्टी की शिकायत होने लगी। 108 एंबुलेंस द्वारा बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंडी पहुंचाया गया। चिकित्सक डा. इंद्र ठाकुर ने बताया कि केंद्र में 17 बच्चों को उपचार के लिए लाया गया। इनमें छह की हालत को गंभीर देखते हुए आधा घंटा आब्जरवेशन में रखा गया। इसके बाद सेहत में सुधार देखते हुए उन्हें छुटटी दे दी गई।

उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा खाली पेट दवा खाने से शरीर पर यह प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। स्कूल में पेश आए इस हादसे के बाद सरकार के इस अभियान पर कई सवाल उठ रहे हैं। कृष्णगढ पंचायत के प्रधान रामनाथ वशिष्ठ व उप प्रधान पवन शर्मा ने बताया कि स्कूली बच्चों की सेहत के साथ इस प्रकार का लापरवाह पूर्ण रवैया विभागों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है

इन स्कूलों में भी बिगड़ी बच्चों की तबीयत

सिरमौर जिला के सराहां के कोटला बडोग उच्च पाठशाला में दवा खिलाने के बाद ऐसे मामले आए। स्कूल में सुबह सवा 10 बजे ऐलबेंडाजोल दवा खाने के बाद करीब 22 स्कूली बच्चों को खारिश, उल्टियां, आंखों में जलन व पेटदर्द शुरू हो गया। सभी बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया गया।

19 बच्चों को उपचार के बाद आराम मिला। केवल तीन लड़कियों शालिनी, पूजा शर्मा व सुनाक्षी को राजगढ़ अस्पताल भेजा गया। राजगढ़ के डीएवी स्कूल की अध्यापिका उपासना ने बताया कि स्कूल की छात्रा विशाखा, कार्तिक व निश्चय राज की तबीयत बिगड़ी।

पांवटा ब्लॉक के तारुवाला प्राथमिक स्कूल में 2 बच्चों को दवा खाने के बाद रियेक्शन हुआ। उधर, रामपुर उपमंडल के तहत आने वाले प्राथमिक स्कूल दत्तनगर में भी दवा खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी। दवाई खाने के बाद तीन बच्चों को उल्टियां लग गई।

कभी भी दे सकते हैं यह दवा

पेट के कीड़े मारने की दवा बच्चों को कभी भी दी जा सकती है। हालांकि किसी को गैस की समस्या हो सकती है। तब ही ऐसा होता है।
डा. प्रवीण भारद्वाज, शिशु रोग विशेषज्ञ, आईजीएमसी

स्वास्थ्य अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट

बच्चों की तबीयत बिगड़ने को लेकर स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। जिन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उनकी तबीयत बिगड़ सकती है। रिपोर्ट आने पर पूरी जानकारी दे सकेंगे।-डा. डीएस गुरुंग, स्वास्थ्य निदेशक

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

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ऐबीवीपी ने यूजी परीक्षा परिणाम मे हो रही देरी और अनियमिताओं को लेकर किया कुलसचिव का घेराव

ABVP Protest

शिमला-वीरवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने यूजी (UG ) के परीक्षा परिणाम मे हो रही देरी और अनियमिताओं को लेकर कुलसचिव का घेराव किया व उनके आफिस के बाहर धरना-प्रदर्शन किया!

ABVP protest for ug results

विद्यार्थी परिषद ने निम्न मांगो को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को कल शाम तक का समय दिया था:

  • यूजी 6th सेमेस्टर का पूरा परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए! छात्रों के परीक्षा परिणामों में आ रही डबल स्टार की दिक्कत को शीघ्र ठीक किया जाए!
  • यूजी 2nd और 4th सेमेस्टर का री-आप्पीयर (Re-appear ) परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित किया जाए!
  •  एचपीयू काउंसलिंग में अपीयर छात्रों को अपने रिजल्ट ठीक कराने की तिथि को 20 जुलाई तक किया जाए!
  •  एचपीयू के अलावा दूसरे विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों को कॉन्फिडेंशियल रिजल्ट दिया जाए ताकि वह छात्र दूसरे विश्वविद्यालय में ऐडमिशन ले सकें!
  •  यूजी 3rd सेमेस्टर गणित के रिजल्ट को फिर से ईवैलुएट किया जाए!

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की नाकामियों के कारण हिमाचल के हजारों छात्र हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने से वंचित रह रहे है! विद्यार्थी परिषद ने कहा है कि अगर इन सभी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो विद्यार्थी पर अपना आंदोलन विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ और तेज करेगी!

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