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युवाओं को बेहतर बेहतर शिक्षा, रोज़गार के अवसर उपलब्ध करवाने के प्रति प्रतिबद्ध प्रदेश सरकार

education and employment

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“प्रदेश सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा ए रोज़गार और जीवन में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं”

प्रदेश विश्वविद्यालय के सभागार में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ;एनएसयूआई के 42वें समारोह के अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा कि ने कहा कि विश्वविद्यालय में शांति व पढ़ाई का माहौल बनाए रखने की आवश्यकता है जिसमें सभी छात्रों और छात्र संगठनों को अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अशांति व हिंसा फैलाने से कोई लक्ष्य हासिल नहीं हो सकता बल्कि मिल.जुलकर सभी को अपनी बात प्रशासन के सम्मुख रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के माहौल को किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने दिया जाएगा और शरारती तत्वों से कड़ाई से निपटा जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को विशेष अधिमान दे रही है। प्रदेश सरकार ने अपने चुनावी वायदे को पूरा करते हुए जमा दो तथा इससे अधिक शिक्षित बेरोजगार युवकों को एक हजार रुपये प्रतिमाह की दर से कौशल विकास भत्ता देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। युवाओं को उद्योगों में रोजगार या स्वरोजगार में सक्षम बनाने के लिए उनके कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य में तकनीकी शिक्षा का विस्तार भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सात जिलों में सरकारी क्षेत्र में बहुतकनीकी संस्थान कार्य कर रहे हैं और बाकी पांच जिलों. बिलासपुर,कुल्लू, सिरमौर, किन्नौर तथा लाहौल स्पिति में भी इस वर्ष बहुतकनीकी संस्थान शुरू किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार की दिशा में प्रयासरत है। सरकार ने निर्णय लिया है कि महाविद्यालय स्तर तक पाठ्यक्रमों में बदलाव लाकर इसे स्तरोन्नत किया जाएगा। पाठ्यक्रम इस प्रकार तैयार किए जाएंगे कि विद्यार्थियों को रोज़गार मिलने में सहायता मिल।

उन्होंने कहा कि एनएसयूआई देश का अग्रणी छात्र संगठन है, जिसका गठन वर्ष 1971 में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में हुआ। आज यह संगठन धर्मनिरपेक्षता,समाजवाद, विविधता में एकता और सुशासन के आदर्शांे पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शांति व सद्भाव के पदचिन्हों पर चलती है और पार्टी का यह युवा अग्रणी संगठन भी इसी विचारधारा पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य अध्ययन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ना और युवाओं को राष्ट्रभक्ति से जोड़ना है। उन्होंनेे इस बात पर प्रसन्न्ता व्यक्ति की कि हिमाचल प्रदेश में भी यह संगठन मजबूती से कार्य कर रहा है और हजारों युवा इससे जुड़े हैं।

प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.ए.डी.एन वाजपेयी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह की लगन, मेहनत और साधना युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो रात.दिन प्रदेश और प्रदेशवासियों की सेवा में तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और कुशल नेतृत्व में प्रदेश ने उन्नति के नए आयाम स्थापित किए हैं और उनके मार्गदर्शन में प्रदेश विश्वविद्यालय ने भी विकास की नई ऊंचाइयों को छूआ है।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश प्रभारी निखिल द्विवेदी और संगठन के राज्य अध्यक्ष यदुपति ठाकुर ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग की प्राध्यापक डा.ममता मोक्टा की पुस्तक (ष्ममता की छांव में) का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।

विधायक बम्बर ठाकुर अजय महाजन एवं संजय रतन, विश्वविद्यालय की कार्यकारी समिति के सदस्य एवं पूर्व उप.महापौर हरीश जनारथा , हि.प्र पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया, एएनएसयूआई के पूर्व पदाधिकारी अतुल शर्मा, महेंद्र सतान व देवेंद्र बुशैहरी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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हिमाचल सरकार पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे : कर्मचारी नेता

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया, पूर्व सयुक्त सचिव सेन राम नेगी,पूर्व प्रेस सचिव हरीश गुलेरिया, गैर शिक्षक महासंघ के महासचिव दीप राम शर्मा ,इंदिरागांधी आयुर्विज्ञान मेडिकल कॉलेज के पूर्व महासचिव आत्मा राम शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब जब प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तब तब प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बंद किया गया,जो कि कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी नेताओं ने जयराम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा कभी भी कर्मचारी हितेषी नही रही है।पूर्व में धूमल सरकार ने भी सत्ता में आते ही इसे बंद किया था अब बर्तमान में जयराम सरकार ने भी ऐसा ही किया है।उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रख कर इसे खोला था।इसे खोलने का एक ही उद्देश्य था कि जो सरकार के किसी भी गलत फैंसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र था और उसे जल्द और सस्ता न्याय मिल जाता था।

नेताओं का कहना है कि अब ऐसा नही होगा।किसी भी कर्मचारी को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा जहां पहले ही हजारों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े है।

कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री जयराम से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर पुनर्विचार कर कर्मचारी हित में प्रशसनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करे। इसे उन्हें अपनी किसी भी प्रतिष्ठा का प्रश्न नही बनना चाहिए।

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नौणी विवि के स्व-रोजगार व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स के लिए 8 अगस्त से पहले करें आवदेन

Vocational Training Course on Horticulture Management 2019 e

सोलन-डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2019-20 सत्र के लिए अपने एक वर्ष के
औदयानिकी प्रबंधन प्रशिक्षण कोर्स (स्व-रोजगार) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य
कृषक परिवार से संबंध रखने वाले युवाओं को फलों,सब्जियों और मशरूम के उत्पादन और मधुमक्खी पालन में
स्वरोजगार बनाने के लिए प्रशिक्षित करना है।

यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 11 सितंबर से विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण स्टेशनों और
कृषि विज्ञान केंद्र में चलाया जाएगा। विश्वविद्यालय के सात स्टेशनों में इस प्रशिक्षण कोर्स की कुल 130 सीटें
होगी। जाछ (कांगड़ा), बाजौरा(कुल्लू), शारबो (किन्नौर), मशोबरा (शिमला) में स्थित विश्वविद्यालय के
क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्रों और औदयानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, नेरी (हमीरपुर) में
20-20 सीटें होगी। सिरमौर के धौलाकुआं में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र और चंबा के कृषि
विज्ञान केंद्र में इस प्रशिक्षण कोर्स की 15-15 सीटें होगी।

इस कार्यक्रम के लिए उम्मीदवार ने कम से कम दसवीं या समकक्ष स्तर की परीक्षा उतिर्ण की हो, 17 से 30 वर्ष
की आयु का हो और कृषक परिवार से संबंध रखता हो। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र साधारण कागज पर
संबंधित स्टेशनों के सह निदेशकय या कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी के कार्यालय में 8 अगस्त या उससे पहले तक जमा
कर सकते हैं।

साक्षात्कार 19 अगस्त को केंद्र सह निदेशक/ प्रभारी के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। सभी
उम्मीदवारों को यह घोषणा पत्र भी देना होगा कि वे इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएगें। साक्षात्कार के समय
उम्मीदवारों को अपने समस्त प्रमाण पत्र तथा उसकी एक-एक प्रतिलिपि साथ लानी होगी। प्रशिक्षण के दौरान कोई
भता देय नहीं होगा।

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