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SP चंद्रशेखर की मौत का कारण – लोक निर्माण विभाग-मौत के कुए अभी भी नंगे

NH-22 Bet PanthaGhati-Mehli

Nr Tutti Kandi HRTC Petrol Pump
ब्लैक स्पॉट्स की सी.डी,बना कर दी है समिति ने – नागेन्द्र गुप्ता

पिछले दिनों पंथाघाटी के पास नैनो कार के दुर्घटनाग्रस्त होने पर पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर शर्मा की मौत पर विकास समिति टूटू ने गहरा दुःख वयक्त किया है तथा परिवार के प्रति गहरी संवेदनाये प्रकट की है ! समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने प्रैस को जारी एक ब्यान में कहा कि यूं तो हम मौत के लिए ईश्वर की माया कह कर मन को शांत कर लेते हैं और परिवार को सांत्वना दे देते हैं परन्तु इसमे उन व्यक्तियों /विभाग के फील्ड इंजीनियरों का दोष सबसे ज्यादा होता है जो जनहित के कार्यों को समय पर पूरा नहीं करते हैं ! यही कारण है कि एस.पी.की कार सड़क किनारे उचित सुरक्षा कवच न होने के कारण सड़क से नीचे चली गयी ! उन्होंने कहा कि यदि इस स्थान पर रेलिंग या पैरापिट होते तो दुर्घटना टल सकती थी !

NH-22 Bet PanthaGhati-Mehli

समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि इस टुट्टीकंडी से ढली बाईपास संख्या -एन एच 22 को बने हुए तकरीबन 20 वर्ष से ज्यादा बीत गए हैं परन्तु अभी भी यह मार्ग पूरी तरह से पैरापिट /रेलिंग के अभाव में चल रहा है जबकि इस मार्ग के अनेकों ब्लैक स्पॉट पिछले 9 -10 वर्षों से तो हमारी समिति
​एन.एच.अथारिटी को व्यक्तिगत तौर से तथा पत्रों के माध्यम से बताती आ रही है ! उन्होंने कहा कि विशेषकर लोक निर्माण विभाग के एन.एच.सोलन /शिमला विंग के इंजीनियरों की लापरवाही ज्यादा होने के कारण अभी तक पिछले कई वर्षों से राजधानी शिमला के आसपास के ब्लैक स्पॉट्स ध्यान में लाने के बावजूद भी ठीक नहीं हुए हैं जिस कारण उन्ही ब्लैक स्पॉट्स पर कई दुर्घटनाये तथा बेमौत लोग मारे गए हैं जिसके लिए विभाग की जिम्मेवारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए !

NH-22 (2)

समिति अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने पूर्व धूमल सरकार से भी मांग की थी कि सड़क दुर्घटना के समय पुलिस विभाग को संबंधित क्षेत्रीय फील्ड इंजीनियरों से जांच -पड़ताल करनी चाहिए तथा दोषी पाये जाने पर उन्हें भी कटघरे में खड़ा करना चाहिए ! उन्होंने कहा कि वह वर्त्तमान वीरभद्र सरकार से भी मांग करते है कि इंजीनियरों की जिम्मेवारी पुलिस जांच में आवश्यक की जाए !

(227)Trsm Centre Barrier

नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि अभी पुलिस विभाग सिर्फ चालक पर तेजगति या लापरवाही से वाहन चलाने का मुकदमा दर्ज कर देती है जबकि सड़क का डिफैक्ट होने पर भी इंजीनीयर की बजाय चालक ही दोषी पाया जाता है !

(227) Nr.Barrier NH-22

गुप्ता ने कहा कि अधिकत्तर मौत के कुएं अभी भी इस मार्ग पर नंगे पड़े हैं जिस पर विभाग आँखे मूंदे बैठा है और किसी बड़ी दुर्घटना का इन्तजार कर रहा है !

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

Apple proccurement support price in Himachal PRadesh

शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

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नौणी विवि के स्व-रोजगार व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स के लिए 8 अगस्त से पहले करें आवदेन

Vocational Training Course on Horticulture Management 2019 e

सोलन-डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2019-20 सत्र के लिए अपने एक वर्ष के
औदयानिकी प्रबंधन प्रशिक्षण कोर्स (स्व-रोजगार) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य
कृषक परिवार से संबंध रखने वाले युवाओं को फलों,सब्जियों और मशरूम के उत्पादन और मधुमक्खी पालन में
स्वरोजगार बनाने के लिए प्रशिक्षित करना है।

यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 11 सितंबर से विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण स्टेशनों और
कृषि विज्ञान केंद्र में चलाया जाएगा। विश्वविद्यालय के सात स्टेशनों में इस प्रशिक्षण कोर्स की कुल 130 सीटें
होगी। जाछ (कांगड़ा), बाजौरा(कुल्लू), शारबो (किन्नौर), मशोबरा (शिमला) में स्थित विश्वविद्यालय के
क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्रों और औदयानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, नेरी (हमीरपुर) में
20-20 सीटें होगी। सिरमौर के धौलाकुआं में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र और चंबा के कृषि
विज्ञान केंद्र में इस प्रशिक्षण कोर्स की 15-15 सीटें होगी।

इस कार्यक्रम के लिए उम्मीदवार ने कम से कम दसवीं या समकक्ष स्तर की परीक्षा उतिर्ण की हो, 17 से 30 वर्ष
की आयु का हो और कृषक परिवार से संबंध रखता हो। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र साधारण कागज पर
संबंधित स्टेशनों के सह निदेशकय या कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी के कार्यालय में 8 अगस्त या उससे पहले तक जमा
कर सकते हैं।

साक्षात्कार 19 अगस्त को केंद्र सह निदेशक/ प्रभारी के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। सभी
उम्मीदवारों को यह घोषणा पत्र भी देना होगा कि वे इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएगें। साक्षात्कार के समय
उम्मीदवारों को अपने समस्त प्रमाण पत्र तथा उसकी एक-एक प्रतिलिपि साथ लानी होगी। प्रशिक्षण के दौरान कोई
भता देय नहीं होगा।

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