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कुल्लू: यत्न संस्था ने बिजली महादेव मंदिर क्षेत्र में चलाया सफाई अभियान

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कुल्लू से सड़क द्वारा 10 किलोमीटर तथा 3-4 किलोमीटर पैदल यात्रा कर हम जिस स्थान पर पहुँचते है वह जगह देश वह विदेशों में शिव भगवन के मन्दिर बिजली महादेव के नाम से प्रसिद्ध है।बिजली महादेव का नाम हमारे होठों में आते हे हमारा मन श्रधा वह उत्साह से भर जाता है।हो क्यूँ ना। ये जगह है ही इतनी सुंदर और पवित्र की यहाँ बार-बार आने का मन करता है।यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य कुल्लू वासियों वह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है्‌.. .इसीलिए जो एक बार यहाँ आता है वह बार -बार यहाँ आना चाहता है।

लेकिन पिछले कुछ समय से यहाँ की प्रकृति के साथ जिस प्रकार खिलवाड़ हो रहा है वह बहुत चिंतनीय है।2438 मीटर की ऊँचाई में होने के कारण साफ़ सफाई की वयवस्था हेतु कोई उचित प्रबंधन नहीं है।सावन महीने अगस्त वह सितम्बर महीने में लाखों के हिसाब से देसी वह परदेसी लोग यहाँ आते है।

BijliMahadevClean-Up-Campaign

यत्न द्वारा पिछले साल भी यहाँ एक सफाई अभियान चला के लोगों को जागरूक किया था जिसका काफी सकारात्मक परिणाम देखने को मिला था और स्तिथि काफी बदली थी।हमारी टीम इस बार फिर से इस समस्या पे काम कर रही है .पिछले वर्ष संस्था द्वारा एक रिपोर्ट भी बनाई गई थी जिसे पिछले उपायुक्त अमिताभ अवस्थी जी को सोंपा गया था।उसके बाद उनके बदली होने के बाद नए उपायुक्त शरभ नेगी ने इसपे कुछ करने का आश्वासन दिया था लेकिन उनका भी तबादला हो गया था।नए उपायुक्त राकेश कँवर से भी संस्था का दल 2 बार मिल चूका है लेकिन प्रशासन के और से कोई सहायता संस्था को नहीं मिली।क्यूंकि यह परिसर वह मन्दिर के लिए रास्ता वन से हो कर गुज़रता है इसलिए हमारा एक दल ने वन विभाग के DFO कुल्लू B.L Negi के साथ बैठक की जिसके परिणाम स्वरूप वह स्वयम मन्दिर परिसर गए और वहां उन्होंने मन्दिर कमेटी से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी।परिणाम स्वरुप इस बार भंडारों में प्लास्टिक की प्लेटों की जगह पत्तों की पतलियां इस्तेमाल करेंगे।उन्होंने दुकानदारों के साथ भी बैठक की तथा उन्हें चेतावनी दी यदि गन्दगी इस बार भी इसी तरह फ़ैली तो उनकी अस्थायी दुकानों को बंद करवा दिया जायेगा।पिछली बार से इस बार लोग जागरूक है।हर दुकानदार ने कूड़ेदान लगाया है और सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

BijliMahadev-Kullu

वहां पे किस तरह से साफ सफाई को प्रशासन वह शासन द्वारा ठीक रखा जा सके और जो नहीं गलने सड़ने वाला कूड़ा है उसे किस प्रकार वहां से उठा के लाया जा सके।किस प्रकार लोगों को उनकी जिमेवारी का एहसास दिलाया जा सके।इसके लिए संस्था पिछले वर्ष से प्रयासरत है।इस बार लोगों को यत्न garbage bag बांटें जा रहे है जिसमे वह अपना कूड़ा उठा के ले जा सकें तथा आनन फानन से भी कूड़ा उठा के ले जा सके। पिछले वर्ष के तरह इस बार भी लोगों को जागरूक करने के साथ अस्थायी कुड़ेदानो को लगाया गया है।जिनको खाली करने की व्यवस्था सथानीय युवक मंडल वह संस्था के स्वयमसेवको द्वारा की जायेगी।स्थानीय भाषाओँ में बेनर,पोस्टर तथा पैम्फलेट भी बांटे जा रहे है।इस अभियान में युवाओं को भी जोड़ा जा रहा है।सोशल नेटवर्किंग फेसबुक द्वारा युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में काम करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।अभी तक 100 के करीब युवाओं ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है संस्था के साथ इस काम को करने के लिए। इस पुरे अभियान में लगने वाले सारे खरचे को बिना किसी सरकारी मदद के लोगों से donation के रूप में इकठह करके किया जा रहा है।संस्था सरकार से आने वाले समय में धार्मिक स्थलों विशेषकर जो काफी ऊँचाई पे है के कूड़ा प्रबंधन के लिए विशेष योजना बनाने का अग्रेह करेगी।

यत्न के इस प्रयत्न को आपके समाचार माध्यम द्वारा हम ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाना चाहते है ताकी लोगों में हमारे धार्मिक स्थलो के रास्तों वह हमारी वन संपदाओं को बचाने के लिए जागरूकता आ सके।

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

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नौणी विवि के स्व-रोजगार व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स के लिए 8 अगस्त से पहले करें आवदेन

Vocational Training Course on Horticulture Management 2019 e

सोलन-डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2019-20 सत्र के लिए अपने एक वर्ष के
औदयानिकी प्रबंधन प्रशिक्षण कोर्स (स्व-रोजगार) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य
कृषक परिवार से संबंध रखने वाले युवाओं को फलों,सब्जियों और मशरूम के उत्पादन और मधुमक्खी पालन में
स्वरोजगार बनाने के लिए प्रशिक्षित करना है।

यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 11 सितंबर से विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण स्टेशनों और
कृषि विज्ञान केंद्र में चलाया जाएगा। विश्वविद्यालय के सात स्टेशनों में इस प्रशिक्षण कोर्स की कुल 130 सीटें
होगी। जाछ (कांगड़ा), बाजौरा(कुल्लू), शारबो (किन्नौर), मशोबरा (शिमला) में स्थित विश्वविद्यालय के
क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्रों और औदयानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, नेरी (हमीरपुर) में
20-20 सीटें होगी। सिरमौर के धौलाकुआं में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र और चंबा के कृषि
विज्ञान केंद्र में इस प्रशिक्षण कोर्स की 15-15 सीटें होगी।

इस कार्यक्रम के लिए उम्मीदवार ने कम से कम दसवीं या समकक्ष स्तर की परीक्षा उतिर्ण की हो, 17 से 30 वर्ष
की आयु का हो और कृषक परिवार से संबंध रखता हो। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र साधारण कागज पर
संबंधित स्टेशनों के सह निदेशकय या कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी के कार्यालय में 8 अगस्त या उससे पहले तक जमा
कर सकते हैं।

साक्षात्कार 19 अगस्त को केंद्र सह निदेशक/ प्रभारी के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। सभी
उम्मीदवारों को यह घोषणा पत्र भी देना होगा कि वे इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएगें। साक्षात्कार के समय
उम्मीदवारों को अपने समस्त प्रमाण पत्र तथा उसकी एक-एक प्रतिलिपि साथ लानी होगी। प्रशिक्षण के दौरान कोई
भता देय नहीं होगा।

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