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कोंग्रेस नेताओं ने किया धारा 144 का उलंघन, मूकदर्शक बनी रही शिमला पुलिस

Shimla protest

कांग्रेस ने रिज मैदान पर धरना देने के लिए जिला प्रशासन की अनुमती माँगी थी लेकिन कोंग्रेस को जिला प्रशासन से धरना देने की अनुमति नही दी गई! बावजूद इसके कोंग्रेस ने रिज मैदान पर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदशन किया!

शिमला- शिमला में कोंग्रेस के बड़े नेताओं द्वारा शरेआम कानून का उलघन कर रिज मैदान पर प्रदर्शन किया! अनुमति न होने के बाद भी कोंग्रेस नेताओं ने रिज मैदान पर मौन प्रदर्शन कर शरेआम नियमो की धज्जिया उठाई!

शिमला के माल रोड और रिज मैदान पर जिला प्रशासन द्वारा धारा 144 लागू की गयी है! इसके तहत इन जगहों पर कोई भी राजनैतिक जलूस या धरना नहीं दे सकता! बाबजूद इसके कांग्रेस ने नेशनल हराल्ड मामले क लेकर वीरभद्र सरकार के कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों समेत पद्दाधिकारियों ने पार्टी अध्यक्ष ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुखु की अगुवाई में पहले मामल रोड पर जलूस निकाला और बाद में रिज मैदान पर धरना दिया! ये सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ! जहा पुलिस मूकदर्शक बन कर तमाशा देखती रही!

कोंग्रेस के कार्यकर्त्ता करीब एक घंटे तक रिज मैदान पर धरने पर डटें रहे है! लेकिन पुलिस ने कोंग्रेस कार्यकर्ताओं को धरने से हटाने के लिए कोई भी कारवाही नही की! हालांकी इस दौरान शिमला पुलिस ने बार बार लाउड स्पीकर के जरिए धरने पर बैठे कांग्रेसी नेताओं को धरना खत्म करने के लिए आगाह किया बाबजूद इसके कांग्रेस के नेता रिज मैदान पर मुह पर काली पट्टी बांधे डेट रहे!. कांग्रेस ने रिज मैदान पर धरना देने के लिए जिला प्रशासन की अनुमती माँगी थी लेकिन कोंग्रेस को जिला प्रशासन से धरना देने की अनुमति नही दी गई! बावजूद इसके कोंग्रेस ने रिज मैदान पर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदशन किया!

शिमला में प्रदर्शन के दौरान पुतला फूंकते समय आग की चपेट में आए कांग्रेस कार्यकर्ता (Video)

कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुखु ने धारा 144 तोड़ने के सवाल पर कहा कि पार्टी ने जिला प्रशासन से इस बाबत अनुमती ली थी जिसके बाद कांग्रेस ने अपनी तय रणनीती के तहत ही रिज पर धरना दिया है! उनोहने कहा पार्टी द्वारा मौन रूप से धरना प्रदर्शन किया है!

पुलिस कर रही मामला दर्ज करने की बात

इसे देखते हुए पुलिस ने धारा 144 का उलंघन करने के लिए कांग्रेस के आला नेताओं पर मामला दर्ज करने की बात कर रही है ! पुलिस ने आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज करने की बात कही है! अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक , शिमला भजन नेगी ने कहा की कोंग्रेस द्वारा धारा 144 का उलंघन किया है जिसके खिलाफ कारवाही की जाएगी! पुलिस विडियो फुटेज देखेगी जिसके बाद कोंग्रेस के बड़े नेताओं के के खिलाफ कारवाही करेगे!


रिज मोल रोड पर लागु है धारा 144

शिमला के रिज मैदान और मोल रोड पर धारा 144 लागू है जहा पर किसी भी प्रकार का प्रदर्शन की अनुमति नही दी जा सख्ती है और अगर कोई प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ कारवाही की जाती है ! लेकिन शनिवार को कोंग्रेस कार्यकर्त्ता एक घंटे तक मौन प्रदर्शन करते रहे ! जिनके खिलाफ पुलिस ने कोई भी कारवाही नही की !

क्या है आईपीसी की धारा 188

आईपीसी की धारा 188 के तहत ऐसे अपराधिक मामले दर्ज किए जाते हैं, जिसमें निर्धारित शक्ति प्राप्त लोकसेवक द्वारा किए गए आदेश की अवहेलना करना रहता है। जो कोई भी आदेशों को जानते हुए भी उनकी अवहेलना करता है और बाधा और अवरोध दर्ज करता है। उसके खिलाफ सामान्य स्थिति में 1 मास का कारावास या फिर 200 रुपए जुर्माना या फिर दोनों की कार्यवाहियां होती हैं। यदि इस स्थिति में अवहेलना करने वाले किसी की जान को खतरे में डालते हैं तो उनके खिलाफ 6 माह की कैद तथा जुर्माना या फिर दोनो कार्यवाहियां होती हैं। इसके अलावा कि इस धारा के तहत आरोपियों को मौके से बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है तथा कोर्ट मैजिस्ट्रेट से ही जमानत मिल पाती है।

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

Apple proccurement support price in Himachal PRadesh

शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

HP-SAT-abolition-reasons

शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

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नौणी विवि के स्व-रोजगार व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स के लिए 8 अगस्त से पहले करें आवदेन

Vocational Training Course on Horticulture Management 2019 e

सोलन-डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2019-20 सत्र के लिए अपने एक वर्ष के
औदयानिकी प्रबंधन प्रशिक्षण कोर्स (स्व-रोजगार) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य
कृषक परिवार से संबंध रखने वाले युवाओं को फलों,सब्जियों और मशरूम के उत्पादन और मधुमक्खी पालन में
स्वरोजगार बनाने के लिए प्रशिक्षित करना है।

यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 11 सितंबर से विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण स्टेशनों और
कृषि विज्ञान केंद्र में चलाया जाएगा। विश्वविद्यालय के सात स्टेशनों में इस प्रशिक्षण कोर्स की कुल 130 सीटें
होगी। जाछ (कांगड़ा), बाजौरा(कुल्लू), शारबो (किन्नौर), मशोबरा (शिमला) में स्थित विश्वविद्यालय के
क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्रों और औदयानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, नेरी (हमीरपुर) में
20-20 सीटें होगी। सिरमौर के धौलाकुआं में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र और चंबा के कृषि
विज्ञान केंद्र में इस प्रशिक्षण कोर्स की 15-15 सीटें होगी।

इस कार्यक्रम के लिए उम्मीदवार ने कम से कम दसवीं या समकक्ष स्तर की परीक्षा उतिर्ण की हो, 17 से 30 वर्ष
की आयु का हो और कृषक परिवार से संबंध रखता हो। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र साधारण कागज पर
संबंधित स्टेशनों के सह निदेशकय या कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी के कार्यालय में 8 अगस्त या उससे पहले तक जमा
कर सकते हैं।

साक्षात्कार 19 अगस्त को केंद्र सह निदेशक/ प्रभारी के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। सभी
उम्मीदवारों को यह घोषणा पत्र भी देना होगा कि वे इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएगें। साक्षात्कार के समय
उम्मीदवारों को अपने समस्त प्रमाण पत्र तथा उसकी एक-एक प्रतिलिपि साथ लानी होगी। प्रशिक्षण के दौरान कोई
भता देय नहीं होगा।

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