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तार के सहारे सड़क सुरक्षा — रेलिंग टूटने से व्यक्ति घायल

Nr.RTO Office (1)

Nr.RTO Office (3)

तार के सहारे टिकी है सड़क किनारे की रेलिंग —
क्विंटल वजन की गार्डर रेलिंग –एक तार के सहारे
सड़क सुरक्षा एक रेलिंग नहीं –तार के सहारे
रेलिंग गिरने से एक राहगीर को लगी चोट —
आर.टी.ओ आफिस शिमला के पास टंगी है रेलिंग

शनिवार दोपहर आर.टी.ओ आफिस के साथ डोगरालॉज की ओर लगी सड़क किनारे की रेलिंग अचानक एक व्यक्ति के ऊपर गिर जाने से राहगीर पैदल रास्ते पर गिर गया और उसके सिर पर गहरी चोट आ गई ! यह कहना है विकास समिति टूटू अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता का ! समिति अध्यक्ष ने कहा की वह भी किसी निजी कार्य से डोगरालॉज से परिवहन भवन की ओर पैदल जा रहे थे तो कुछ लोगों को एक व्यक्ति की मदद करते हुए उन्होंने पूछा की क्या हुआ ! गुप्ता ने कहा की उन्हें एक मददगार ने बताया की उक्त घायल व्यक्ति ने सड़क किनारे लगी रेलिंग का सहारा जैसे ही पैदल रास्ते से सड़क पर आने के लिए लिया वह पैदल रास्ते पर रेलिंग सहित गिर गया और इनके सिर पर गहरी अंदरूनी चोट आई है तथा अब पहले से बेहतर हैं !

Nr.RTO Office (2)

नागेन्द्र गुप्ता ने कहा की जब मौके पर रेलिंग टूटने का कारण जांचा गया तो वह लोक निर्माण विभाग की लापरवाही को कोसने के बिना न रह पाये ! उन्होंने कहा की उन्होंने पाया की अधिकतर सड़क किनारे की लोहे की रेलिंग नट-बोल्टों की जगह मात्र लोहे की तारों से बांधी गयी है ! गुप्ता ने कहा की यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है की क्विंटल तक के वजन की चैनल -गार्डर रेलिंग भी लोक निर्माण विभाग ने एक हल्की सी तार से टांग रखी है जो यदि किसी की टांग पर गिर जाए तो टांग ही टूट जाएगी ! उन्होंने कहा की रेलिंग को नट -बोल्ट या वैल्डिंग से जोड़ा जाना चाहिए ताकि कोेई शरारती तत्व भी रेलिंग का लोहा चोरी करके न ले जाये !

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समिति अध्यक्ष ने कहा की या तो पी.डब्ल्यू.डी.विभाग के फील्ड इंजीनियर समय-समय पर अपने कार्य क्षेत्र का दौरा नहीं करते या कार्यों में कोताही बरतते हैं जिस कारण अभी भी राजधानी की अधिकतर सड़कों की रेलिंगे अभी तक कई सालों से लटकी पडी हैं और अधिकत्तर ब्लैक स्पॉट भी अभी तक ठीक नहीं किये गए हैं !

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समिति अध्यक्ष ने कहा की बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण विषय है की अभी भी शिमला के फील्ड इंजीनियर खलीनी क्षेत्र या नए स्थानो पर जो पैदलपथों का निर्माण कर रहे हैं वहां पर पाईप-रेलिंग का ही प्रावधान लिया जा रहा है जो की सुरक्षा के दृष्टिगत उचित नहीं है जबकि पुरानी पाईप रेलिंग को जगह -जगह अब जाली लगा कर सुरक्षित और दरुस्त किया जा रहा है !

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उन्होने जनहित में प्रदेश के मुख्यमंत्री जिनके पास लोक निर्माण मंत्रालय का कार्यभार भी है उनसे गुहार लगाई है की शिमला शहर के फील्ड इंजीनियरों को जल्द शिमला के पैदल मार्ग व् सड़क किनारे की रेलिंग ठीक करने के निर्देश दिए जाएँ ताकि भविष्य में कोई अप्रिय दुर्घटना न घट सके !
नागेन्द्र गुप्ता

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

Apple proccurement support price in Himachal PRadesh

शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

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नौणी विवि के स्व-रोजगार व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स के लिए 8 अगस्त से पहले करें आवदेन

Vocational Training Course on Horticulture Management 2019 e

सोलन-डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2019-20 सत्र के लिए अपने एक वर्ष के
औदयानिकी प्रबंधन प्रशिक्षण कोर्स (स्व-रोजगार) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य
कृषक परिवार से संबंध रखने वाले युवाओं को फलों,सब्जियों और मशरूम के उत्पादन और मधुमक्खी पालन में
स्वरोजगार बनाने के लिए प्रशिक्षित करना है।

यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 11 सितंबर से विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण स्टेशनों और
कृषि विज्ञान केंद्र में चलाया जाएगा। विश्वविद्यालय के सात स्टेशनों में इस प्रशिक्षण कोर्स की कुल 130 सीटें
होगी। जाछ (कांगड़ा), बाजौरा(कुल्लू), शारबो (किन्नौर), मशोबरा (शिमला) में स्थित विश्वविद्यालय के
क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्रों और औदयानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, नेरी (हमीरपुर) में
20-20 सीटें होगी। सिरमौर के धौलाकुआं में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र और चंबा के कृषि
विज्ञान केंद्र में इस प्रशिक्षण कोर्स की 15-15 सीटें होगी।

इस कार्यक्रम के लिए उम्मीदवार ने कम से कम दसवीं या समकक्ष स्तर की परीक्षा उतिर्ण की हो, 17 से 30 वर्ष
की आयु का हो और कृषक परिवार से संबंध रखता हो। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र साधारण कागज पर
संबंधित स्टेशनों के सह निदेशकय या कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी के कार्यालय में 8 अगस्त या उससे पहले तक जमा
कर सकते हैं।

साक्षात्कार 19 अगस्त को केंद्र सह निदेशक/ प्रभारी के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। सभी
उम्मीदवारों को यह घोषणा पत्र भी देना होगा कि वे इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएगें। साक्षात्कार के समय
उम्मीदवारों को अपने समस्त प्रमाण पत्र तथा उसकी एक-एक प्रतिलिपि साथ लानी होगी। प्रशिक्षण के दौरान कोई
भता देय नहीं होगा।

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