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हिमाचल को मिली 50 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की स्वीकृति,पर रोहतांग सीएनजी बसें चलाना बना गले की फांस

शिमला- प्रदेश में जल्द इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। केंद्र ने 50 बसें खरीदने की स्वीकृति दी है। ये बसें 90:10 के अनुपात से खरीदी जाएंगी। 90 फीसदी शेयर केंद्र, दस फीसदी राशि प्रदेश सरकार का होगा।

निगम ने 25 और इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। केंद्र ने 75: 25 के अनुपात से राशि उपलब्ध करवाने की बात कही है, लेकिन प्रदेश सरकार 90:10 के अनुपात से राशि उपलब्ध करवाने की मांग कर रही है।

पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता में परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि देश भर में हिमाचल इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने वाला पहला पर्वतीय राज्य होगा। एचआरटीसी के बेड़े में जल्द 300 नई बसें जुड़ेंगी। शुक्रवार को परचेजिंग कमेटी की बैठक बुलाई है।

निगम ने जनवरी माह में जीरो वैल्यू की 188 बसों को रोड ऑफ किया है। इनसे निगम को 3 करोड़ 40 लाख की राशि मिली है। मंत्री ने बताया कि नई बसों की खरीद के साथ 200 बसों को रोड ऑफ किया जाएगा। ऐसा होने से निगम के पास जीरो वैल्यू की 173 बसें शेष रहेंगी।

मंत्री ने कहा कि वोल्वो बसों के चालकों-परिचालकों की वर्दी लाइट ब्लू और ग्रे कलर की होगी। निगम ने 15 नई वोल्वो बसें खरीदने का निर्णय लिया है। जल्द औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। वोल्वो बसों में सौम्य स्वभाव के चालक तैनात किए जाएंगे।

हरिद्वार में एक जून से होने वाले अर्धकुंभ के लिए निगम विशेष बसें चलाएगा। लोगों को एडवांस बुकिंग की सुविधा भी दी जाएगी। 25 व्यक्तियों के समूह की मांग पर बस उपलब्ध करवाई जाएगी।

यात्रियों की मांग पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। बसों में एक पुलिस कर्मी और एक गाइड तैनात किया जाएगा। यात्रियों के खाने-पीने, पूजा और रहने की व्यवस्था की जाएगी।

पहले प्लांट लगाएं, फिर चलाएंगे सीएनजी बसें-

रोहतांग के लिए सीएनजी बसें चलाना सरकार के लिए गले की फांस बन गई है। ट्रायल पर लाखों खर्च करने के बाद अब सरकार पहले सीएनजी प्लांट लगाने की बात कर रही है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने दो टूक कहा कि पहले रोहतांग के लिए सीएनजी प्लांट की व्यवस्था हो जाए, बसें चलाने में निगम देरी नहीं करेगा।

एनजीटी के आदेशानुसार सरकार ने रोहतांग के लिए दो बार सीएनजी बसों का ट्रायल किया। इसमें लाखों रुपये खर्च करने के बाद अब सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक रोहतांग के लिए 20 सीएनजी बसें चलाई जानी थीं। बाकायदा, निगम ने इसके लिए टेंडर भी आमंत्रित कर दिए थे। अब सरकार बसें लाने से पहले गैस उपलब्ध करवाने की बात कर रही है।

सरकार टाहलीवाल और मनाली में सीएनजी का प्लांट लगाने की बात कर रही है, लेकिन यह योजना अभी ठंडे बस्ते में है। कैसे मनाली तक सीएनजी पहुंचेगी, इस पर सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। रोहतांग के लिए सीएनजी ही नहीं, बल्कि बसों की मरम्मत के लिए वर्कशॉप भी बड़ी चुनौती रहेगी।

सरकार भले ही टाहलीवाल और मनाली में गैस प्लांट लगाने की बात करती रही हो, लेकिन अगर बस खराब हो जाती है तो उसे ठीक करने के लिए वर्कशॉप, उपकरण और मेकेनिक का होना आवश्यक होगा। ऐसे में बसें चंडीगढ़ या दिल्ली रिपेयर के लिए भेजनी पड़ेंगी।

परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि रोहतांग के लिए सीएनजी बसें चलाने से पहले सीएनजी की आवश्यकता है। पहले गैस के लिए प्लांट लगाए जाएं, सरकार बसें लेने में देरी नहीं करेगी।

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

Apple proccurement support price in Himachal PRadesh

शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

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नौणी विवि के स्व-रोजगार व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स के लिए 8 अगस्त से पहले करें आवदेन

Vocational Training Course on Horticulture Management 2019 e

सोलन-डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2019-20 सत्र के लिए अपने एक वर्ष के
औदयानिकी प्रबंधन प्रशिक्षण कोर्स (स्व-रोजगार) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य
कृषक परिवार से संबंध रखने वाले युवाओं को फलों,सब्जियों और मशरूम के उत्पादन और मधुमक्खी पालन में
स्वरोजगार बनाने के लिए प्रशिक्षित करना है।

यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 11 सितंबर से विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण स्टेशनों और
कृषि विज्ञान केंद्र में चलाया जाएगा। विश्वविद्यालय के सात स्टेशनों में इस प्रशिक्षण कोर्स की कुल 130 सीटें
होगी। जाछ (कांगड़ा), बाजौरा(कुल्लू), शारबो (किन्नौर), मशोबरा (शिमला) में स्थित विश्वविद्यालय के
क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्रों और औदयानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, नेरी (हमीरपुर) में
20-20 सीटें होगी। सिरमौर के धौलाकुआं में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र और चंबा के कृषि
विज्ञान केंद्र में इस प्रशिक्षण कोर्स की 15-15 सीटें होगी।

इस कार्यक्रम के लिए उम्मीदवार ने कम से कम दसवीं या समकक्ष स्तर की परीक्षा उतिर्ण की हो, 17 से 30 वर्ष
की आयु का हो और कृषक परिवार से संबंध रखता हो। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र साधारण कागज पर
संबंधित स्टेशनों के सह निदेशकय या कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी के कार्यालय में 8 अगस्त या उससे पहले तक जमा
कर सकते हैं।

साक्षात्कार 19 अगस्त को केंद्र सह निदेशक/ प्रभारी के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। सभी
उम्मीदवारों को यह घोषणा पत्र भी देना होगा कि वे इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएगें। साक्षात्कार के समय
उम्मीदवारों को अपने समस्त प्रमाण पत्र तथा उसकी एक-एक प्रतिलिपि साथ लानी होगी। प्रशिक्षण के दौरान कोई
भता देय नहीं होगा।

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