Connect with us

अन्य खबरे

नगर निगम की दादागिरी से जनता परेशान–फीस से बचने के लिए अब समरहिल सड़क पर वाहन

summer-hill-road-condition

summer-hill-road-condition

चौक सी.पी.डब्ल्यू.डी.का वसूली निगम की
टैक्सी वाले अब चौक पर नहीं — फीस से बचने को समरहिल सड़क पर खड़ी कर रहे हैं गाड़ियां
वाह रे निगम — जहां देखा पर्ची काट दी
मालिक कोई –वसूलकर्ता कोई
शिमला में पहले ही सुविधाओं का अभाव –बढ़ रहें है निगम के भाव —
​​
नगर निगम शिमला की हाल ही कि दादागिरी से आम जनता परेशान है यह बात विकास समिति टूटू के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने प्रैस को दिए एक बयान में कही ! नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि पिछले दिनों निगम ने एडवांस स्टडी चौक पर पार्किंग फीस वसूली के लिए राजेश नागपाल नामक ठेकदार को ठेका दे दिया है जिसके कर्मचारी वहाँ पर टेबल लगा कर रोजाना 20 रुपये से 40 रुपये तक कि प्रति वाहन पार्किंग फीस वसूली कर रहे हैं ! उन्होंने कहा कि समरहिल -टूटू -बालूगंज की ओर से शिमला को आने-जाने वाले ज्यादात्तर व्यक्ति अपनी सुविधानुसार निजी वाहन खड़े कर अक्सर चौड़ा मैदान को से घूमते हुए शिमला की ओर अपने कार्य से निकल जाते थे तथा वापस एच.आर.टी.सी.टैक्सी लेकर इस चौक तक आ जाते थे जिससे न केवल शिमला में भी वाहनो की भीड़ कम रहती है तथा जनता को भी काफी राहत थी !

उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टी से शिमला में टूरिस्टों के घूमने के लिए पहले ही कोई आकर्षित स्थान नहीं है और यदि गलती से एडवांस स्टडी को टूर -ट्रैवलर्ज व्यवसायियों व् टैक्सी चालकों ने इसे मशहूर टूरिष्ट स्पॉट बना दिया तो ऐसे में निगम को पार्किंग वसूली का लालच करना जायज नहीं !
नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि पहले ही एडवांस स्टडी परिसर घूमने का टिकट लगता है तथा यदि पार्किंग फीस वसूली की जायेगी तो इससे पर्यटकों में कमी आयेगी और ज्यादातर टैक्सी चालक इस स्पॉट को दिखाने के लिए नजर अंदाज कर देंगे ! उन्होंने कहा कि जबसे यह फीस वसूली की जाने लगी ज्यादातर टैक्सी चालक अब रोजाना इस पार्किंग फीस से बचने के लिए समरहिल सड़क पर अपनी टैक्सियां खड़ी करने लग गए जिससे चौक तो खाली हो गया परन्तु समरहिल सड़क पर रोजाना ट्रैफिक जाम लगने लग गया है ! नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि आई.टी.आई. होने पर आने जाने वाले छात्रों को भी इन वाहनो के खड़े होने के कारण काफी असुविधा हो रही है और हर समय दुर्घटना का अंदेशा भी बना हुआ है !

अध्यक्ष ने कहा कि नगर निगम सुविधाएं देने के नाम पर कोई विकास कार्य तो नहीं कर रहा है बल्कि बेफिजूल के ऐसे कार्य कर रहा है जिससे जन साधारण को परेशानी हो रही है ! उन्होंने कहा कि ऐसी अवैध रूप से पार्किंग वसूली के लिए सी.पी.आई.एम्. के नेता महापौर संजय चौहान तथा उपमहापौर टिकेन्द्र पंवार जिनके पास निगम की सत्ता है सीधे तौर पर दोषी हैं परन्तु उनके साथ-साथ निगम सदन भी इसके लिए सामूहिक रूप से जिम्मेवार है जो ऐसे प्रस्ताव खारिज करने की जगह पारित करता हैं जिन्होंने जनहित न देखकर ऐसे निगम प्रस्ताव को मंजूरी दी है ! नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यदि बस चले तो नगर-निगम साईकल की पार्किंग फीस भी वसूली करने लग जायेगी परन्तु उपमहापौर खुद साईकल की सवारी करते हैं इसलिए यह फैसला अभी तक लंबित है !

उन्होंने कहा कि यह फैसला जनहित के लिए उचित नहीं है तथा पार्किंग फीस तुरंत बंद की जानी चाहिए ! सी.पी.डब्ल्यू.डी.तथा एडवांस स्टडी प्रशासन से भी तुरन्त निगम पर कार्यवाही करने की मांग की है !

विकास समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से तुरंत अवैध रूप से पार्किंग वसूली करने वालों के टेबल उठाये जाने तथा निगम के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है ! उन्होंने मुख्यमंत्री से भी जनहित में हस्तक्षेप कर ऐसी अवैध वसूली को रोके जाने की मांग की है !

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

Featured

सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

Apple proccurement support price in Himachal PRadesh

शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

Continue Reading

Featured

हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

HP-SAT-abolition-reasons

शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

Continue Reading

अन्य खबरे

नौणी विवि के स्व-रोजगार व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स के लिए 8 अगस्त से पहले करें आवदेन

Vocational Training Course on Horticulture Management 2019 e

सोलन-डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2019-20 सत्र के लिए अपने एक वर्ष के
औदयानिकी प्रबंधन प्रशिक्षण कोर्स (स्व-रोजगार) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य
कृषक परिवार से संबंध रखने वाले युवाओं को फलों,सब्जियों और मशरूम के उत्पादन और मधुमक्खी पालन में
स्वरोजगार बनाने के लिए प्रशिक्षित करना है।

यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 11 सितंबर से विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण स्टेशनों और
कृषि विज्ञान केंद्र में चलाया जाएगा। विश्वविद्यालय के सात स्टेशनों में इस प्रशिक्षण कोर्स की कुल 130 सीटें
होगी। जाछ (कांगड़ा), बाजौरा(कुल्लू), शारबो (किन्नौर), मशोबरा (शिमला) में स्थित विश्वविद्यालय के
क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्रों और औदयानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, नेरी (हमीरपुर) में
20-20 सीटें होगी। सिरमौर के धौलाकुआं में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र और चंबा के कृषि
विज्ञान केंद्र में इस प्रशिक्षण कोर्स की 15-15 सीटें होगी।

इस कार्यक्रम के लिए उम्मीदवार ने कम से कम दसवीं या समकक्ष स्तर की परीक्षा उतिर्ण की हो, 17 से 30 वर्ष
की आयु का हो और कृषक परिवार से संबंध रखता हो। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र साधारण कागज पर
संबंधित स्टेशनों के सह निदेशकय या कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी के कार्यालय में 8 अगस्त या उससे पहले तक जमा
कर सकते हैं।

साक्षात्कार 19 अगस्त को केंद्र सह निदेशक/ प्रभारी के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। सभी
उम्मीदवारों को यह घोषणा पत्र भी देना होगा कि वे इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएगें। साक्षात्कार के समय
उम्मीदवारों को अपने समस्त प्रमाण पत्र तथा उसकी एक-एक प्रतिलिपि साथ लानी होगी। प्रशिक्षण के दौरान कोई
भता देय नहीं होगा।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

Continue Reading

Trending